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जयपुर, Jun 06, 2026

Manav Suthar : राजस्थान के मानव सुथार को कप्तान शुभमन गिल ने नहीं, इस क्रिकेटर ने पहनाई ‘टेस्ट डेब्यू कैप’, जानें वजह

राजस्थान के श्रीगंगानगर के मानव सुथार ने अफगानिस्तान के खिलाफ किया टेस्ट डेब्यू। कप्तान शुभमन गिल की जगह सीनियर स्पिनर कुलदीप यादव ने पहनाई कैप, जानें इसके पीछे की वजह।

Manav Suthar Test Debut Ind vs Afg Kuldeep Yadav Shubman Gill Rajasthan

Manav Suthar Test Debut- PIC Credit BCCI

राजस्थान के खेल जगत और विशेष रूप से श्रीगंगानगर जिले के लिए शनिवार का दिन सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया है। मरुधरा की मिट्टी से निकले बेहतरीन बाएं हाथ के ऑर्थोडॉक्स स्पिन ऑलराउंडर मानव सुथार ने अफगानिस्तान के खिलाफ मुल्लानपुर (न्यू चंडीगढ़) में शुरू हुए 'वन-ऑफ' टेस्ट मैच में भारतीय क्रिकेट टीम के लिए अपना ऑफिशियल टेस्ट डेब्यू कर लिया है। मैदान पर उतरते ही मानव सुथार भारत की तरफ से टेस्ट खेलने वाले 319वें खिलाड़ी बन गए हैं। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद से ही पूरे राजस्थान के खेल प्रेमियों और उनके पैतृक जिले श्रीगंगानगर में जश्न का माहौल देखा जा रहा है।

मुल्लानपुर के महाराजा यादविंद्र सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में मैच शुरू होने से ठीक पहले जब दोनों टीमों के खिलाड़ी मैदान पर वॉर्म-अप के लिए उतरे, तो भारतीय टीम के हर्डल (खिलाड़ियों का घेरा) से एक बेहद भावुक और खूबसूरत तस्वीर सामने आई। इस मुकाबले में भारतीय टीम की कप्तानी कर रहे शुभमन गिल ने खुद आगे बढ़कर मानव सुथार को टेस्ट डेब्यू कैप नहीं पहनाई, बल्कि उन्होंने यह कैप टीम के सबसे सीनियर और अनुभवी कलाई के स्पिनर कुलदीप यादव के हाथों में सौंप दी। इसके बाद कुलदीप यादव ने पूरे सम्मान के साथ मानव को नीले रंग की भारतीय टेस्ट कैप पहनाकर गले लगाया।

कप्तान ने क्यों नहीं पहनाई टेस्ट कैप? जानिए पुरानी परंपरा

सोशल मीडिया और खेल गलियारों में इस बात को लेकर काफी चर्चा शुरू हो गई कि जब मैदान पर कप्तान शुभमन गिल मौजूद थे, तो उन्होंने अपने हाथों से युवा खिलाड़ी मानव सुथार को यह प्रतिष्ठित कैप क्यों नहीं सौंपी? आपको बता दें कि इसके पीछे किसी भी प्रकार की पाबंदी, आपसी विवाद या मतभेद की कोई बात नहीं है, बल्कि यह पूरी तरह से क्रिकेट जगत की एक बेहद सम्मानित, पुरानी और खूबसूरत परंपरा का हिस्सा है जिसका पालन भारतीय क्रिकेट टीम दशकों से करती आ रही है।

भारतीय ड्रेसिंग रूम के इस अलिखित नियम के अनुसार, जब भी कोई युवा खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहली बार कदम रखता है, तो उसे टीम का कोई पूर्व दिग्गज खिलाड़ी, सीनियर सदस्य या उसी के खेल विभाग का सबसे अनुभवी मुख्य खिलाड़ी कैप सौंपता है। चूंकि मानव सुथार बाएं हाथ के विशेषज्ञ स्पिनर हैं और इस मुकाबले में भारतीय स्पिन आक्रमण की कमान कुलदीप यादव संभाल रहे हैं, इसलिए मुख्य कोच गौतम गंभीर और कप्तान शुभमन गिल ने सर्वसम्मति से कुलदीप को यह जिम्मेदारी सौंपी। यह सीनियर गेंदबाज द्वारा अपने जूनियर साथी को क्रिकेट की विरासत सौंपने और उसका टेस्ट परिवार में एक मार्गदर्शक के रूप में स्वागत करने का पारंपरिक तरीका है।

