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Jaipur: टॉप- 10 वांटेड 25 हजार का इनामी मादक पदार्थ तस्कर कंवरलाल नाम बदलकर निजी अस्पताल में था भर्ती, ANTF पहुंची तो उड़े होश

ANTF's Silver Jubilee operation: जयपुर। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने गठन के बाद अपनी 25वीं बड़ी कार्रवाई करते हुए राज्य के टॉप-10 में शामिल कुख्यात मादक पदार्थ तस्कर कंवरलाल को गिरफ्तार किया है।

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25 हजार रुपए का इनामी तस्कर कंवरलाल अरेस्ट, पत्रिका फोटो

25 हजार रुपए का इनामी तस्कर कंवरलाल अरेस्ट, पत्रिका फोटो

ANTF's Silver Jubilee operation: जयपुर। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने गठन के बाद अपनी 25वीं बड़ी कार्रवाई करते हुए राज्य के टॉप-10 में शामिल कुख्यात मादक पदार्थ तस्कर कंवरलाल को गिरफ्तार किया है। आइजी विकास कुमार ने बताया कि आरोपी को उदयपुर के एक निजी अस्पताल से पकड़ा गया, जहां वह छद्म नाम से इलाज करवा रहा था।

यह कार्रवाई एएनटीएफ के ऑपरेशन की सिल्वर जुबली मानी जा रही है। उन्होंने बताया कि, चार साल से फरार आरोपी कंवरलाल पुत्र ओंकारलाल, निवासी सांगरिया, चित्तौड़गढ़ को गिरफ्तार किया गया है। कंवरपाल की गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित गया था।

मारवाड़- मेवाड़ का बड़ा सप्लायर

आइजी ने बताया कि आरोपी कंवरलाल पूरे मारवाड़ और मेवाड़ क्षेत्र में अफीम और डोडा चूरा की तस्करी का प्रमुख सूत्रधार था। वह मध्यप्रदेश के नीमच- मंदसौर क्षेत्र से मादक पदार्थ मंगवाकर अपने ठिकानों पर भंडारण करता और वहां से राजस्थान के विभिन्न जिलों में सप्लाई करता था। कई छोटे तस्कर सीधे उसी से माल लेते थे।

अस्पताल से गिरफ्तारी की पटकथा

मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक डील के दौरान हुई सड़क दुर्घटना में कंवरलाल के पैरों में चोट आई है और वह इलाज के लिए उदयपुर आने वाला है। इसके बाद एएनटीएफ टीम ने उदयपुर और चित्तौड़गढ़ के अस्पतालों की निगरानी शुरू की। जांच में सामने आया कि आरोपी जेपी अस्पताल में ‘दिनेश’ के नाम से इलाज करवा रहा है। एम्बुलेंस की गतिविधियों पर नजर रखते हुए टीम ने अस्पताल में दबिश दी और पट्टियां बदलवाते समय कंवरलाल को गिरफ्तार कर लिया।

पहचान छिपाने में था माहिर

कंवरलाल ग्राहकों को कभी सीधे अपने गोदाम नहीं ले जाता था। वह ढाबे पर मिलकर खुद वाहन चलाकर माल भरवाता और लौट आता था। कई लोगों को उसने अपना नाम दिनेश और रमेश बताया हुआ था, जिससे उसकी असली पहचान छिपी रही। फरारी के दौरान वह दूर रहकर परिजन के जरिये ग्राहकों से सौदे तय करता था।

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