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सवाई मानसिंह की विरासत…रामबाग, जयगढ़ और सिटी पैलेस के अलावा और कौनसी- कौनसी संपत्ति है राजपरिवार के पास

Jaipur Royal Family: सिर्फ सिटी पैलेस ही नहीं, रामबाग और जयगढ़ जैसे किलों के भी मालिक हैं जयपुर के महाराजा। सवाई मान सिंह II की विरासत से लेकर महाराजा पद्मनाभ सिंह के पोलो शौक तक, जयपुर की शाही संपदा और गौरवशाली इतिहास की पूरी जानकारी यहां पढ़ें।

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भारत

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Pratiksha Gupta

Jan 31, 2026

Padmanabh Singh, City Palace Jaipur, Maharani Gayatri Devi

Jaipur King Royal Family | (फोटो सोर्स- pachojaipur / Instagram)

Jaipur Royal Family: जयपुर के राजघराने का इतिहास सिर्फ म्यूजियम की दीवारों में कैद नहीं है, बल्कि वह सिटी पैलेस के गलियारों में सांस लेता है और पोलो के मैदानों में दौड़ता है। एक तरफ महाराजा सवाई मान सिंह द्वितीय का वो दौर था जिसने जयपुर को दुनिया के नक्शे पर चमकाया, और दूसरी तरफ आज के मॉडर्न महाराजा पद्मनाभ सिंह हैं, जो इंस्टाग्राम से लेकर पेरिस के फैशन रैंप तक छाए हुए हैं। आइए, आपको ले चलते हैं जयपुर के उस शाही सफर पर, जहां राजशाही खत्म तो हुई, लेकिन उसका रसूख आज भी पहले जैसा ही बुलंद है।

महाराजा सवाई मान सिंह II

जयपुर को आधुनिकता के सांचे में ढालने वाले महाराजा सवाई मान सिंह द्वितीय एक सुंदर व्यक्तित्व के धनी थे। 1922 में सिंहासन संभालने वाले मान सिंह राजशाही और मॉडर्न विजन का अनोखा मिक्सचर थे। वे एक वर्ल्ड क्लास पोलो खिलाड़ी थे, जिन्होंने अपनी स्टिक के जादू से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जयपुर का नाम रोशन किया। एक मैच में उनके 9 गोल करने का रिकॉर्ड आज भी चर्चाओं में रहता है।

महाराजा सवाई पद्मनाभ सिंह

वर्तमान में जयपुर राजघराने का ग्लोबल चेहरा हैं महाराजा सवाई पद्मनाभ सिंह यानी 'पाचो'। 1998 में जन्मे पद्मनाभ एक प्रो-पोलो प्लेयर हैं और दुनिया के सबसे महंगे ब्रांड्स के लिए मॉडलिंग कर चुके हैं। इंग्लैंड में पढ़े- लिखे पद्मनाभ ने राजशाही को एक नया कूल फैक्टर दिया है। वे इंस्टाग्राम से लेकर ग्लोबल फैशन वीक तक छाए रहते हैं, लेकिन साथ ही अपनी सांस्कृतिक जड़ों और सिटी पैलेस की परंपराओं का भी पूरी निष्ठा से पालन करते हैं।

सिटी पैलेस की संदरता

सिटी पैलेस के भीतर की सुंदरता किसी जादुई दुनिया से कम नहीं है। यहां के चार मुख्य दरवाजे- मोर, कमल, गुलाब और लहरिया चार ऋतुओं को समर्पित हैं और अपनी नक्काशी के लिए मशहूर हैं। महल के प्रीतम निवास चौक और चंद्र महल की भव्यता आंखों को सुकून देती है। इसकी वास्तुकला में राजपूत, मुगल और यूरोपीय शैलियों का मिक्सचर देखने को मिलता है। पैलेस का एक बड़ा हिस्सा आज म्यूजियम है, जहां बेशकीमती हथियार, झूमर और दुर्लभ कालीन रखे हैं, जो पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र हैं।

सिटी पैलेस के अलावा और कौन- कौनसी संपत्ति है?

जयपुर राजघराने की विरासत सिर्फ दीवारों तक सीमित नहीं है, बल्कि आज यह एक मल्टी-करोड़ हेरिटेज बिजनेस में बदल चुकी है।
रामबाग पैलेस- कभी राजाओं का घर रहा यह महल आज दुनिया का बेहतरीन लग्जरी होटल है, जिसमें परिवार की बड़ी हिस्सेदारी है।
राजमहल पैलेस- सुजान ग्रुप के साथ मिलकर इसे एक 'बुटीक होटल' का रूप दिया गया है, जो आधुनिक शाही लाइफस्टाइल का चेहरा है।
जयगढ़ किला- आमेर की पहाड़ियों पर स्थित यह ऐतिहासिक किला आज चैरिटेबल ट्रस्ट के जरिए पर्यटन का बड़ा केंद्र है।
हेरिटेज वेंचर्स- शाही परिवार पोलो इवेंट्स, आलीशान रेस्टोरेंट्स और कल्चरल प्रोजेक्ट्स के जरिए अपनी आय और विरासत दोनों को निरंतर बढ़ा रहा है।

जयपुर की महारानियां

जयपुर राजघराने की महारानियों ने हमेशा पर्दे से बाहर निकलकर दुनिया को प्रभावित किया है। महारानी गायत्री देवी अपनी सादगी और सुंदरता के लिए दुनिया की सबसे खूबसूरत महिलाओं में शुमार थीं। उन्होंने राजनीति में कदम रखा और ऐतिहासिक जीत दर्ज की। आज उनकी विरासत को राजमाता पद्मिनी देवी और उनकी बेटी दीया कुमारी आगे बढ़ा रही हैं। दीया कुमारी आज राजस्थान की उपमुख्यमंत्री के रूप में जनता के बीच सक्रिय हैं।