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Union Budget 2026 : केंद्रीय बजट के 2 बड़े फैसलों से राजस्थान की बल्ले-बल्ले, नए निवेश होंगे, लाखों को मिलेगा रोजगार

Union Budget 2026 : केंद्रीय बजट 2025-26 के 2 बड़े फैसले से राजस्थान की बल्ले बल्ले हो गई है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के इन फैसलों से जहां राजस्थान में नए निवेश आएंगे वहीं लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा। साथ ही पूरा प्रदेश बिजली से रोशन हो जाएगा।

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Union Budget 2026 Two big decisions Rajasthan boon bringing new investments and creating jobs for millions

Union Budget 2026 : सीएम भजनलाल व केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण। फोटो पत्रिका

Union Budget 2026 : केंद्रीय बजट 2025-26 के 2 बड़े फैसले से राजस्थान की बल्ले-बल्ले हो गई है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के इन फैसलों से जहां राजस्थान में नए निवेश आएंगे वहीं लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा। साथ ही पूरा प्रदेश बिजली से रोशन रहेगा। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण केंद्रीय बजट 2026-27 में लिथियम-आयन सेल निर्माण के लिए पूंजीगत वस्तुओं पर बुनियादी सीमा शुल्क छूट को बढ़ाकर मार्च 2028 तक कर दिया है। इसमें BESS (बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम) को भी शामिल किया गया है। ईवी बैटरी निर्माण के लिए 35 अतिरिक्त वस्तुओं पर छूट दी गई है।

इसके साथ ही सोलर पैनल के ग्लास में इस्तेमाल होने वाले सोडियम एंटीमोनेट के आयात पर लगने वाले बेसिक कस्टम ड्यूटी को 7.5 फीसदी से घटाकर शून्य कर दिया है। यह 2 फरवरी 2026 से तत्काल प्रभाव से लागू हो जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य सौर ग्लास और पैनल के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देना और निर्माण लागत को कम करना है। राजस्थान देश में सौर ऊर्जा उत्पादन और क्षमता स्थापित करने में टॉप पर है। साथ ही देश में राजस्थान रूफटॉप सोलर में 5वां स्थान पर है।

लिथियम-आयन सेल : बुनियादी सीमा शुल्क छूट को मार्च 2028 तक बढ़ाया

बजट में लिथियम-आयन सेल बनाने वाले उपकरणों पर कस्टम ड्यूटी में बड़ी छूट का प्रस्ताव दिया गया है। यह लाभ अब मार्च 2028 तक, यानी अगले दो वर्षों के लिए जारी रहेगा। राजस्थान के लिए यह गेम-चेंजर साबित होगा। कम लागत की वजह से अब बड़ी कंपनियां राजस्थान में ही बैटरी स्टोरेज यूनिट्स स्थापित कर सकेंगी। ड्यूटी घटने से सस्ते स्टोरेज समाधान मिलेंगे, जिससे रात में भी बिजली की आपूर्ति सुचारू रहेगी। सस्ती बैटरियों से प्रदेश में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के क्षेत्र में नई क्रांति आएगी।

सोलर ग्लास सस्ता होगा, मैन्युफैक्चरिंग में आएगी तेजी

सोलर पैनल बनाने में सोडियम एंटीमोनेट का इस्तेमाल होता है। इसके आयात पर ड्यूटी फ्री करने से इससे सोलर ग्लास की उत्पादन लागत काफी कम हो जाएगी। सस्ते इनपुट के कारण अब स्थानीय इकाइयां विदेशी कंपनियों से प्रतिस्पर्धा कर सकेंगी, जिससे राज्य में निवेश और रोजगार के हजारों नए अवसर पैदा होंगे।

सौर ऊर्जा उत्पादन राजस्थान देश में टॉप

राजस्थान देश में सौर ऊर्जा उत्पादन और क्षमता स्थापित करने में टॉप पर है। एक रिपोर्ट के अनुसार 31 दिसंबर 2025 तक प्रदेश की स्थापित सौर ऊर्जा क्षमता 35 हजार मेगावाट से अधिक हो गई है। यह देश की कुल सौर क्षमता का लगभग 27 प्रतिशत है।

राजस्थान में बीते दो वर्षों में प्रदेश की स्थापित सौर ऊर्जा क्षमता में 18 हजार मेगावाट से अधिक की वृद्धि हुई है। भूमि पर लगी देश की 1 लाख मेगावाट स्थापित सौर ऊर्जा क्षमता में से 31 हजार मेगावाट का योगदान राजस्थान का है। राजस्थान इस प्रगति से देश के सोलर हब के रूप में मजबूती से उभर रहा है। इसकी सबसे बड़ी वजह राजस्थान के पास उपलब्ध भू-भाग और साल के 320 दिन मिलने वाले सूर्य के प्रकाश को जाता हैं।

राजस्थान का रूफटॉप सोलर में 5वां स्थान

राजस्थान का रूफटॉप सोलर में देश में 5वां स्थान है। पीएम सूर्यघर योजना तहत प्रदेश में 481 मेगावाट क्षमता के 1 लाख 20 हजार 162 रूफटॉप सोलर संयंत्र लगाए गए हैं।

राजस्थान को मिलेंगे पंख

राजस्थान सोलर उत्पादन में नंबर-1 है। अब स्टोरेज और ग्लास मैन्युफैक्चरिंग पर मिली यह छूट राजस्थान को 'केवल ऊर्जा उत्पादक' से बदलकर 'मैन्युफैक्चरिंग हब' बना देगी। बजट के ये प्रस्ताव ग्रिड स्थिरता को मजबूत करेंगे और प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना जैसी योजनाओं को नई गति देंगे।