
राजस्थान में लोकसभा चुनाव के पहले फेज़ की संपन्न हुई वोटिंग में 'सुपर हॉट सीट' नागौर भी शामिल रही। यहां भाजपा प्रत्याशी ज्योति मिर्धा का सीधा मुकाबला इंडिया गठबंधन समर्थित राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी प्रत्याशी हनुमान बेनीवाल से है। दोनों नेता राजनीति के धुरंधर हैं और नागौर लोकसभा सीट पर अच्छा खासा वर्चस्व रखते हैं।
दिलचस्प बात तो ये है कि दोनों ही नेता पूर्व में इसी नागौर सीट से सांसद भी रह चुके हैं। ज्योति मिर्धा जहां कांग्रेस पार्टी से सांसद रह चुकी हैं तो वहीं हनुमान बेनीवाल एनडीए गठबंधन से संसद तक पहुंच चुके हैं। लेकिन इस बार समीकरण उलट हैं। ज्योति कांग्रेस छोड़ अब भाजपा प्रत्याशी हैं और हनुमान बेनीवाल एनडीए गठबंधन छोड़ इंडिया गठबंधन के प्रत्याशी हैं।
नागौर लोकसभा क्षेत्र के मतदाता वोट देने में इस बार अधिक उत्साह नहीं दिखा पाए। ऐसे में परिणाम जानने में असमंजस हो गया। शाम छह बजे तक लोकसभा क्षेत्र में कुल 57.01 फीसदी मतदान हुआ, जबकि वर्ष 2019 में हुए चुनाव में नागौर लोकसभा क्षेत्र का मतदान प्रतिशत 62.19 रहा था। यानी इस बार 5.18 प्रतिशत वोट कम पड़े।
करीब पांच माह पहले हुए विधानसभा चुनाव में जिले का मतदान प्रतिशत 72.15 फीसदी रहा था। जिसमें सबसे अधिक 78.25 प्रतिशत परबतसर विधानसभा में वोट पड़े थे, जबकि लोकसभा चुनाव में मात्र 54.58 प्रतिशत मतदान ही हुआ।
इसी प्रकार संसदीय क्षेत्र की नागौर विधानसभा क्षेत्र में सबसे अधिक 60.5 प्रतिशत, सबसे कम लाडनूं विधानसभा क्षेत्र में 53.45 प्रतिशत रहा। विधानसभा क्षेत्र मकराना में 59.91 प्रतिशत, खींवसर में 58.50 प्रतिशत, नावां में 58.34, डीडवाना में 55.54 प्रतिशत, जायल में 54.87 प्रतिशत तथा परबतसर में 54.58 प्रतिशत मतदान रहा।
नागौर शहर सहित अन्य विधानसभाओं में कुछ बूथ ही ऐसे थे, जहां मतदाताओं को वोट देने के लिए कतार में खड़ा होना पड़ा, बाकी ज्यादातर स्थानों पर एक समय चार-पांच मतदाता ही दिखाई दिए। ग्रामीण क्षेत्रों में भी मतदाताओं में मतदान को लेकर उत्साह फीका दिखा। कुछ स्थानों पर प्रात: काल के समय मतदाताओं की कतार देखी गई। जिला प्रशासन की ओर से बनाए गए आदर्श मतदान केन्द्रों, ग्रीन बूथों, महिला, दिव्यांग एवं यूथ प्रबन्धित केन्द्रों पर मतदाता सज-धज कर मतदान करने पहुंचे।
जिलेभर के विभिन्न मतदान बूथों पर दिव्यांगों एवं वृद्धजनों को सुगमता पूर्वक मतदान करने के लिए जिला प्रशासन की ओर से की गई व्यवस्था के तहत बूथों पर मौजूद स्काउट गाइड, वॉलंटियर्स ने पूर्ण तन्मयता के साथ सराहनीय कार्य करते हुए वृद्ध एवं दिव्यांग मतदाताओं को व्हीलचेयर पर ले जाकर मतदान प्रक्रिया में सहयोग किया।
लोकतंत्र के महापर्व में वृद्ध महिलाओं, दिव्यांगों, युवाओं के साथ ही दूल्हा-दुल्हन भी मतदान करने पहुंचे। बुजुर्गों व दिव्यांग मतदाताओं के परिजनों ने बताया कि निर्वाचन विभाग ने होम वोटिंग की सुविधा दी, लेकिन स्थानीय अधिकारियों ने उन्हें मौका नहीं दिया, इसलिए वे मतदान केन्द्र पर वोट करने पहुंचे।
लाख परेशानियों के बीच विभिन्न बूथों पर दिव्यांग मतदाता अपनी परेशानियों को पीछे छोड़ लोकतंत्र के महापर्व में सहभागिता निभाते नजर आए। दिव्यांग मतदाता अपने परिजनों के साथ पहुंचे व वोट डालकर लोकतंत्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन किया।
जिले के विभिन्न ग्रीन, यूथ, दिव्यांग प्रबंधित मतदान बूथों पर पहुंचे वृद्धजनों, फर्स्ट वोटर, दिव्यांगजन एवं महिला मतदाताओं ने मतदान किया और मतदान केन्द्र पर बनाए गए सेल्फी पॉइन्ट पर अमिट स्याही का निशान दिखाते हुए सेल्फी भी खिंचवाई।
राजद के कई बड़े नेता और तेजश्री यादव की पत्नी ने कहा था कि बिहार में खेल होना अभी बाकि है। ऐसा होने के डर से ही नीतीश कुमार ने अपने विधायकों को फ्लोर टेस्ट से पहले विधानसभा के नजदीक चाणक्य होटल में रात को रुकवाया।

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लव सोनकर
लव सोनकर - 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई संस्थानों में अपना योगदान दि है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता ए...और पढ़ें...
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Published on:
20 Apr 2024 11:44 am
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