
यश दयाल। फाइल फोटो- पत्रिका
जयपुर। बलात्कार के मामले में IPL क्रिकेटर गेंदबाज यश दयाल को हाईकोर्ट से फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है। कोर्ट ने अनुसंधान अधिकारी को तलब किया है। न्यायाधीश प्रवीर भटनागर ने शुक्रवार को यशदयाल की अग्रिम जमानत पर सुनवाई की।
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता चंद्रशेखर शर्मा ने आरोप लगाया कि पीड़िता ने केवल ब्लैकमेल करने की मंशा से मामला दर्ज कराया। वर्ष 2023 में कानपुर की घटना बताई है, तो 2 साल बाद जयपुर के सांगानेर सदर थाना पुलिस ने किस क्षेत्राधिकार के तहत मामला दर्ज किया।
पीड़िता घटना के समय नाबालिग बताकर रिश्तेदार की आइडी से होटल में कमरा बुक कराने की बात कह रही है, लेकिन पुलिस ने रिश्तेदार से पूछताछ नहीं की। यदि पीड़िता के साथ कानपुर में बलात्कार हुआ तो वह प्रार्थी के साथ बाद में अलग-अलग शहरों में क्यों गई। पीड़िता के अधिवक्ता दिवेश शर्मा ने बताया कि पोक्सो कोर्ट 22 दिसंबर 2025 को अग्रिम जमानत खारिज कर चुकी। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद मामले के जांच अधिकारी को 19 जनवरी को कोर्ट में उपस्थित होने के निर्देश दिए।
क्रिकेटर यश दयाल उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। उन्होंने अपनी गेंदबाजी के दम पर आईपीएल में खासा नाम कमाया है। आरसीबी के लिए खेलते हुए उन्होंने अपनी तेज गेंदबाजी से कई मौकों पर प्रभावित किया है। हालांकि इस विवाद का असर उनके करियर पर भी पड़ सकता है। गाजियाबाद में पहले दर्ज हुए मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद यह दूसरा मामला उनके लिए बड़ी चुनौती है।
Updated on:
09 Jan 2026 09:40 pm
Published on:
09 Jan 2026 09:35 pm
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