
फाइल फोटो पत्रिका
Rajasthan : महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत राज्य के लंबित सामग्री मद भुगतान के लिए केंद्र सरकार द्वारा 827.86 करोड़ रुपए की नई किश्त जारी की गई है। यह राशि ग्रामीण विकास मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल द्वारा भारत सरकार के केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के समक्ष राज्य का पक्ष प्रभावी रूप से रखे जाने के परिणामस्वरूप स्वीकृत हुई है।
केंद्रांश के साथ राजस्थान सरकार के 25 प्रतिशत अंशदान के रूप में 275.95 करोड़ रुपए को सम्मिलित करते हुए कुल 1103.82 करोड़ रुपए की राशि मांग अनुसार एवं आनुपातिक व्यय के आधार पर राज्य के समस्त जिलों को आवंटित की गई है। इससे मनरेगा के अंतर्गत चल रहे कार्यों में तेजी आएगी तथा सामग्री आपूर्तिकर्ताओं एवं श्रमिकों को समय पर भुगतान सुनिश्चित हो सकेगा।
इसके साथ ही राजस्थान सरकार द्वारा मुख्यमंत्री की बजट घोषणा की अनुपालना में, 100 दिवस का रोजगार पूर्ण कर चुके परिवारों को मुख्यमंत्री ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (CMREGS) के अंतर्गत अतिरिक्त रोजगार प्रदान करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। इसके तहत राज्य के सभी जिलों में 25 अतिरिक्त दिवस का रोजगार तथा अनुसूचित जनजाति (ST) बाहुल्य 8 जिलों के 47 ब्लॉकों में 50 अतिरिक्त दिवस का रोजगार प्रदान किए जाने का प्रावधान किया गया है।
इस संबंध में महात्मा गांधी नरेगा मुख्यालय द्वारा दिनांक 08.03.2025 एवं 19.01.2026 को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर समस्त जिला कार्यक्रम समन्वयकों एवं जिला कलेक्टर (ईजीएस) को अवगत करा दिया गया है। यह निर्णय ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने, रोजगार के अवसर बढ़ाने तथा राज्य के अंतिम छोर पर खड़े जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक संबल प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक कदम है।
बांसवाड़ा में मनरेगा योजना का नाम विकसित भारत-जी राम जी किए जाने को लेकर चल रहे विरोध के बीच शुक्रवार को जिला प्रशासन ने प्रेस वार्ता आयोजित कर अधिनियम के नए प्रावधानों पर प्रकाश डाला।
बांसवाड़ा जिला कलक्टर ने बताया कि अब योजना में 100 दिन की बजाय 125 दिनों की वैधानिक मजदूरी-रोजगार की गारंटी दी गई है। विकसित ग्राम पंचायत प्लान के सभी कार्यों को विकसित भारत नेशनल रूरल इंफ्रास्ट्रक्चर स्टैक में एकीकृत किया गया है। इसमें चार प्रमुख क्षेत्रों जल सुरक्षा, ग्रामीण आधारभूत संरचना, आजीविका संबंधी कार्य और मौसमीय घटनाओं से निपटने के उपाय पर विशेष ध्यान दिया गया है।
पंचायतों को विकास मानकों के आधार पर ए, बी और सी श्रेणी में बांटा गया है। आवश्यकतानुसार कार्यों का चयन कर पीएम गति-शक्ति योजना के साथ इंटीग्रेटेड ग्राम पंचायत प्लान तैयार किया जाएगा। इसके अलावा राज्य सरकारें बुवाई और कटाई के चरम मौसम को ध्यान में रखते हुए प्रति वर्ष 80 दिनों की अवधि के लिए अधिसूचना जारी करेंगी, जिसके दौरान इस अधिनियम के अंतर्गत कार्य नहीं कराए जाएंगे।
Published on:
31 Jan 2026 02:13 pm
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