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RPSC : आरपीएससी के निलंबित सदस्य बाबूलाल कटारा को सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत, पर रिहाई नहीं

RPSC : राजस्थान में वरिष्ठ अध्यापक भर्ती–2022 पेपरलीक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) के निलंबित सदस्य बाबूलाल कटारा की अंतरिम जमानत मंजूर कर ली है।

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Supreme Court has granted bail to suspended RPSC member Babulal Katara

ग्राफिक्स फोटो पत्रिका

RPSC : राजस्थान में वरिष्ठ अध्यापक भर्ती–2022 पेपरलीक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) के निलंबित सदस्य बाबूलाल कटारा की अंतरिम जमानत मंजूर कर ली है। कोर्ट ने सुनवाई 23 मार्च तक टालते हुए कहा कि अंतरिम जमानत अगली सुनवाई तक प्रभावी रहेगी। हालांकि, पुलिस उपनिरीक्षक भर्ती–2021 पेपरलीक और ईडी मामले में भी गिरफ्तार होने के कारण कटारा को फिलहाल जेल में ही रहना पड़ेगा।

न्यायाधीश दीपांकर दत्ता और न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि अब तक की जांच और अन्य संबंधित पहलुओं पर दो सप्ताह में जवाब पेश किया जाए। राजस्थान हाईकोर्ट ने अगस्त 2025 में कटारा की जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा।

बाबूलाल कटारा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक जैन ने कहा कि किसी आरोपी को अनिश्चितकाल तक जेल में नहीं रखा जा सकता। जांच एजेंसी ने केवल परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोप लगाए हैं और उनसे कोई बरामदगी नहीं हुई है।

राज्य सरकार से विस्तृत शपथपत्र मांगा

सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार से विस्तृत शपथपत्र दाखिल करने को कहा है, जिसमें चार्जशीट का विवरण, अभियोजन पक्ष के गवाहों की संख्या, आरोप तय नहीं हुए हैं तो देरी के कारण, ट्रायल की प्रगति, याचिकाकर्ता का आपराधिक रिकॉर्ड और सह-आरोपियों को जमानत मिलने की स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। कोर्ट ने कटारा को भी सरकार के शपथपत्र के जवाब में अपना पक्ष रखने की छूट दी है।

पैरवी के लिए नहीं था कोई एएजी

मामला हाईप्रोफाइल होने के बावजूद राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में पैरवी के लिए इसे किसी अतिरिक्त महाधिवक्ता (एएजी) को नहीं सौंपा।

चलती बस में हल करवाया जा रहा था पेपर

24 दिसंबर 2022 को उदयपुर जिले के बेकरिया थाना क्षेत्र में एक चलती बस में 49 अभ्यर्थियों को पेपर हल करते पकड़ा गया था। एसओजी के अनुसार, बस में पेपरलीक गिरोह का सरगना भी मौजूद था। जांच में सामने आया कि कटारा को प्रश्नपत्र और उत्तर कुंजी तैयार करने की जिम्मेदारी मिली थी, लेकिन उसने पेपर लीक कर दिया। कटारा के घर से 51.20 लाख रुपए नकद और 541 ग्राम सोने के नौ आभूषण बरामद हुए थे।

परीक्षा से 60 दिन पहले पेपर लीक

चार्जशीट के मुताबिक, वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा का पेपर परीक्षा से करीब 60 दिन पहले अक्टूबर 2022 में ही लीक हो गया था। आरोप है कि कटारा प्रश्नपत्र की मूल प्रति अपने आवास पर ले गया। जहां उसने अपने भांजे विजय डामोर से प्रश्न रजिस्टर में लिखवाए और प्रिंटिंग के लिए पेपर ऑफिस में जमा करा दिया। बाद में यह रजिस्टर मास्टरमाइंड शेर सिंह मीणा को दे दिया, जिसने मोबाइल से फोटो लेकर पेपर टाइप करवाया और गिरोह को बेच दिया। बाद में सबूत मिटाने के लिए रजिस्टर को जला दिया गया।