
मोहित शर्मा.
AI ForRajasthan: जयपुर। लखनऊ के 'एआई मंथन 2026' में IIT कानपुर के प्रो. अर्नब भट्टाचार्य ने जो बड़ा ऐलान किया, वो राजस्थान के लिए भी सीधा मैसेज है। राजस्थान में हिंदी माध्यम की शिक्षा का बोलबाला है – लाखों छात्र पीएचडी, एमफिल, प्रोजेक्ट रिपोर्ट हिंदी में लिखते हैं, लेकिन व्याकरण और नकल की समस्या आम है। अब IIT कानपुर का वेब-आधारित हिंदी व्याकरण चेकर टूल जल्द लॉन्च होगा, जो इन कमियों को जड़ से खत्म करेगा। खास बात: छत्रपति शाहू जी महाराज यूनिवर्सिटी (कानपुर) के कुलपति ने प्लैगरिज्म चेकर का सुझाव दिया, और IIT कानपुर तैयार है – ज्यादा बजट के साथ हिंदी में नकल पकड़ने वाला AI टूल बनेगा।
राजस्थान के यूनिवर्सिटीज़ (जैसे राजस्थान यूनिवर्सिटी, जयपुर या बीकानेर) भी ऐसे टूल्स की मांग कर रही हैं, क्योंकि UGC नियमों के तहत हिंदी में भी ओरिजिनैलिटी जरूरी है। ये सब भारतजेन AI इकोसिस्टम का हिस्सा है, जिसमें IIT कानपुर के साथ IIT जोधपुर (राजस्थान) भी शामिल है।
IIT जोधपुर कई भारतीय भाषाओं (हिंदी सहित) पर AI रिसर्च कर रहा है, जैसे OCR टेक्नोलॉजी जो 13 भाषाओं में टेक्स्ट पढ़ सकती है। राजस्थान सरकार की AI पॉलिसी और 10 लाख युवाओं को ट्रेनिंग देने की योजना से ये टूल सीधे जुड़ेगा– जयपुर, जोधपुर, उदयपुर के छात्रों को देसी AI से हिंदी लिखना आसान, सटीक और नकल-मुक्त मिलेगा। राजस्थान के छात्रों के लिए ये ऐतिहासिक कदम है। अब विदेशी टूल्स पर निर्भरता कम होगी, हिंदी डिजिटल दुनिया में और मजबूत बनेगी।
IIT जोधपुर कई भारतीय भाषाओं पर AI रिसर्च कर रहा है, और ये काफी मजबूत और प्रैक्टिकल काम है। मुख्य रूप से Vision, Language and Learning Group (VL2G) के तहत, प्रो. आनंद मिश्रा (Department of Computer Science and Engineering) की लीडरशिप में ये काम हो रहा है। IIT जोधपुर ने बाइलिंगुअल टीचिंग भी शुरू की है (हिंदी इंग्लिश में BTech क्लासेस), और AI से मदर टंग बेस्ड लर्निंग को प्रमोट कर रहा है। ये भारतजेन AI जैसे बड़े इकोसिस्टम से जुड़ा नहीं है (भारतजेन मुख्यतः IIT बॉम्बे लीड है), लेकिन Bhashini और अन्य इंडियन लैंग्वेज AI प्रोजेक्ट्स में योगदान दे रहा है। ये रिसर्च राजस्थान के लिए भी खास है क्योंकि लोकल भाषाओं (जैसे राजस्थानी/मारवाड़ी डायलेक्ट्स) को भविष्य में एक्सटेंड करने की संभावना है, और राज्य की AI पॉलिसी से जुड़ सकता है।
IIT कानपुर के प्रो. अर्नब भट्टाचार्य भारतजेन कंसोर्टियम में शामिल। IIT जोधपुर (राजस्थान) भी पार्टनर। भाषा AI पर रिसर्च कर रहा है। राजस्थान AI इम्पैक्ट कॉन्फ्रेंस 2026 में IIT जोधपुर का बड़ा योगदान। हिंदी/भारतीय भाषाओं के लिए मॉडल डेवलपमेंट। राज्य सरकार की AI स्किल ट्रेनिंग योजना में IIT कानपुर के टूल्स को इंटीग्रेट करने की संभावना। जयपुर में पैन-IIT समिट (2025) के बाद राजस्थान AI हब बन रहा। ये टूल छात्रों-शोधकर्ताओं को आत्मनिर्भर बनाएगा।
Published on:
31 Jan 2026 02:32 pm
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
