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राजस्थान में IAS भारती दीक्षित और आशीष मोदी का तलाक, हाईकोर्ट ने रद्द की FIR, पत्नी ने लगाए थे गंभीर आरोप

राजस्थान हाईकोर्ट ने IAS भारती दीक्षित की ओर से पति आशीष मोदी के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द कर दिया। पारिवारिक न्यायालय में 15 दिसंबर 2025 को आपसी सहमति से तलाक और समझौते के आधार पर राहत मिली। कोर्ट ने उच्च पदस्थ अधिकारियों को परिपक्वता व संयम से विवाद सुलझाने की नसीहत दी।

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जयपुर

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Arvind Rao

Feb 11, 2026

Rajasthan IAS Couple Divorce

आशीष मोदी और भारती दीक्षित (फोटो- पत्रिका)

जयपुर: राजस्थान हाईकोर्ट ने भारती दीक्षित की ओर से आशीष मोदी के खिलाफ पिछले साल दर्ज कराई एफआईआर को रद्द कर दिया। पारिवारिक न्यायालय में आपसी सहमति से दोनों का तलाक मंजूर करने के बाद दोनों का समझौता होने के आधार पर कोर्ट ने आशीष मोदी को यह राहत दी।

बता दें कि दोनों भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं। न्यायाधीश अनिल उपमन ने मंगलवार को मोदी और अन्य की उस याचिका को मंजूर कर लिया, जिसमें उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द करने का आग्रह किया था।

आदेश में खुलासा हुआ कि 15 दिसंबर, 2025 को आपसी सहमति से दोनों का तलाक हो गया। एफआईआर में आशीष मोदी पर पति रहते धमकाने और मारपीट सहित कई आरोप थे। दीक्षित की ओर से कोर्ट में कहा कि अपनी बेटी, सामाजिक स्थिति व पद की गरिमा देखते हुए मोदी से समझौता किया।

लेकिन सुरेन्द्र विश्नोई और आशीष शर्मा से समझौता नहीं चाहती। इन दोनों पर अपराध में साथ देने व धमकाने, अपहरण व अवैध हिरासत में रखने के आरोप थे। कोर्ट ने कहा कि पति से समझौता हो गया और सह आरोपियों के खिलाफ अलग मुकदमा नहीं है। इस कारण केस नहीं चल सकता।

कोर्ट ने दी नसीहत

कोर्ट ने कहा कि उच्च पदों पर आसीन ऐसे व्यक्तियों से उच्च स्तर की परिपक्वता व संवेदनशीलता दिखाने और संयम व दूरदर्शिता के साथ वैवाहिक विवादों का समाधान करने की अपेक्षा रहती है। दुर्भाग्य से इस मामले में ऐसा नहीं रहा, लेकिन विवादों का सौहार्दपूर्ण निपटारा होने से एफआईआर व उससे जुड़ी कार्रवाई रद्द की जाती है।

क्या था मामला: महिला IAS ने पति पर लगाए थे गंभीर आरोप

राजस्थान में सीनियर नौकरशाह दंपती से जुड़ा विवाद सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई थी। साल 2014 बैच की आईएएस अधिकारी और वर्तमान में वित्त विभाग में संयुक्त सचिव पद पर कार्यरत 38 वर्षीय भारती दीक्षित ने अपने पति एवं समाज कल्याण विभाग के निदेशक आशीष मोदी के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए जयपुर के एसएमएस थाना क्षेत्र में एफआईआर दर्ज कराई थी। उन्होंने प्रताड़ना, धमकी, जबरन कैद और निगरानी जैसे आरोप लगाते हुए पुलिस सुरक्षा की मांग की थी।

एफआईआर में भारती दीक्षित ने आरोप लगाया कि उनके पति अक्सर शराब के नशे में उन्हें धमकाते थे और लगातार तलाक के लिए दबाव बनाते थे। उन्होंने यह भी कहा कि उनके पिता के कैंसर से जूझने के दौरान उनकी भावनात्मक स्थिति का फायदा उठाकर शादी की गई।

महिला अधिकारी का दावा था कि अक्टूबर में पति ने एक साथी के साथ मिलकर उन्हें कमरे में बंद कर दिया और तलाक की मांग की। इस दौरान कथित तौर पर बंदूक दिखाकर डराया गया और फोन पर किसी को सूटकेस व शूटर तैयार रखने की बात कही गई।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके मोबाइल डिवाइस को अन्य उपकरणों से लिंक कर उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जाती थी। साथ ही पति पर कई महिलाओं से संबंध होने और धमकियां देने के आरोप भी लगाए। भारती ने यह भी दावा किया कि आशीष मोदी ने राजस्थान कैडर पाने के लिए उनसे शादी की थी और बाद में उनका व्यवहार आक्रामक हो गया।