
Food Security Scheme: जयपुर. खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने विधानसभा में स्पष्ट किया राजस्थान में खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत कोई भी पात्र व्यक्ति लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में संचालित “गिव-अप अभियान” देश का दूसरा ऐसा अभिनव मॉडल है, जिसे अन्य राज्यों द्वारा भी अपनाया जा रहा है।
मंत्री ने बताया कि अब तक 54 लाख 49 हजार 778 नागरिकों ने स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा योजना से अपना नाम हटाया है। अकेले बाड़मेर जिले से 1 लाख 56 हजार 654 लोगों ने गिव-अप किया है। इसके परिणामस्वरूप जरूरतमंद पात्र परिवारों को योजना में शामिल करने की प्रक्रिया तेज हुई है।
उन्होंने जानकारी दी कि 26 जनवरी 2025 को पोर्टल खोले जाने के बाद एक वर्ष की अवधि में बाड़मेर जिले में 3 लाख 8 हजार 429 नए पात्र लाभार्थियों के नाम जोड़े गए हैं, जो गिव-अप करने वालों की संख्या से लगभग दोगुना है। शिव विधानसभा क्षेत्र में 43,042 लोगों ने स्वेच्छा से योजना छोड़ी, जबकि 82 हजार से अधिक नए नाम जोड़े गए। वर्तमान में प्रदेशभर में लगभग 11 लाख स्थान रिक्त हैं, जिन पर पात्र व्यक्ति आवेदन कर सकते हैं।
| तथ्य | विवरण |
|---|---|
| स्वेच्छा से योजना छोड़ने वाले नागरिक | 54.49 लाख |
| बाड़मेर जिले से गिव-अप करने वाले | 1.56 लाख |
| एक वर्ष में जुड़े नए पात्र लाभार्थी | 3.08 लाख |
| शिव विधानसभा क्षेत्र में जुड़े नए नाम | 82 हजार से अधिक |
| प्रदेशभर में उपलब्ध रिक्त स्थान | लगभग 11 लाख |
| समावेशन श्रेणी में प्राप्त आवेदन | 1,525 |
| पुनः योजना में शामिल परिवार | 802 |
| जांच प्रक्रिया में लंबित आवेदन | 642 |
| अनिवार्य प्रक्रिया | आधार सीडिंग व ई-केवाईसी |
| पोर्टल पुनः खुलने की तिथि | 26 जनवरी 2025 |
प्रश्नकाल के दौरान विधायक रविंद्र सिंह भाटी के पूरक प्रश्नों के उत्तर में मंत्री ने बताया कि बाड़मेर जिले में योजना से पृथक हुए परिवारों से समावेशन श्रेणी के अंतर्गत 1,525 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 802 परिवारों को पुनः योजना में सम्मिलित किया गया, 81 आवेदन निरस्त किए गए तथा 642 आवेदन जांचाधीन हैं।
मंत्री ने यह भी बताया कि पात्र लाभार्थियों के सत्यापन के लिए आधार सीडिंग और ई-केवाईसी की प्रक्रिया तेज की गई है। यदि कोई लाभार्थी तीन माह के भीतर ई-केवाईसी पूर्ण नहीं करता है तो नियमानुसार उसका नाम हटाया जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाड़मेर जिले में हटाए गए परिवारों का अलग से सर्वे कराने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। विभागीय आदेश के तहत 26 जनवरी 2025 से पोर्टल पुनः खोल दिया गया है, ताकि नए वंचित पात्र परिवार योजना से जुड़ सकें।
Published on:
29 Jan 2026 09:16 pm
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