
प्रिया सेठ और हनुमान चौधरी, पत्रिका फोटो
Priya-Hanuman wedding: जयपुर में हत्या के मामले में सजा काट रही पाली की प्रिया सेठ और अलवर जिले के बड़ौदामेव निवासी हनुमान चौधरी शादी के बाद बुधवार को पैरोल अवधि पूरी होने पर खुली जेल लौट आए। दोनों को वसंत पंचमी पर विवाह के लिए कोर्ट से 15 दिन की पैरोल मिली थी। निर्धारित अवधि समाप्त होते ही दोनों ने जेल प्रशासन के समक्ष सरेंडर कर दिया।
कोर्ट से पैरोल मिलने के बाद प्रिया सेठ और हनुमान चौधरी ने अलवर के एक होटल में विवाह किया। बताया जा रहा है कि विवाह कार्यक्रम को गोपनीय रखा गया। शुरुआत में परिवार की ओर से जयपुर में शादी होने की जानकारी दी गई थी, लेकिन विवाह अलवर में संपन्न हुआ। समारोह में केवल चुनिंदा रिश्तेदारों को ही आमंत्रित किया गया था। सूत्रों के अनुसार शादी में शामिल लोगों को न तो फोटो खींचने और न ही किसी तरह की जानकारी साझा करने की अनुमति दी गई थी।
गौरतलब है कि प्रिया सेठ और हनुमान चौधरी दोनों अलग-अलग हत्या के मामलों में सजा काट रहे हैं। जयपुर की खुली जेल में रहने के दौरान उनकी मुलाकात हुई, जो आगे चलकर बातचीत और फिर प्रेम संबंध में बदल गई। करीब छह महीने तक संपर्क में रहने के बाद दोनों ने विवाह का निर्णय लिया।
हनुमान प्रसाद और प्रिया सेठ दोनों ही हत्या मामले में दोषी हैं और वर्तमान में आजीवास कारावास की सजा काट रहे हैं।
हनुमान प्रसाद ने अपनी शादीशुदा प्रेमिका के साथ मिलकर उसके पति और तीन बच्चों समेत 5 लोगों की निर्मम हत्या कर दी थी। इसी मामले में हनुमान प्रसाद भी उसी जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है, जिसमें प्रिया सजा काट रही है।
हनुमान प्रसाद को एक शादीशुदा महिला संतोष उर्फ संध्या से प्यार था, जो तीन बच्चों की मां थी। इसकी जानकारी जब महिला के पति बनवारी को हुई तो उसने विरोध जताया। मामला खुलने के बाद हनुमान प्रसाद ने अपनी शादीशुदा प्रेमिका के साथ मिलकर उसके पति बनवारी को रास्ते से हटाने का फैसला किया। आखिरकार दोनों ने मिलकर बनवारी, तीनों बच्चों और पास में सो रहे संध्या के बहन के एक बच्चे की निर्मम हत्या कर दी। इस जघन्य हत्याकांड में दो अन्य अपराधियों को भी शामिल किया गया था।
प्रिया सेठ ने अपने पहले प्रेमी प्रेमी दीक्षांत कामरा के साथ मिलकर टिंडर ऐप पर कारोबारी दुष्यंत शर्मा को फंसाने और फिरौती के लिए हत्या कर और शव फेंकने का आरोप है। कोर्ट में आरोपी साबित होने पर कोर्ट ने उसे आजीवान कारावास की सजाई सुनाई। प्रिया और हनुमान प्रसाद की नजदीकी ओपन जेल में बढ़ गई। हाईकोर्ट से पैरोल मिलने के बाद दोनों ने अलवर जिले में हनुमान प्रसाद के पैतृक घर पर शादी रचाई है।
Updated on:
06 Feb 2026 08:17 am
Published on:
06 Feb 2026 06:57 am
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