कानपुर, Jun 05, 2026

मीडिया से बातचीत करते मंत्री योगेंद्र उपाध्याय - फोटो सोर्स- वीडियो ग्रैब
NEET Paper Leak Controversy: कानपुर में नीट पेपर लीक और सीबीएसई विवाद को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर यूपी सरकार के मंत्री योगेंद्र उपाध्याय का बयान सुर्खियों में आ गया। उन्होंने तीखे अंदाज में कहा कि “ऐसा नहीं हो सकता कि दाढ़ी वाला हत्या करे और मूंछ वाले को पकड़ लिया जाए।” उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री और कानपुर के प्रभारी मंत्री योगेंद्र उपाध्याय केंद्र सरकार के 12 साल पूरे होने के अवसर पर कानपुर पहुंचे थे। सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने नीट पेपर लीक मामले पर विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि इसमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री का कोई दोष नहीं है। उन्होंने कहा कि जो लोग दोषी पाए गए, उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है और सरकार लगातार सख्त कदम उठा रही है। मंत्री ने सवाल उठाते हुए कहा कि “पहले क्या कभी किसी मंत्री ने इस्तीफा दिया था? मंत्री तभी जिम्मेदार होगा जब वह खुद इसमें शामिल हो। अगर कोई शामिल होगा तो वह जेल जाएगा।”
योगेंद्र उपाध्याय ने परीक्षा प्रणाली पर बोलते हुए दावा किया कि पहले की तुलना में पेपर लीक की घटनाओं में भारी कमी आई है। उन्होंने कहा कि यदि पहले 100 पेपर लीक होते थे और अब 10 घटनाएं सामने आती हैं तो इसका मतलब है कि 90 प्रतिशत कमी आई है।उन्होंने कहा कि पहले की सरकारें दोषियों को संरक्षण देती थीं, जबकि मौजूदा सरकार उन्हें दंडित करने का काम कर रही है। मंत्री ने भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में ऐसी घटनाओं में और कमी आएगी।
मंत्री ने विपक्ष पर भी जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज विपक्ष इतना कमजोर हो गया है कि वह “बगूले जैसी पार्टी” के पीछे खड़ा दिखाई देता है। उन्होंने कॉकरोच पार्टी का जिक्र करते हुए कहा कि “न उसका कोई संविधान है और न कोई नीति।” योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि विपक्ष के पास नैतिक बल नहीं बचा है, क्योंकि उनके शासनकाल में भी ऐसी घटनाएं होती थीं और अब जनता उनसे सवाल पूछ रही है।
मंत्री ने नरेंद्र मोदी सरकार के 12 साल के कार्यकाल को भारत के उत्कर्ष और गौरव का कालखंड बताया। उन्होंने कहा कि 2014 में भारत दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में 12वें स्थान पर था, जबकि आज चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। उन्होंने कहा कि भारत ने ब्रिटेन जैसे देशों को पीछे छोड़ते हुए अपनी आर्थिक ताकत साबित की है। आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई से दुनिया में देश का सम्मान भी बढ़ा है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि सरकार संभावित आर्थिक मंदी की चुनौतियों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
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Published on: 05 Jun 2026 01:05 pm

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