
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत आगामी 6 मार्च को एकदिवसीय दौरे पर जैसलमेर आ रहे हैं। संघ प्रमुख के जैसलमेर दौरे को लेकर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। संघ प्रमुख 6 से 8 मार्च तक जैन समाज की ओर से आयोजित किए जा रहे ऐतिहासिक चादर महोत्सव के आगाज कार्यक्रम में भाग लेने जैसलमेर आ रहे हैं।
जानकारी के अनुसार भागवत 6 तारीख को सडक़ मार्ग से जैसलमेर पहुंचेंगे और यहां वे दुर्ग में स्थित जैन मंदिरों में खत्तरगछ जैन समाज की ओर से दादा गुरु जिनदत्त सूरि के चमत्कारी वस्त्रों के दर्शन और पूजा अर्चना में शामिल होंगे। दुर्ग में कार्यक्रम में भाग लेने के बाद संघ प्रमुख डेडानसर मैदान में तीन दिवसीय कार्यक्रमों के लिए तैयार किए जा रहे आयोजन स्थल पर पहुंचेंगे। भागवत इसी स्थान पर हजारों की तादाद में एकत्रित समग्र समाज के लोगों को सम्बोधित करेंगे। इस सभा में सभी वैदिक समाजों के साधु-संतों के साथ भी संघ प्रमुख विचार विमर्श कर सकते हैं।
बताया जाता है कि यह एक सद्भावना बैठक होगी। इसके अलावा भागवत कुछ देर जैसलमेर में ठहरने के पश्चात विमान से प्रस्थान कर जाएंगे। भागवत की यात्रा के साथ ही तीन दिवसीय चादर महोत्सव को लेकर डेडानसर मैदान में बड़े पैमाने पर तैयारियों का दौर पिछले करीब 10 दिनों से चल रहा है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से भी संघ प्रमुख की जैसलमेर यात्रा को लेकर बड़े स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। आगामी दिनों में इसमें और तेजी आएगी। उनके कार्यक्रमों को अंतिम रूप देने के लिए वरिष्ठ प्रचारक और स्वयंसेवक तैयारी बैठकों में जुट गए हैं। गौरतलब है कि इससे पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक के रूप में भागवत वर्ष 2012 में जैसलमेर आए थे। तब उनके आगमन पर संघ के स्वयंसेवकों ने त्रिवेणी पथ संचलन निकाला था। उन्होंने 2002 में भी जैसलमेर में प्रवास किया था। इस तरह से यह उनकी तीसरी जैसलमेर यात्रा होगी।
जैन समाज के जैसलमेर में आयोजित होने वाले ऐतिहासिक कार्यक्रम के मद्देनजर इन दिनों डेडानसर मैदान में विशाल डोम टेंट्स लगाने का कार्य जारी है। इसके अलावा मैदान में अलग-अलग कार्यों के लिए टेंट्स लगाए जा रहे हैं। इसके साथ ही एक संग्रहालय भी तैयार किया जा रहा है। बताया जाता है कि देश-दुनिया से दादा गुरु जिनदत्त सूरि के करीब 20 हजार भक्तजन इस मौके पर जैसलमेर आएंगे। गौरतलब है कि जैसलमेर जिला जैन समाज के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल माना जाता है।
जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ परंपरा के प्रथम दादागुरु आचार्य जिनदत्तसूरी की दिव्य चादर का 871 वर्षों बाद पहली बार विधिवत अभिषेक जैसलमेर में होने जा रहा है। आयोजन 6 से 8 मार्च तक आयोजित दादागुरु जिनदत्तसूरी चादर महोत्सव के अंतर्गत संपन्न होगा। दादागुरु जिनदत्तसूरी के स्वर्गवास के पश्चात अग्नि संस्कार के समय उनकी चादर अग्नि से अप्रभावित रही थी। महोत्सव में खरतरगच्छ के गच्छाधिपति आचार्य मणिप्रभ सूरीश्वर महाराज, जैनाचार्यों, शताधिक जैन साधु-साध्वियों तथा वैदिक परंपरा के लगभग 200 संतों के सान्निध्य में आयोजित होगा। महोत्सव के दौरान गुरु भक्ति, चादर अर्पण, धर्मसभा, प्रवचन, भक्ति संगीत और सामाजिक सद्भाव से जुड़े विविध कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालुओं की भागीदारी होगी। समायोजन प्रमुख महेन्द्र सिंह भंसाली ने बताया कि महोत्सव का उद्घाटन 6 मार्च को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत करेंगे। दूसरे दिन को भव्य वरघोड़े के साथ दादागुरु की चादर को महोत्सव स्थल तक लाने के बाद अभिषेक किया जाएगा। इसी दिन विश्वभर में एक करोड़ आठ लाख भक्त सामूहिक रूप से दादागुरु इकतीसा का पाठ करेंगे। इसी कड़ी में 8 मार्च को उपाध्याय महेन्द्रसागर महाराज को आचार्य पद प्रदान किया जाएगा।
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लव सोनकर
लव सोनकर - 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई संस्थानों में अपना योगदान दि है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता ए...और पढ़ें...
Published on:
16 Feb 2026 08:11 pm

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