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जोधपुर CBI का बड़ा एक्शन, 1621 करोड़ के फर्जीवाड़े का भंडाफोड़, देश में आठ जगहों पर छापेमारी, 2 FIR

जोधपुर सीबीआई ने एक बड़े फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ किया, जिसमें फर्जी दस्तावेज और फर्जी खातों के जरिए करोड़ों रुपए का लेन-देन किया गया। मामले में बैंक अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है।

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एआई तस्वीर

जोधपुर। श्रीगंगानगर स्थित पंजाब एंड सिंध बैंक में फर्जी दस्तावेज और केवाईसी के आधार पर 17 काल्पनिक व फर्जी फर्मों के नाम से बैंक खाते खोल दिए गए। इतना ही नहीं, इनमें हजारों करोड़ रुपए का लेन-देन और ट्रांसफर किए गए। इनमें बैंक के तत्कालीन मुख्य प्रबंधक और शाखा प्रबंधक की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। यह फर्जीवाड़ा करीब 1621 करोड़ रुपए का बताया जा रहा है।

प्रारंभिक जांच में आरोप प्रमाणित पाए जाने पर सीबीआई ने बैंक के दोनों अधिकारियों सहित 26 लोगों पर धोखाधड़ी की दो एफआईआर दर्ज की। सीबीआई ने देशभर में आठ जगहों पर छापे मारकर आपत्तिजनक दस्तावेज और 11.97 लाख रुपए जब्त किए। सूत्रों के अनुसार जून 2014 से जुलाई 2015 के बीच श्रीगंगानगर के पंजाब एंड सिंध बैंक में अज्ञात लोगों ने फर्जी केवाईसी दस्तावेज का इस्तेमाल कर काल्पनिक एवं अस्तित्वहीन फर्मों के नाम पर 17 चालू बैंक खाते खोले थे।

अज्ञात अधिकारियों की मिलीभगत

इन खातों को खोलने में बैंक के कुछ अज्ञात अधिकारियों की मिलीभगत थी। इन्हीं की वजह से केवाईसी मानदंडों, उचित जांच और मानक संचालन प्रक्रिया का उल्लंघन करके ये खाते खोले गए थे। इन खातों के माध्यम से विभिन्न बैंकिंग चैनलों और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए हजारों करोड़ रुपए का लेन-देन हुआ। इतना ही नहीं, इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी और अन्य अवैध गतिविधियों से प्राप्त धन को प्राप्त, हस्तांतरित और छिपाने के लिए किया गया।

प्रारंभिक जांच में गड़बड़ी की पुष्टि

शिकायत मिलने पर सीबीआई ने प्रारंभिक जांच दर्ज कर जांच शुरू की थी। सीबीआई जोधपुर के डीआईजी राजवीर सिंह के नेतृत्व में जांच में आरोपों की पुष्टि हुई। इसके बाद बैंक के दो अधिकारियों और 19 अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।

सीबीआई ने छह राज्यों में छापे मारे

एफआईआर दर्ज करने के बाद डीआईजी राजवीर सिंह के नेतृत्व में सीबीआई ने मामले की जांच के तहत श्रीगंगानगर, दिल्ली, नोएडा, हरियाणा के सिरसा और मोगा, पंजाब के होशियारपुर, बिहार के भागलपुर और गुजरात के गांधीनगर में छापे मारे। यहां से आपत्तिजनक दस्तावेज और 11.97 लाख रुपए जब्त किए गए।

पहली एफआईआर में इन पर लगे आरोप

पंजाब एंड सिंध बैंक श्रीगंगानगर के तत्कालीन मुख्य प्रबंधक और शाखा प्रमुख अमन आनंद, मैसर्स ए वन हाईब्रिड सीड्स, मैसर्स यूनिक कॉस्मेटिक्स, मैसर्स स्टार लैब एंड डायग्नोस्टिक्स, मैसर्स लैगून टूर प्लानर, प्रवीण अरोड़ा, प्रेम कुमार सैन, आतिल खान, रोली, आदित्य गुप्ता उर्फ विशाल गुप्ता और अज्ञात बैंक अधिकारी व निजी लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

दूसरी एफआईआर में इन पर आरोप

श्रीगंगानगर स्थित सरकारी गर्ल्स सीनियर सेकंडरी स्कूल की पंजाब एंड सिंध बैंक शाखा के तत्कालीन शाखा प्रबंधक विकास वधवा, मैसर्स एचएच रॉक सॉल्ट सप्लायर, मैसर्स गंगा कैटल केयर, सिम्प्लेक्स टेक्सटाइल्स ट्रेडिंग प्राइवेट लिमिटेड, यारिड टैक्सको प्राइवेट लिमिटेड, मैसर्स महादेव ट्रेडर्स, मोहितोही इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड, वंदेलय एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, भावजोग एंटरप्राइजेज, हीड कम्युनिकेशंस प्राइवेट लिमिटेड, ग्लॉसग्लो प्राइवेट लिमिटेड, एलकेजी इंफो सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड, मैसर्स आरपी ट्रेडिंग कंपनी, मैसर्स बालाजी ट्रेडिंग कंपनी, प्रवीण अरोड़ा, प्रेम कुमार सैन, आतिल खान, रोली, आदित्य गुप्ता और अन्य अज्ञात बैंक कर्मचारी व लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई है।

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