
द कुलिश स्कूल: फोटो पत्रिका
जयपुर। जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल के आउटरीच प्रोग्राम के अंतर्गत जगतपुरा स्थित द कुलिश स्कूल में शुक्रवार को सेशन आयोजित किया गया। जिसमें स्पीकर के रूप में लेखिका अर्चना सारथ शामिल हुईं। अपनी लेखन यात्रा को साझा करते हुए उन्होंने बताया कि वह किस प्रकार कल्पना और वास्तविक गणितीय तथ्यों का समन्वय कर गणित को रोचक, अर्थपूर्ण और वास्तविक जीवन से जोड़ती हैं। उन्होंने अपनी पुस्तक ‘टेल्स फ्रॉम दी हिस्ट्री ऑफ मैथमेटिक्स’ के बारे में भी बात की। इसके लिए इन्हें वीओडब्ल्यू बुक अवॉर्ड 2019 मिल चुका है।
उन्होंने हिंदू संख्या पद्धति से स्पष्ट और सशक्त संबंध स्थापित कर उसकी महत्ता को रेखांकित किया और प्लेस वेल्यू सिस्टम की जर्नी और उसके क्रांतिकारी प्रभाव को सरल ढंग से समझाया। इससे स्टूडेंट्स को आधुनिक गणित के विकास में इसके महत्व का बोध हुआ। अर्चना ने संग्रहालय भ्रमण के दौरान हुए एक अनुभव का भी उल्लेख किया, जहां उनमें सुमेरियन सभ्यता की एक प्राचीन हड्डी को देखकर गणित की उत्पत्ति को जानने की जिज्ञासा हुई थी।
इसके परिणामस्वरूप उन्होंने विभिन्न सभ्यताओं में गणितीय विचारों के विकास को दर्शाने वाली कहानियां लिखीं। यह सेशन स्टूडेंट्स को कहानियों, इतिहास और वास्तविक जीवन के संदर्भों के माध्यम से गणित को समझने के लिए प्रेरित करने वाला रहा। सेशन के दौरान स्टूडेंट्स ने स्पीकर से विभिन्न प्रश्न भी पूछे। अर्चना अपने उपन्यास ‘बड्र्स ऑफ प्री’ के लिए जानी जाती हैं, जिसे तमिल में ‘इराई’ नामक वेब सीरीज में भी बदला गया। कुलिश स्कूल बच्चों को थ्योरी ही नहीं, बल्कि प्रोफेशनल से रूबरू कराती है।
Published on:
16 Jan 2026 10:11 pm
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