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अब ‘क्रिश्चियन’ गंज नहीं… ‘कृष्ण’ गंज कहिए, राजस्थान में क्यों बदल दिया गया इस महत्वपूर्ण इलाके का नाम?

राजस्थान में ‘सांस्कृतिक पुनर्जागरण’ का दौर जारी है। अजमेर उत्तर से विधायक और वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के प्रयासों से गृह विभाग ने अजमेर के क्रिश्चियन गंज पुलिस थाना और पुलिस चौकी का नाम बदलकर ‘कृष्ण गंज’ करने की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। यह निर्णय केवल एक प्रशासनिक फेरबदल नहीं है, बल्कि […]

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राजस्थान में 'सांस्कृतिक पुनर्जागरण' का दौर जारी है। अजमेर उत्तर से विधायक और वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के प्रयासों से गृह विभाग ने अजमेर के क्रिश्चियन गंज पुलिस थाना और पुलिस चौकी का नाम बदलकर 'कृष्ण गंज' करने की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। यह निर्णय केवल एक प्रशासनिक फेरबदल नहीं है, बल्कि इसे औपनिवेशिक मानसिकता (Colonial Mindset) के प्रतीकों को हटाकर भारतीय मूल्यों को स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

क्यों बदला गया नाम?

क्रिश्चियन गंज क्षेत्र अजमेर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसकी आबादी लगभग 1.50 लाख है। क्षेत्रवासी लंबे समय से इस नाम को बदलने की मांग कर रहे थे। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी का मानना है कि 'कृष्ण' नाम भारतीय सनातन संस्कृति, प्रेम, नीति और राष्ट्र की आत्मा का प्रतीक है। इस परिवर्तन से न केवल क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान सशक्त होगी, बल्कि स्थानीय लोगों को अपनी जड़ों से जुड़ने का गौरव भी महसूस होगा।

सरकारी रिकॉर्ड में तुरंत होगा बदलाव

गृह विभाग के महानिरीक्षक दीपक कुमार द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, अब पुलिस अभिलेखों, साइन बोर्डों, सरकारी दस्तावेजों और आधिकारिक संचार के सभी माध्यमों में 'क्रिश्चियन गंज' के स्थान पर 'कृष्ण गंज' अंकित किया जाएगा। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि क्षेत्र के सभी सरकारी भवनों पर लगे बोर्डों को जल्द से जल्द बदला जाए ताकि आमजन में भ्रम की स्थिति न रहे।

कानून-व्यवस्था की दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र

कृष्ण गंज थाना क्षेत्र अजमेर के सबसे बड़े और महत्वपूर्ण इलाकों में से एक है। इसकी सीमाओं में कई किलोमीटर का वृहद क्षेत्र आता है और यह सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील और सक्रिय थाना माना जाता है। डेढ़ लाख की आबादी को सुरक्षा देने वाले इस थाने का नाम बदलना शहर के सामाजिक ताने-बाने पर गहरा प्रभाव डालेगा।

'अजयमेरू' मिशन: अब तक क्या-क्या बदला?

विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने शहर की ऐतिहासिक पहचान और विभूतियों को सम्मान दिलाने के लिए एक लंबी सूची तैयार की है। क्रिश्चियन गंज से पहले भी कई महत्वपूर्ण स्थानों के नाम बदले जा चुके हैं:

  • वरूण सागर: गुलामी के प्रतीक 'फॉयसागर' झील का नाम बदलकर अब वरूण सागर कर दिया गया है।
  • महर्षि दयानंद विश्रांति गृह: ऐतिहासिक 'किंग एडवर्ड मेमोरियल' को अब स्वामी दयानंद सरस्वती के नाम पर महर्षि दयानंद विश्रांति गृह के रूप में नई पहचान मिली है।
  • होटल अजयमेरू: आरटीडीसी के प्रसिद्ध 'होटल खादिम' का नाम बदलकर अब होटल अजयमेरू किया जा चुका है।
  • रामसेतु: अजमेर के एलीवेटेड रोड का नामकरण ‘रामसेतु’ कर सनातन संस्कृति का जयघोष किया गया।

'गुलामी की मानसिकता से मुक्ति'

वासुदेव देवनानी ने कहा कि यह पहल भविष्य में भी जारी रहेगी। उनका लक्ष्य है कि अजमेर (अजयमेरू) की पहचान उसके महान व्यक्तित्वों, ऋषियों और ऐतिहासिक गौरव से जुड़ी हो, न कि विदेशी आक्रांताओं या ब्रिटिश हुकूमत के थोपे गए प्रतीकों से। उन्होंने इसे 'आत्मगौरव की पुनर्स्थापना' बताया है।

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