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जयपुर, Jun 07, 2026

RPSC: स्कूल व्याख्याता भर्ती में घटी अभ्यर्थियों की दिलचस्पी, कई विषयों में 30% तक सिमटी उपस्थिति

Rajasthan Lecturer Recruitment 2025: स्कूल लेक्चरर भर्ती परीक्षा में बढ़ी अनुपस्थिति, समाजशास्त्र और संगीत में हर चार में से केवल एक अभ्यर्थी पहुंचा। लाखों आवेदन, लेकिन परीक्षा केंद्रों पर नहीं पहुंचे उम्मीदवार; RPSC भर्ती में घटती उपस्थिति बनी चिंता।

recruitment corruption case

photo: patrika

RPSC School Lecturer Exam: जयपुर. राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की प्राध्यापक, प्राध्यापक (कृषि) एवं कोच प्रतियोगी परीक्षा-2025 में अभ्यर्थियों की घटती उपस्थिति अब चिंता का विषय बनती जा रही है। परीक्षा के शुरुआती दिनों में जहां औसतन 50 से 57 प्रतिशत तक अभ्यर्थी परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे, वहीं हालिया विषयों की परीक्षाओं में यह आंकड़ा कई जगह 25 से 35 प्रतिशत तक सिमट गया है। ऐसे में हजारों पदों के लिए आयोजित इस महत्वपूर्ण भर्ती परीक्षा में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों का अनुपस्थित रहना कई सवाल खड़े कर रहा है।

जयपुर जिले में आयोजित परीक्षा के आंकड़ों पर नजर डालें तो 3 जून को सामान्य ज्ञान और राजनीति विज्ञान विषयों में क्रमशः 55.06 और 56.07 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की गई थी। इसके बाद 4 जून को भूगोल और जीव विज्ञान विषयों में भी 55.15 तथा 57.19 प्रतिशत अभ्यर्थी परीक्षा देने पहुंचे। 5 जून को भौतिक विज्ञान में 59.12 प्रतिशत, संस्कृत में 49.38 प्रतिशत और गणित में 50.25 प्रतिशत उपस्थिति रही। इन आंकड़ों से स्पष्ट था कि परीक्षा में आधे से अधिक अभ्यर्थी भाग ले रहे थे।

लेकिन 6 जून को जारी आंकड़ों ने स्थिति की गंभीरता को उजागर कर दिया। समाजशास्त्र विषय की परीक्षा में केवल 24.94 प्रतिशत अभ्यर्थी ही उपस्थित रहे। 6,597 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से मात्र 1,645 ने परीक्षा दी, जबकि 4,952 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। इसी दिन अर्थशास्त्र विषय में 33.53 प्रतिशत और संगीत विषय में सिर्फ 27.44 प्रतिशत अभ्यर्थियों ने परीक्षा में भाग लिया। यानी कई विषयों में हर चार में से केवल एक अभ्यर्थी ही परीक्षा केंद्र तक पहुंचा।

RPSC स्कूल व्याख्याता भर्ती परीक्षा-2025 : जयपुर जिले में विषयवार उपस्थिति का आंकड़ा

तिथिविषयपंजीकृत अभ्यर्थीउपस्थितअनुपस्थितउपस्थिति (%)
03 जून 2026सामान्य ज्ञान66,74036,74829,99255.06%
03 जून 2026राजनीति विज्ञान17,3709,7407,63056.07%
04 जून 2026भूगोल14,6368,0726,56455.15%
04 जून 2026जीव विज्ञान5,4453,1142,33157.19%
05 जून 2026भौतिक विज्ञान2,8351,6761,15959.12%
05 जून 2026संस्कृत7,4343,6713,76349.38%
05 जून 2026गणित5,0932,5592,53450.25%
06 जून 2026समाजशास्त्र6,5971,6454,95224.94%
06 जून 2026अर्थशास्त्र6,0422,0264,01633.53%
06 जून 2026संगीत79821957927.44%

विशेषज्ञों का मानना है कि विषयवार रिक्तियों की संख्या, प्रतियोगी परीक्षाओं का लगातार कैलेंडर, अभ्यर्थियों द्वारा अपनी तैयारी के अनुसार चुनिंदा विषयों में ही रुचि दिखाना तथा अन्य सरकारी भर्तियों की तैयारियों में व्यस्त रहना इसके प्रमुख कारण हो सकते हैं। वहीं कुछ अभ्यर्थी परीक्षा की कठिन प्रतिस्पर्धा और चयन की सीमित संभावनाओं को देखते हुए भी परीक्षा में शामिल नहीं हो रहे हैं।

प्रमुख तथ्य

बिंदुविवरण
सर्वाधिक उपस्थितिभौतिक विज्ञान (59.12%)
सबसे कम उपस्थितिसमाजशास्त्र (24.94%)
50% से अधिक उपस्थिति वाले विषयसामान्य ज्ञान, राजनीति विज्ञान, भूगोल, जीव विज्ञान, भौतिक विज्ञान, गणित
30% से कम उपस्थिति वाले विषयसमाजशास्त्र, संगीत
चिंता का विषयअंतिम चरण की परीक्षाओं में उपस्थिति घटकर 25-33% तक पहुंच गई
संकेतबड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने आवेदन तो किया, लेकिन परीक्षा देने नहीं पहुंचे

उपस्थिति का ट्रेंड

📈 3 से 5 जून तक: औसतन 50-59% उपस्थिति

📉 6 जून को: कई विषयों में उपस्थिति घटकर 25-33% रह गई

हालांकि प्रशासनिक स्तर पर परीक्षा आयोजन पूरी तरह सफल और शांतिपूर्ण रहा। जिला प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभागों ने सभी केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कीं। लेकिन जिस भर्ती परीक्षा के लिए हजारों अभ्यर्थी आवेदन करते हैं, उसमें बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों का परीक्षा से दूरी बनाना भर्ती प्रक्रिया की गंभीर चुनौती बनता जा रहा है।

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