
Ashwagandha ayurvedic medicine|फोटो सोर्स – Freepik
Ashwagandha Benefits: हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक संबोधन के बाद अश्वगंधा फिर से सुर्खियों में आ गया है। एंटी-डायबिटिक गुणों के लिए पहचानी जाने वाली इस आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने पारंपरिक चिकित्सा की अहमियत पर जोर दिया, जिसके बाद अश्वगंधा और इसे रोजाना डाइट में शामिल करने के तरीकों को लेकर लोगों की दिलचस्पी बढ़ गई है।
हाल ही में भारत मंडपम में आयोजित दूसरे WHO ग्लोबल समिट ऑन ट्रेडिशनल मेडिसिन के समापन समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आयुर्वेद की वैज्ञानिक सोच और संतुलन पर आधारित दर्शन को रेखांकित किया। 17 से 19 दिसंबर तक चले इस सम्मेलन का आयोजन विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और आयुष मंत्रालय ने मिलकर किया था। “Restoring Balance: The Science and Practice of Health and Well-being” थीम पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत पारंपरिक चिकित्सा को विज्ञान और जनकल्याण से जोड़ते हुए वैश्विक नेतृत्व की ओर बढ़ रहा है। इसी के बाद अश्वगंधा जैसे औषधीय पौधों को लेकर लोगों की दिलचस्पी तेजी से बढ़ी है।
एक प्रकाशित वैज्ञानिक समीक्षा के अनुसार, अश्वगंधा (Withania somnifera) में कई ऐसे गुण पाए जाते हैं जो शरीर और मन दोनों के लिए फायदेमंद माने जाते हैं। इसमें एंटी-डायबिटिक, एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-माइक्रोबियल और हृदय को सुरक्षित रखने वाले गुण मौजूद हैं। इसके अलावा यह तनाव कम करने, अच्छी नींद लाने और शरीर की अनुकूलन क्षमता बढ़ाने में सहायक मानी जाती है। आयुर्वेद में इसका उपयोग करीब 3000 वर्षों से किया जा रहा है। पारंपरिक रूप से इसकी जड़ को टॉनिक, शक्ति वर्धक और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है। कुछ अध्ययनों में यह भी संकेत मिले हैं कि अश्वगंधा तनाव, चिंता, थायरॉइड असंतुलन और मांसपेशियों की मजबूती में मदद कर सकती है।
रात में सोने से पहले गर्म दूध में ¼ चम्मच अश्वगंधा पाउडर मिलाकर पीना एक पारंपरिक तरीका है। इसमें दालचीनी या जायफल की हल्की मात्रा मिलाई जा सकती है। यह तनाव कम करने और नींद सुधारने में मदद करता है।
फल, दही, ओट्स या चिया सीड्स के साथ एक चुटकी अश्वगंधा पाउडर मिलाकर दिन की हेल्दी शुरुआत की जा सकती है। यह तरीका खासतौर पर उन लोगों के लिए अच्छा है जो जल्दी में रहते हैं।
बच्चों को अश्वगंधा खिलाने का यह एक स्मार्ट तरीका है। गेहूं के आटे, गुड़, ड्राय फ्रूट्स और हल्के मसालों के साथ बनी कुकीज़ स्वाद और सेहत दोनों का ख्याल रखती हैं।
सुबह के समय अश्वगंधा पाउडर को अदरक, तुलसी और काली मिर्च के साथ उबालकर काढ़े के रूप में पीया जा सकता है।
सर्दियों में खजूर, घी और मेवों से बने लड्डुओं में थोड़ी मात्रा में अश्वगंधा मिलाकर उन्हें और पौष्टिक बनाया जा सकता है।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Updated on:
27 Jan 2026 10:17 am
Published on:
27 Jan 2026 10:16 am
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