
जयपुर. पद्मप्रभु दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र बाड़ा पदमपुरा में 18 से 22 फरवरी तक पंचकल्याणक महोत्सव आयोजित होगा। अष्टमी पर इसके मुख्य पाण्डाल का निर्माण कार्य विधि विधान से शुरु हुआ। आचार्य वर्धमान सागर के सान्निध्य और आर्यिका स्वस्ति भूषण की प्रेरणा से यहां विशाल पंडाल और मुख्य द्वार के निर्माण के साथ-साथ अन्य द्वारों, महल, पांडुक शिला और भोजन शाला आदि का निर्माण भी किया जाएगा।
आयोजन समिति के प्रेम चंद छाबड़ा ने बताया कि सर्व प्रथम भगवान पद्म प्रभु को मंगल दीप के साथ श्रीफल समर्पित कर वंदन नमन किया गया। जिसके बाद विद्वान अनिल शास्त्री ने पंडाल के स्थान पर उत्तर पूर्व में विधि विधान से स्वस्तिक पूजन कर निर्माण कार्य शुरु किया। महावीर कसेरा ने बताया कि एक सौ तीस बाय दो सौ तीस फीट का मुख्य पाण्डाल तथा एक सौ तीस बाय चालीस फीट का मुख्य द्वार का निर्माण किया जाएगा।
मंत्री हेमंत सोगानी ने बताया कि फरवरी के प्रथम सप्ताह में आचार्य एवं आर्यिका के संघ का मंगल प्रवेश होगा। उन्होंने ने बताया कि विशेष आयोजन में देश-विदेश से हजारों श्रद्धालुओं की भागीदारी रहेगी। इधर, 5 फरवरी को पद्म प्रभु के मोक्ष कल्याणक की तैयारियां भी क्षेत्र में जोर शोर से चल रही हैं। इस अवसर पर प्रकाश सेठी और विनोद जैन समेत अन्य मौजूद रहे।
Updated on:
27 Jan 2026 09:04 pm
Published on:
27 Jan 2026 09:02 pm
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