
राजस्थान बजट. Photo- AI
फलोदी। राजस्थान सरकार की ओर से घोषित बजट से कर्मचारी वर्ग खासा निराश नजर आ रहा है। उनका मानना है कि वर्षों से लंबित मांगों पर स्पष्ट घोषणा नहीं होने से कर्मचारियों में मायूसी का माहौल है।
वेतन विसंगति दूर करने, लंबित पदोन्नतियों को गति देने और पुरानी पेंशन योजना के संबंध में ठोस निर्णय की अपेक्षा थी, लेकिन बजट में इन मुद्दों पर कोई ठोस पहल सामने नहीं आई।
राज्य कर्मचारियों का कहना है कि वेतन विसंगति का समाधान लंबे समय से लंबित है। कई विभागों में पदोन्नति प्रक्रिया अटकी हुई है। पुरानी पेंशन पर कोई स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत नहीं किया गया।
क्रमोन्नत विद्यालयों के लिए नए पद सृजन की घोषणा नहीं हुई। इसके साथ ही संविदाकर्मियों के स्थायित्व को लेकर भी बजट में कोई ठोस नीति सामने नहीं आई, जिससे अस्थायी कर्मचारियों में असंतोष है।
राजस्थान बजट में महिला शिक्षा को लेकर किसी विशेष योजना या नवाचार की घोषणा नहीं की गई। ग्रामीण और सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष प्रोत्साहन योजनाओं की उम्मीद थी, जो पूरी नहीं हो सकी। महिला शिक्षा समाज के समग्र विकास की आधारशिला है, ऐसे में इस क्षेत्र में विशेष पहल की जरूरत थी।
बजट में महिला कर्मचारियों व महिलाओं के उत्थान के लिए प्रावधान किए जाने चाहिए थे, लेकिन ऐसे प्रावधान नहीं किए। छात्राओं की शिक्षा व्यवस्था के अलग से प्रावधान नहीं किए।
इस बजट ने कर्मचारियों को निराश किया है। उनके कल्याण के लिए कोई प्रावधान नहीं हुए। फलोदी जिले में उच्च शिक्षा के बारे में कोई खास घोषणा नही हुई है
राजस्थान का बजट में फलोदी जिले की पूरी तरह से उपेक्षा की गई है। कर्मचारी वर्ग के लिए कोई राहत नहीं होने से बजट निराशा जनक रहा, शिक्षा विभाग में बजट में फलोदी जिले को कोई विशेष नहीं मिला।
Published on:
12 Feb 2026 12:03 pm
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