
3.7 तीव्रता से हिली धरती, लोग घबराकर घरों से निकले (फोटो सोर्स : X NCS )
Earthquake Tremors Jolt Lucknow: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शुक्रवार सुबह उस समय हलचल मच गई जब लोगों ने अचानक धरती को हिलते हुए महसूस किया। सुबह का शांत माहौल कुछ ही सेकंड में दहशत में बदल गया। घरों, दफ्तरों और बहुमंजिला इमारतों में मौजूद लोग घबराकर बाहर निकल आए। हालांकि झटके हल्के थे, लेकिन अप्रत्याशित कंपन ने लोगों को डरा दिया। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार यह भूकंप सुबह 7 बजकर 32 मिनट पर दर्ज किया गया। इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.7 मापी गई, जबकि इसका केंद्र गोंडा जिला रहा। भूकंप की गहराई धरती से लगभग 10 किलोमीटर बताई गई है, जो इसे सतही भूकंप की श्रेणी में रखती है।
सुबह के समय अधिकांश लोग अपने दैनिक कार्यों की तैयारी में जुटे थे। कई लोग चाय पी रहे थे, बच्चे स्कूल जाने की तैयारी कर रहे थे, तभी अचानक पंखे, खिड़कियां और दरवाजे हिलने लगे। बहुमंजिला इमारतों में रहने वालों ने कंपन अधिक महसूस किया। लखनऊ के अलीगंज, गोमती नगर, इंदिरा नगर, आलमबाग और हजरतगंज जैसे इलाकों से झटके महसूस किए जाने की सूचना मिली। कुछ लोगों ने बताया कि उन्हें ऐसा लगा जैसे भारी वाहन घर के पास से गुजर रहा हो, लेकिन कुछ ही सेकंड में समझ आ गया कि यह भूकंप है।
भूकंप वैज्ञानिकों के अनुसार इस झटके का केंद्र गोंडा जिला रहा। यह क्षेत्र भूगर्भीय रूप से सक्रिय पट्टी के निकट आता है। विशेषज्ञ बताते हैं कि उत्तर प्रदेश के तराई और आसपास के इलाके हिमालयी टेक्टोनिक प्लेटों की हलचल के प्रभाव क्षेत्र में आते हैं, इसलिए यहां हल्के से मध्यम तीव्रता के भूकंप समय-समय पर आते रहते हैं। हालांकि 3.7 तीव्रता का भूकंप सामान्यतः नुकसानदायक नहीं होता, लेकिन यदि केंद्र आबादी वाले क्षेत्र के निकट हो तो झटके स्पष्ट महसूस किए जाते हैं।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार अभी तक किसी जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं है। जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। लखनऊ के जिलाधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक, “भूकंप के झटके हल्के थे। किसी इमारत में दरार या किसी दुर्घटना की सूचना नहीं मिली है। एहतियातन निगरानी जारी है।” फायर विभाग और पुलिस कंट्रोल रूम को अलर्ट मोड पर रखा गया था, लेकिन किसी आपात स्थिति की आवश्यकता नहीं पड़ी।
भूकंप के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने अपने अनुभव साझा किए। कई लोगों ने लिखा कि उन्हें पहली बार भूकंप के झटके महसूस हुए। गोमती नगर निवासी एक महिला ने बताया, “मैं किचन में थी, अचानक बर्तन खनखनाने लगे। पहले लगा कोई भारी ट्रक निकला होगा, लेकिन झटके कुछ सेकंड तक रहे। एक छात्र ने कहा, “हम ऑनलाइन क्लास की तैयारी कर रहे थे। कुर्सी हिलने लगी तो समझ आया कि भूकंप है। भूकंप विशेषज्ञों का कहना है कि 3.7 तीव्रता का भूकंप ‘माइल्ड’ श्रेणी में आता है। इससे सामान्यतः संरचनात्मक क्षति नहीं होती। यानी की 3.5 से 4.5 तीव्रता के भूकंप अक्सर महसूस तो होते हैं, पर नुकसान नहीं पहुंचाते, सतही गहराई होने पर झटके अधिक स्पष्ट लगते हैं। ऐसे झटके बड़े भूकंप की पूर्व चेतावनी नहीं माने जाते, पर सतर्कता जरूरी है
उत्तर प्रदेश भले ही उच्च जोखिम वाले भूकंप जोन में पूरी तरह शामिल नहीं है, लेकिन इसका कुछ भाग भूकंप जोन-3 और जोन-4 में आता है। तराई क्षेत्र, पूर्वी यूपी और नेपाल सीमा से सटे इलाके भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील माने जाते हैं।
विशेषज्ञ बताते हैं कि हिमालयी क्षेत्र में टेक्टोनिक प्लेटों की हलचल का असर मैदानी इलाकों तक महसूस होता है।
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) के अधिकारी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। नियंत्रण कक्ष सक्रिय है और जरूरत पड़ने पर राहत दल भेजे जाने की व्यवस्था तैयार है। हालांकि इस भूकंप से किसी प्रकार की आपदा की स्थिति नहीं बनी, फिर भी प्रशासन ने इसे जागरूकता का अवसर माना है।
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Published on:
06 Feb 2026 10:10 am
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