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मन में हलचल तो ग्रैटीट्यूड ट्री पर लिखकर बांधेंगे कर्मचारी, दफ्तर में होंगी खुशियों की जड़े मजबूत

जयपुर। गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने औपचारिक कार्यक्रमों से अलग हटकर एक मानवीय और संवेदनशील पहल की शुरुआत की है। स्वास्थ्य भवन परिसर में ‘ग्रैटीट्यूडट्री’ की स्थापना कर यह संदेश दिया गया कि स्वस्थ समाज की नींव केवल नीतियों और योजनाओं से नहीं, बल्कि सकारात्मक सोच और मानसिक […]

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जयपुर

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Vikas Jain

Jan 27, 2026

जयपुर। गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने औपचारिक कार्यक्रमों से अलग हटकर एक मानवीय और संवेदनशील पहल की शुरुआत की है। स्वास्थ्य भवन परिसर में ‘ग्रैटीट्यूडट्री’ की स्थापना कर यह संदेश दिया गया कि स्वस्थ समाज की नींव केवल नीतियों और योजनाओं से नहीं, बल्कि सकारात्मक सोच और मानसिक संतुलन से भी मजबूत होती है। स्वास्थ्य भवन से शुरूआत के बाद प्रदेश के अन्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य कार्यालयों में भी ग्रैटीट्यूड ट्री की अवधारणा को अपनाया जाएगा।

इस पहल का शुभारंभ गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ. रविप्रकाश शर्मा, निदेशक आरसीएच डॉ. मधु रतेश्वर और निदेशक एड्स डॉ. सुशील परमार ने किया। ग्रैटीट्यूड ट्री को कार्यालय परिसर में ऐसे स्थान पर लगाया गया है, जहां कर्मचारी अपने अनुभव, आभार और सकारात्मक विचार साझा कर सकें। इस ट्री का मूल उद्देश्य स्वास्थ्य कर्मियों को यह याद दिलाना है कि कृतज्ञता का भाव केवल व्यक्तिगत जीवन ही नहीं, बल्कि कार्यस्थल के वातावरण को भी बेहतर बनाता है। व्यस्त दिनचर्या, काम का दबाव और जिम्मेदारियों के बीच यह पहल कर्मचारियों को क्षणभर ठहरकर सोचने, महसूस करने और सकारात्मक ऊर्जा से जुड़ने का अवसर देती है।

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कृतज्ञता एक अत्यंत प्रभावी भाव है, जो व्यक्ति के मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करता है। इससे सहयोगात्मक माहौल बनता है, आपसी संवाद बेहतर होता है और कार्यशैली में सकारात्मक बदलाव आता है। जब कर्मचारी मानसिक रूप से संतुलित और प्रसन्न होते हैं, तो उनकी कार्यकुशलता और कार्यक्षमता स्वतः बढ़ती है।

डॉ. रविप्रकाश शर्मा, निदेशक जनस्वास्थ्य