
इन चिकित्सकों की कार्डियक अरेस्ट से मौत (फाइल फोटो)
जयपुर। चिकित्सा के क्षेत्र में राजस्थान के डॉक्टर दुनियाभर के डॉक्टरों से मुकाबला कर रहे हैं और एक से बढ़कर एक गंभीर बीमारियों का इलाज कर रहे हैं। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में एक दर्दनाक विडंबना भी देखने को मिली है। जिन डॉक्टरों ने हजारों मरीजों को नई जिंदगी दी, वही खुद अचानक कार्डियक अरेस्ट के आगे हारते दिखे हैं।
रविवार को सवाई मानसिंह अस्पताल (SMS) के वरिष्ठ जनरल सर्जन और एसोसिएशन ऑफ सर्जन्स ऑफ इंडिया (ASI) राजस्थान के अध्यक्ष डॉ. बी.एल. यादव के आकस्मिक निधन ने पूरे चिकित्सा जगत को हिला दिया। एक दिन पहले ही उनकी टीम ने 18 वर्षीय युवती के पेट से 10 किलो की जटिल गांठ निकालकर ऐतिहासिक सर्जरी की थी। लेकिन अगले दिन जश्न की जगह शोक ने ले ली। जिसने नई जिंदगी दी, उसे मौत ले गई।
डॉ. यादव का जाना कोई अलग घटना नहीं, बल्कि उस चिंताजनक पैटर्न का हिस्सा है जो राजस्थान में पिछले कुछ वर्षों से दिख रहा है। SMS मेडिकल कॉलेज और उससे जुड़े संस्थानों में डॉक्टरों की अचानक मौतें बढ़ी हैं, जिनमें अधिकांश मामलों में कार्डियक अरेस्ट प्रमुख कारण रहा।
करीब 3 साल पहले जयपुर के वरिष्ठ ऑर्थो सर्जन डॉ. सौरभ माथुर बैडमिंटन खेलने के बाद घर लौटे, सीने में दर्द हुआ और अस्पताल ले जाने के बावजूद बचाए नहीं जा सके। इसके पहले फरवरी 2023 में SMS ग्राउंड में क्रिकेट खेलते हुए डॉ. अरुण गर्ग मैदान पर ही गिर पड़े। चार मिनट के भीतर उनकी मौत हो गई। वे रोज तीन किलोमीटर चलते थे, फिट थे, सक्रिय थे।
युवा फिजिशियन डॉ. जितेंद्र की मौत घर पर अचानक अटैक से हुई। डॉ. राजाराम रात को सोए और सुबह मृत पाए गए। एक साइलेंट हार्ट अटैक ने उन्हें बिना चेतावनी के छीन लिया। वहीं जयपुर के जाने-माने शिशु रोग विशेषज्ञ और जेके लोन अस्पताल के अधीक्षक डॉ. आर. के. गुप्ता का निधन 18 मार्च 2023 को SMS अस्पताल में हुआ। 2 फरवरी 2023 को ब्रेन स्ट्रोक आने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जिसके बाद वे कोमा में थे। उन्होंने चिकित्सा क्षेत्र में अपना पूरा जीवन समर्पित किया था।
SMS के ही प्रोफेसर डॉ. नितिन पांडे (49) की रतलाम में संदिग्ध हार्ट अटैक से मौत हुई, जबकि वे क्रिकेट खेलकर खुद को फिट रखते थे। जुलाई में कार्डियोथोरेसिक सर्जन डॉ. अनुज सांगल बाथरूम में बेहोश मिले और तीन दिन बाद चल बसे। मकराना के प्रतिष्ठित AIIMS एलुमनस डॉ. नरेंद्र मीणा भी अचानक कार्डियक अरेस्ट का शिकार बने।
SMS के कार्डियोलॉजी विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. दीपक माहेश्वरी इसके पीछे तीन बड़े कारण बता चुके हैं।
जयपुर में रोजाना बड़ी संख्या में हार्ट अटैक के केस आ रहे हैं, जिनमें कई मरीज 40 साल से कम उम्र के होते हैं। यानी खतरा अब बुज़ुर्गों तक सीमित नहीं रहा है। एक और डरावना सच यह है कि कई मौतें खेलते, दौड़ते या सामान्य गतिविधि करते समय हुईं। इसके पीछे की वजहें- अचानक बढ़ा ब्लड प्रेशर, पहले से मौजूद क्लॉट और हार्ट की असामान्य धड़कनें, जिनका पहले पता ही नहीं चलता।
SMS के गलियारों में आज एक अनकहा सवाल गूंज रहा है। अगर डॉक्टर ही सुरक्षित नहीं, तो मरीज कैसे सुरक्षित होंगे? लेकिन जवाब निराशाजनक नहीं है। विशेषज्ञ अब नियमित कार्डियक स्क्रीनिंग, ईसीजी, 2D-Echo, फैमिली हिस्ट्री ट्रैकिंग और पोस्ट-कोविड फॉलो-अप पर जोर दे रहे हैं। साथ ही जिम में स्टेरॉयड के खिलाफ सख्त जागरूकता अभियान की मांग बढ़ रही है।
डॉ. बी.एल. यादव का जाना सिर्फ एक व्यक्ति का नुकसान नहीं यह चेतावनी है। चेतावनी कि आधुनिक चिकित्सा के देवदूत भी अजेय नहीं हैं, ऐसे में लोगों को अपनी जीवन पद्धति में सुधार लाने की बड़ी आवश्यकता है।
Published on:
01 Feb 2026 10:55 pm
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