
Rajasthan Budget 2026 (Patrika Photo)
Rajasthan Budget: राजस्थान बजट में जयपुर के लिए करीब 3000 करोड़ रुपए की घोषणाएं की गई हैं। यह सिर्फ रुपयों का आंकड़ा मात्र नहीं है। बल्कि भविष्य का सपना भी है, जिसे साकार करने के लिए अथक मेहनत और अपार इच्छाशक्ति की आवश्यकता है।
स्वास्थ्य, ट्रैफिक, ड्रेनेज और सड़क ढांचे पर बड़े प्रोजेक्ट्स प्रस्तावित हैं। घोषणाएं धरातल पर उतरी और समयबद्ध तरीके से पूरी हुईं तो शहरवासियों के वारे न्यारे हो जाएंगे और लेटलतीफी का शिकार हुईं तो परेशानी होना तय है। कई प्रोजेक्ट की फिजीबिलटी रिपोर्ट बनेगी। रिपोर्ट में हां होने के बाद डीपीआर बनना शुरू होगी।
पिछली बजट घोषणाओं पर गौर करें तो 1100 करोड़ रुपए की एलिवेटेड रोड निरस्त हुई। यही हाल कलक्ट्रेट सर्कल से राजमहल पैलेस तक और झोटवाड़ा-खातीपुरा के बीच बनने वाली एलिवेटेड रोड का भी हुआ। एक्सपर्ट मानते हैं कि इन योजनाओं का क्रियान्वयन आसान नहीं है। वित्तीय और प्रशासनिक चुनौतियों के साथ-साथ भौगोलिक स्थिति पर भी प्रोजेक्ट की सफलता निर्भर करती है।

स्वास्थ्य ढांचे की जरूरत से इंकार नहीं, लेकिन मास्टर प्लान और ट्रैफिक इम्पैक्ट स्टडी के बिना विस्तार भविष्य में अव्यवस्था बढ़ा सकता है।
सेवापुरा में 125 करोड़ का सॉलिड वेस्ट निस्तारण प्लांट बनाया जाएगा। इसकी क्षमता 500 टन प्रतिदिन है। इसका उद्देश्य कचरे का निस्तारण करना है। इसके लिए जमीन अधिग्रहण और पर्यावरणीय मंजूरी मिलना आसान नहीं होगा। अभी जो प्लांट चल रहे हैं, इनको शुरू करने में कई वर्ष लग गए।
एक्सपर्ट की राय: प्लांट जरूरी हैं। इसके लिए समयबद्ध तरीके से काम करने की जरूरत है। तभी उपयोगिता है।


चिकित्सीय सुविधाओं में विस्तार अच्छी बात है। आईपीडी टावर बनाने के लिए पर्याप्त जगह के साथ-साथ लोगों की आवाजाही और उनकी गाड़ियों के पार्किंग की जगह भी होनी चाहिए। एसएमएस अस्पताल में बन रहे टावर में भी कई तरह की समस्याएं आ रही हैं। ड्रेनेज सिस्टम पर शहर में बड़े काम की जरूरत है। इसके लिए समयबद्ध तरीके से काम शुरू करना होगा।
-चंद्रशेखर पाराशर, सेवानिवृत्त, नगर नियोजक
घरों से निकलने वाले कचरे का निस्तारण बहुत जरूरी है। पुराने प्लांट को शुरू करने अनुभव जयपुर के लिए अच्छा नहीं रहा है। कचरा निस्तारण बहुत जरूरी है। जयपुर में अब भी कचरे के पहाड़ बने हुए हैं। इनको समय रहते हटाने की जरूरत है। प्लांट जितनी जल्दी बनेगा, शहर को उसका फायदा मिलना शुरू हो जाएगा।
-विवेक एस अग्रवाल, ठोस कचरा प्रबंधन के जानकार
राजद के कई बड़े नेता और तेजश्री यादव की पत्नी ने कहा था कि बिहार में खेल होना अभी बाकि है। ऐसा होने के डर से ही नीतीश कुमार ने अपने विधायकों को फ्लोर टेस्ट से पहले विधानसभा के नजदीक चाणक्य होटल में रात को रुकवाया।

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लव सोनकर
लव सोनकर - 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई संस्थानों में अपना योगदान दि है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता ए...और पढ़ें...
Published on:
15 Feb 2026 09:50 am

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