
सांकेतिक तस्वीर, मेटा एआइ
Rail Budget 2026-27: जयपुर। केंद्र सरकार ने रेल बजट में राजस्थान को रिकॉर्ड 10 हजार 228 करोड़ रुपए का आवंटन किया है। यह अब तक का सर्वाधिक रेल बजट बताया जा रहा है। यह राशि गत वर्ष की तुलना में 2.68 लाख रुपए अधिक है। इस बार के बजट में रेलवे की संरक्षा, सुरक्षा, इन्फ्रास्ट्रक्चर के विस्तार और आधुनिकीकरण पर विशेष फोकस किया गया है। इन्फ्रास्ट्रक्चर कार्यों को गति देने के लिए कुल 2.93 लाख करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया गया है।
इस संबंध में सोमवार शाम को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रस्तुत बजट में भारतीय रेलवे के लिए किए गए प्रावधानों की जानकारी दी। रेल मंत्री ने कहा कि राजस्थान एक बड़ा प्रदेश है और यहां 56 हजार करोड़ रुपए से अधिक के रेलवे विकास कार्य प्रगति पर हैं। इनमें अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत स्टेशनों के पुनर्विकास सहित कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल हैं।
रेल मंत्री ने बताया कि वर्तमान रेल बजट 2009-14 की तुलना में 15 गुना से अधिक है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में 99 प्रतिशत विद्युतीकरण पूरा हो चुका है। वर्ष 2014 से अब तक राज्य में रेलवे ट्रैक पर 1514 फ्लाईओवर और अंडरपास बनाए जा चुके हैं। इसके साथ ही करीब 3900 किलोमीटर रेलवे ट्रैक का निर्माण किया गया है, जो डेनमार्क के कुल रेल नेटवर्क से भी अधिक है।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि चल रही सभी रेल परियोजनाओं को तय समय पर पूरा करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी का परिणाम है कि कई परियोजनाएं दो से पांच साल में पूरी हो रही हैं, जिससे जनता को सीधा लाभ मिल रहा है।
उत्तर पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक अमिताभ ने कहा कि बॉर्डर एरिया में रेल कनेक्टिविटी मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कोच मेंटीनेंस के मामले में उत्तर पश्चिम रेलवे जोन अव्वल दर्जे में शामिल हो गया है।जोधपुर में बने स्लीपर वंदेभारत के मेंटीनेंस शेड स्लीपर वंदेभारत ट्रेन के मेंटीनेंस की भी सुविधा है।
ऐसे में संभावित रूप से प्रदेश की पहली स्लीपर वंदेभारत ट्रेन जोधपुर से ही चलाई जाएगी। उन्होंने बताया कि जैसलमेर में पिट का निर्माण कार्य जारी है, जबकि खातीपुरा में मेंटीनेंस डिपो का काम भी तेजी से चल रहा है। जयपुर जंक्शन की सेकेंड एंट्री और गांधीनगर स्टेशन का कार्य दो महीने में शुरू हो जाएगा।
उत्तर पश्चिम रेलवे के जीएम अमिताभ ने बताया कि उत्तर पश्चिम रेलवे जोन में 77 स्टेशनों के पुनर्विकास का काम चल रहा है। इनमें से 5 स्टेशनों का उद्घाटन हो चुका है और 4 स्टेशनों का कार्य पूर्ण हो गया है।
इसके अलावा दो महीने में 10 और स्टेशन तैयार हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026-27 में 250 किलोमीटर रेलमार्ग पर कवच प्रणाली स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने ट्रेनों के संचालन, विकास कार्यों की भी जानकारी दी।
Updated on:
03 Feb 2026 11:43 am
Published on:
03 Feb 2026 07:14 am
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