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आर्मी के बाद अब राजस्थान पुलिस की बारी, सप्ताह भर तक चलेगा ‘शौर्य प्रदर्शन’

आगामी 16 अप्रैल 2026 को राजस्थान पुलिस का स्थापना दिवस भव्य स्तर पर मनाया जाएगा, ताकि प्रदेश की जनता अपनी पुलिस के आधुनिक स्वरूप और अनुशासन को करीब से देख सके।

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राजस्थान की राजधानी जयपुर एक बार फिर शौर्य और अनुशासन के रंगों में रंगने को तैयार है। हाल ही में सेना दिवस (Army Day) के अवसर पर हुए भव्य शौर्य प्रदर्शन के बाद, अब राजस्थान पुलिस भी अपने स्थापना दिवस को एक उत्सव के रूप में मनाने की तैयारी कर रही है। महानिदेशक पुलिस (DGP) राजीव शर्मा के नेतृत्व में इस वर्ष का आयोजन केवल रस्म अदायगी नहीं, बल्कि 'आमजन में विश्वास और अपराधियों में डर' के नारे को धरातल पर दिखाने का एक महाकुंभ होगा।

16 अप्रैल को राजस्थान पुलिस स्थापना दिवस

पिंक सिटी जयपुर इन दिनों पराक्रम की कहानियों का साक्षी बन रहा है। जनवरी में 'आर्मी डे' के अवसर पर भारतीय सेना के टैंकों की गड़गड़ाहट और जांबाजों के हैरतअंगेज कारनामों को देखने के बाद, अब बारी राजस्थान पुलिस की है। आगामी 16 अप्रैल 2026 को राजस्थान पुलिस का स्थापना दिवस भव्य स्तर पर मनाया जाएगा। इस उपलक्ष्य में जयपुर में सप्ताह भर तक चलने वाले 'शौर्य सप्ताह' की रूपरेखा तैयार कर ली गई है, जिसकी समीक्षा स्वयं पुलिस महानिदेशक राजीव शर्मा ने की है।

सेना दिवस जैसी भव्यता !

कुछ ही दिनों पहले जयपुर ने सेना दिवस का भव्य नजारा देखा था, जहाँ भारतीय सेना ने अपनी आधुनिक मारक क्षमता और युद्ध कौशल का प्रदर्शन कर जनता का दिल जीत लिया था। ठीक उसी तर्ज पर, राजस्थान पुलिस भी इस वर्ष अपने स्थापना दिवस को एक विशाल 'शौर्य प्रदर्शन' के रूप में पेश करने जा रही है।

डीजीपी राजीव शर्मा ने पुलिस मुख्यालय में आयोजित बैठक में स्पष्ट किया कि इस बार कार्यक्रमों का स्तर अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होगा, ताकि प्रदेश की जनता अपनी पुलिस के आधुनिक स्वरूप और अनुशासन को करीब से देख सके।

सप्ताह भर सजेगी 'शौर्य की महफिल'

डीजीपी राजीव शर्मा ने बताया कि 16 अप्रैल को मुख्य समारोह होगा, लेकिन इसके उपलक्ष्य में सप्ताह भर पहले से ही कार्यक्रमों की शुरुआत हो जाएगी। इस 'शौर्य सप्ताह' में न केवल पुलिस बल की शक्ति दिखेगी, बल्कि आमजन के साथ जुड़ाव के विशेष प्रयास भी किए जाएंगे।

  • भव्य राज्य स्तरीय परेड: जयपुर के पुलिस अकादमी मैदान में पुलिस की विभिन्न शाखाओं (RAC, SDRF, क्यूआरटी) द्वारा शानदार मार्च पास्ट किया जाएगा।
  • सांस्कृतिक संध्या और पुलिस बैंड: राजस्थान की समृद्ध संस्कृति के साथ पुलिस बैंड की सुरीली धुनें शाम को यादगार बनाएंगी।
  • बड़ाखाना की परंपरा: पुलिस की सभी इकाइयों और थानों में सामूहिक प्रीतिभोज यानी 'बड़ाखाना' का आयोजन होगा, जो आपसी सौहार्द और अनुशासन का प्रतीक है।

युवाओं और बच्चों के लिए 'बौद्धिक रण'

पुलिस विभाग इस उत्सव के जरिए नई पीढ़ी को खाकी के प्रति प्रेरित करना चाहता है। इसके लिए विशेष शैक्षणिक और बौद्धिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

  • प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता (Quiz): स्कूली बच्चों के लिए पुलिसिंग और कानून पर आधारित क्विज कंपटीशन होंगे।
  • सेमीनार: समसामयिक विषयों, साइबर सुरक्षा और महिला सुरक्षा जैसे मुद्दों पर विशेषज्ञों के साथ सेमीनार आयोजित किए जाएंगे।

DGP का निर्देश: "अनुशासन ही सर्वोपरि"

बुधवार को पुलिस मुख्यालय में हुई उच्च स्तरीय बैठक में डीजीपी ने सभी रेंज आईजी, जिला पुलिस अधीक्षकों और इकाई प्रमुखों को निर्देश दिए कि आयोजन में किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए। उन्होंने कहा कि पुलिस की कार्यकुशलता और आधुनिक संसाधनों (जैसे हाईटेक हथियार और सर्विलांस सिस्टम) का प्रदर्शन इस तरह किया जाए कि जनता में सुरक्षा का भाव और अधिक सुदृढ़ हो। सुरक्षा व्यवस्था और कार्यक्रम की गरिमा बनाए रखने के लिए अलग-अलग अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।