
Gen Z Parenting Tips: बदलते दौर में बच्चों की सही परवरिश करना बेहद मुश्किल साबित हो रहा है। खासकर जेनरेशन Z और अल्फा पीढ़ी को संभालना आसान नहीं है। ये बच्चे तकनीक और इंटरनेट की दुनिया में बड़े हो रहे हैं। बच्चों की परवरिश में माता-पिता की भूमिका सबसे अहम होती है। बदलते समय के साथ पैरेंटिंग के तरीके भी बदल रहे हैं। आजकल माता-पिता के बीच ‘7-7-7 रूल ऑफ पैरेंटिंग’ तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। यह एक ऐसा नियम है जो बच्चों के मानसिक, भावनात्मक और शारीरिक विकास के साथ-साथ माता-पिता और बच्चों के बीच रिश्ते को भी मजबूत बनाता है।
यह नियम माता-पिता और बच्चों के बीच संवाद को मजबूत बनाता है। बच्चों को जब लगता है कि उनके माता-पिता उनकी भावनाओं को समझते हैं, तो वे और अधिक ईमानदार, आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनते हैं। रोजाना सिर्फ 21 मिनट बच्चों के साथ बिताने से न केवल उनका मानसिक विकास होता है, बल्कि घर में सकारात्मक माहौल और मजबूत रिश्ते भी बनते हैं।
सोशल मीडिया और व्यस्त दिनचर्या के समय में बच्चों के लिए माता-पिता का समय और ध्यान ही सबसे बड़ा तोहफा है। ऐसे में 7-7-7 रूल अपनाना लाभकारी हो सकता है। क्योंकि, खुश बच्चे ही एक खुशहाल परिवार की पहचान होते हैं।
राजद के कई बड़े नेता और तेजश्री यादव की पत्नी ने कहा था कि बिहार में खेल होना अभी बाकि है। ऐसा होने के डर से ही नीतीश कुमार ने अपने विधायकों को फ्लोर टेस्ट से पहले विधानसभा के नजदीक चाणक्य होटल में रात को रुकवाया।

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लव सोनकर
लव सोनकर - 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई संस्थानों में अपना योगदान दि है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता ए...और पढ़ें...
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Updated on:
13 Oct 2025 06:04 pm
Published on:
13 Oct 2025 06:03 pm

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