धोनी, कोहली और अश्विन भी दे चुके हैं जूनियरों को कैप

क्रिकेट के इतिहास में ऐसा पहली बार नहीं हुआ है जब कप्तान ने खुद को पीछे रखकर किसी सीनियर खिलाड़ी को आगे किया हो। खुद वर्तमान कप्तान शुभमन गिल ने जब भारतीय टीम के लिए अपना टेस्ट डेब्यू किया था, तब तत्कालीन कप्तान ने खुद कैप देने के बजाय टीम के सबसे सीनियर खिलाड़ियों को यह अवसर दिया था। भारतीय क्रिकेट में महेंद्र सिंह धोनी, विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे कप्तानों ने हमेशा इस परंपरा को जीवित रखा है।

अतीत में रविचंद्रन अश्विन, रवींद्र जडेजा, चेतेश्वर पुजारा और खुद कुलदीप यादव को भी उनके डेब्यू के समय तत्कालीन कप्तानों के बजाय टीम के अन्य सीनियर दिग्गजों के हाथों कैप दिलवाई गई थी। शुभमन गिल और मुख्य कोच गौतम गंभीर ने मुल्लानपुर टेस्ट में इसी महान खेल भावना और परंपरा का पूरी तरह से सम्मान किया है, जिससे डेब्यू करने वाले खिलाड़ी का आत्मविश्वास और ज्यादा बढ़ जाता है।

15 साल बाद टीम इंडिया में अनोखा संयोग

मानव सुथार के इस टेस्ट डेब्यू के साथ ही भारतीय क्रिकेट में एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव भी दर्ज किया गया है। भारतीय टेस्ट टीम के दो सबसे महान और अनुभवी स्पिनर रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा इस मैच की प्लेइंग-XI का हिस्सा नहीं हैं। भारतीय क्रिकेट इतिहास के अनुसार, नवंबर 2010 के बाद यानी पिछले 15 वर्षों में यह पहला मौका है जब भारतीय टीम इन दोनों स्पिनरों के बिना कोई टेस्ट मैच खेलने मैदान पर उतरी है।

अश्विन और जडेजा के इस लंबे युग के बाद भारतीय स्पिन विभाग में आए इस बड़े ट्रांजिशन फेज के कारण ही 23 वर्षीय मानव सुथार को सीधे भारत की मुख्य प्लेइंग-XI में जगह बनाने का सुनहरा अवसर मिला है। टीम मैनेजमेंट भविष्य की तैयारियों को देखते हुए युवाओं को लंबे प्रारूप में आजमाना चाहता है, और मानव सुथार इस योजना में पूरी तरह फिट बैठते हैं।

दमदार रिकॉर्ड के दम पर मिला टीम इंडिया का बुलावा

भारतीय क्रिकेट के रिकॉर्ड्स के पन्नों को पलटें तो साल 2021 में बाएं हाथ के स्पिनर अक्षर पटेल ने टेस्ट क्रिकेट में अपना पर्दापण किया था। अक्षर पटेल के उस सफल डेब्यू के बाद से लेकर अब तक यानी पिछले 5 सालों में मानव सुथार भारत के पहले ऐसे विशेषज्ञ स्पिनर बन गए हैं, जिन्हें टेस्ट टीम की कैप हासिल हुई है। यह दर्शाता है कि चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट को मानव की फिरकी पर कितना गहरा भरोसा है।

मानव सुथार को भारतीय टीम का यह बुलावा कोई अचानक या किस्मत के भरोसे नहीं मिला है, बल्कि इसके पीछे घरेलू क्रिकेट में उनका सालों का कड़ा परिश्रम और दमदार प्रदर्शन रहा है। राजस्थान के लिए रणजी ट्रॉफी और अन्य घरेलू टूर्नामेंट खेलने वाले 23 वर्षीय मानव ने अब तक खेले गए कुल 29 प्रथम श्रेणी (First-Class) मैचों में अपनी शानदार और किफायती गेंदबाजी के दम पर कुल 129 विकेट चटकाए हैं। उनके इसी बेहतरीन रिकॉर्ड और लगातार विकेट लेने की क्षमता के कारण उन्हें राष्ट्रीय चयनकर्ताओं ने भारतीय टेस्ट टीम के मुख्य स्क्वाड में शामिल किया था।

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