Easy Fitness Workout: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में फिट रहने के लिए घंटों जिम में पसीना बहाना अब जरूरी नहीं रहा। फिटनेस की दुनिया में एक नई सोच उभर रही है, जहां कम समय लेकिन नियमित अभ्यास को सबसे असरदार माना जा रहा है। 12-मिनट फिटनेस रूटीन न सिर्फ शरीर को थकाए बिना एक्टिव रखता है, बल्कि जोड़ों, मांसपेशियों और तंत्रिका तंत्र को संतुलन में लाने में भी मदद करता है। यही वजह है कि यह आसान लेकिन असरदार तरीका तेजी से लोगों की रोजमर्रा की फिटनेस आदत बनता जा रहा है।
शुरुआत हमेशा आराम से करें। दो मिनट तक धीमी चाल से चलें, हल्की जॉगिंग करें, साइकिल चलाएं या किसी कार्डियो मशीन पर हल्का व्यायाम करें। इस दौरान कोशिश करें कि सांस नाक से ही अंदर लें और बाहर छोड़ें। शुरुआत में यह थोड़ा मुश्किल लग सकता है, लेकिन खुद पर जोर न डालें। यह कोई परीक्षा नहीं, बस एक आदत है जो धीरे-धीरे बनती है।नाक से सांस लेने से दिल की धड़कन संतुलित रहती है और मन अपने आप शांत होने लगता है।
अब एक मिनट के लिए अपनी गति थोड़ी बढ़ाएं। हल्का स्प्रिंट, तेज जंपिंग जैक, स्टेप-अप, सीढ़ियां चढ़ना या जो भी तेज गतिविधि आपको सहज लगे, वह करें।यहां भी सांसों पर ध्यान बनाए रखें। नाक से सांस लेने की कोशिश आपको जरूरत से ज्यादा जोर लगाने से रोकती है और शरीर को सुरक्षित रखती है।कुछ ही हफ्तों में आपको महसूस होगा कि यह एक मिनट पहले से आसान लगने लगा है।
अब गति को फिर से धीमा कर दें। एक मिनट तक हल्का व्यायाम करते हुए गहरी सांस लें।यह समय शरीर को संभलने का मौका देता है। फेफड़ों तक भरपूर हवा पहुँचती है, मांसपेशियों का तनाव कम होता है और मन को भी राहत मिलती है।
अब दोबारा एक मिनट के लिए गति बढ़ाएं। अगर शरीर साथ दे, तो पहले से थोड़ा तेज करने की कोशिश करें।दौड़ना जरूरी नहीं आप एयर बॉक्सिंग कर सकते हैं, तेज कदमों से चल सकते हैं या कोई भी एक्टिविटी चुन सकते हैं जो आपको पसंद हो।
बस ध्यान यही रखें कि सांसों की लय न टूटे।
फिर से एक मिनट के लिए गति कम करें और नाक से गहरी सांस लें।अगर इस समय नाक से सांस लेना बहुत मुश्किल लग रहा है, तो समझ जाइए कि स्प्रिंट थोड़ा ज्यादा तेज हो गया था। अगली बार बस रफ्तार थोड़ी कम रखें।याद रखिए, फिटनेस मुकाबला नहीं, समझदारी है।
अब इसी दौड़ और रिकवरी के क्रम को दो बार दोहराएं।हर चक्र के साथ शरीर और मन के बीच तालमेल बेहतर होता जाता है। आप खुद महसूस करेंगे कि सांसें पहले से ज्यादा नियंत्रित हैं और शरीर ज्यादा सहज लग रहा है।
अंत में दो मिनट तक फिर से धीमा व्यायाम करें। गहरी सांस लें और शरीर को धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में आने दें।यह स्टेप बेहद जरूरी है, क्योंकि यही वो समय है जब थकान कम होती है और शरीर को सुकून मिलता है।
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लव सोनकर
लव सोनकर - 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई संस्थानों में अपना योगदान दि है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता ए...और पढ़ें...
Published on:
07 Feb 2026 11:24 am

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