
जयपुर। राजस्थान में आर्गन ट्रांसप्लांट मामले में एक के बाद एक नामी अस्पताल फंसते जा रहे है। जहां पर फर्जी तरीके से लोगों के किडनी, लिवर व अन्य अंग निकाले गए है। राजधानी जयपुर में अब तक तीन बड़े निजी अस्पतालों के आर्गन ट्रांसप्लांट के रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिए गए है। वहीं अब भी जयपुर में कई बड़े अस्पताल जांच के दायरे में है। जिनके भी रजिस्ट्रेशन रद्द किए जा सकते है। इसके अलावा आर्गन ट्रांसप्लांट के इस खेल में अब प्रदेश के कई बड़े अस्पताल भी शामिल हो सकते है।
चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से अब मणिपाल अस्पताल का रजिस्ट्रेशन रद्द किया गया है। इससे पहले फोर्टिस अस्पताल और ईएचसीसी अस्पताल के आर्गन ट्रांसप्लांट का रजिस्ट्रेशन रद्द किया गया था।
जयपुर पुलिस आज डॉक्टर्स से कराएगी आमना—सामना..
आर्गन ट्रांसप्लांट मामले में जयपुर पुलिस की ओर से चार बांग्लादेशी नागरिको प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार कर जयपुर लाया गया है। जिनसे रिमांड पर पूछताछ की जा रही है। पुलिस की ओर से अब कल इन आरोपियों को फिर से कोर्ट में पेश किया जाएगा। इससे पहले आज पुलिस इन आरोपियो को और डॉक्टर्स व अन्य स्टॉफ को आमने सामने बैठाकर पूछताछ करेगी। पुलिस मालूम करेगी कि जयपुर में अंगों के खरीदने बेचने के गिरोह में कौन कौन शामिल है।
विदेशों से लाए गए, जयपुर में निकाले गए अंग..
बता दें कि गिरफ्तार आरोपियों में नुरुल इस्लाम (57), मेहंदी हसन (24), मोहम्मद अहसानुल (32) और मोहम्मद आज़ाद हुसैन (30) हैं। चारों के अंगों का प्रत्यारोपण जयपुर स्थित अस्पतालों में किए थे। जिनसे पुलिस पूछताछ कर रही है। इन आरोपियों ने हरियाणा पुलिस को जांच में बताया कि इस गिरोह में रांची निवासी मुर्तजा अंसारी सहित कई दलाल शामिल है। जिन्होंने इन्हें अंग बेचने का लालच दिया। जिसके बाद इन्हें पासपोर्ट बनाकर कोलकात्ता, गुरुग्राम या अन्य शहरों में लाया गया और जयपुर के अस्पतालों में इनके अंग निकाले गए। वहीं पुलिस इस गिरोह में शामिल फरार दलालों की भी तलाश कर रही है।
राजद के कई बड़े नेता और तेजश्री यादव की पत्नी ने कहा था कि बिहार में खेल होना अभी बाकि है। ऐसा होने के डर से ही नीतीश कुमार ने अपने विधायकों को फ्लोर टेस्ट से पहले विधानसभा के नजदीक चाणक्य होटल में रात को रुकवाया।

क्या आपको लगता है कि यह टैरिफ भारत की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करेगा?

लव सोनकर
लव सोनकर - 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई संस्थानों में अपना योगदान दि है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता ए...और पढ़ें...
संबंधित विषय:
Published on:
25 Apr 2024 10:51 am

टिप्पणियाँ (0)
टिप्पणियाँ (0)