
राजस्थान विधानसभा में बजट पेश करतीं वित्त मंत्री दिया कुमारी। फोटो: पत्रिका
जयपुर। जनजाति परिवारों के लिए राजस्थान सरकार ने बड़ी पहल करते हुए घी और तेल वितरण की व्यवस्था में अहम बदलाव किया है। अब राशन वितरण की जगह महिला मुखिया के बैंक खाते में हर महीने 1200 रुपए डाले जाएंगे। इस नई व्यवस्था से प्रदेश के करीब 38,000 जनजाति परिवारों को लाभ मिलेगा।
बजट घोषणा को दौरान वित्त मंत्री दिया कुमारी ने कहा कि घी और तेल वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए अब सहरिया-कथौड़ी परिवारों को राशन के बजाय महिला मुखिया के खाते में 1200 रुपए प्रति माह जमा किए जाएंगे। इससे 38,000 परिवार लाभान्वित होंगे। साथ ही श्रमिकों के लिए क्रांतिकारी 'श्रम सेतु मोबाइल ऐप' लॉन्च होगा।
श्रम सेतु मोबाइल ऐप के जरिए डिजिटल लेबर चौक की सुविधा मिलेगी। श्रमिक अपना रजिस्ट्रेशन, पहचान पत्र और रोजगार की मांग-आपूर्ति घर बैठे कर सकेंगे। कल्याणकारी योजनाओं का भुगतान भी ऑनलाइन होगा।
पालनहार योजना के लाभार्थी बच्चों को अब स्कूल के बाद उच्च शिक्षा और उनकी रुचि के अनुसार प्रोफेशनल ट्रेनिंग के विकल्प मुहैया कराए जाएंगे। वन संपदा को बढ़ावा देने और स्थानीय रोजगार के लिए बांसवाड़ा और उदयपुर जिला मुख्यालयों पर 'माइनर फॉरेस्ट प्रोसेसिंग सेंटर' स्थापित किए जाएंगे।
शहीद सैनिकों की बेटियों की स्कॉलरशिप को बढ़ाकर 2000 रुपए सालाना किया गया है। 10 वीं और 12 वीं के मेधावी छात्रों को लैपटॉप के लिए ई वाउचर के माध्यम से 20 हजार तक की सहायता दी जाएगी। जोधपुर में मेजर शेतान सिंह कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्र खुलेगा।इंटीग्रेटेड सैनिक कॉम्प्लेक्स बनाए जाएंगे। जोधपुर, टोंक, शेरगढ़ में पहले फेज में इनका निर्माण होगा।
Updated on:
11 Feb 2026 01:59 pm
Published on:
11 Feb 2026 01:33 pm
