
वैश्विक संकेतों और स्थानीय मांग के बीच बदला रुख, ज्वेलरी बाजार में हलचल (फोटो सोर्स : WhatsApp News Group)
Gold Silver Price Today: सर्राफा बाजार में आज सोने और चांदी के दामों में गिरावट दर्ज की गई, जिससे बाजार में नई हलचल देखने को मिली है। कीमतों में आई इस नरमी से जहां खरीदारों के चेहरे खिले हैं, वहीं निवेशक बाजार की दिशा को लेकर सतर्क नजर आ रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार के संकेतों, डॉलर की चाल और मांग-आपूर्ति के संतुलन ने कीमतों पर असर डाला है।
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सर्राफा व्यापारियों के अनुसार, कीमतों में यह गिरावट अचानक नहीं बल्कि वैश्विक परिस्थितियों का परिणाम है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमती धातुओं के भाव में उतार-चढ़ाव, डॉलर की मजबूती और निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली (profit booking) के कारण घरेलू बाजार में भी दबाव देखा गया। विशेषज्ञों का कहना है कि जब वैश्विक स्तर पर सोना महंगा होता है तो घरेलू कीमतें भी बढ़ती हैं, लेकिन हाल के दिनों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुछ नरमी आने से इसका असर स्थानीय बाजारों पर पड़ा है।
कीमतों में गिरावट के बाद ज्वेलरी दुकानों पर ग्राहकों की आवाजाही बढ़ी है। कई लोग इसे खरीदारी का अनुकूल समय मान रहे हैं। शादी-विवाह के सीजन को देखते हुए सोने के गहनों की मांग में हल्की तेजी आई है। चौक और अमीनाबाद के व्यापारियों का कहना है कि ग्राहक छोटी-छोटी खरीदारी कर रहे हैं, खासकर 18 और 22 कैरेट ज्वेलरी में रुचि बढ़ी है। हालांकि, बड़े निवेशक अभी भी बाजार की दिशा स्पष्ट होने का इंतजार कर रहे हैं।
चांदी के दामों में आई गिरावट ने ज्वेलरी और निवेश दोनों वर्गों को आकर्षित किया है। चांदी का उपयोग औद्योगिक क्षेत्र में भी होता है, इसलिए इसकी कीमतें केवल ज्वेलरी मांग पर निर्भर नहीं रहतीं। व्यापारियों का कहना है कि चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव तेज रहता है। इसलिए निवेश से पहले जोखिम को समझना जरूरी है।
वित्तीय सलाहकारों का मानना है कि सोना और चांदी लंबे समय के निवेश के रूप में सुरक्षित विकल्प माने जाते हैं, लेकिन अल्पकालिक उतार-चढ़ाव से घबराना नहीं चाहिए।
लखनऊ का सर्राफा बाजार प्रदेश के प्रमुख बाजारों में गिना जाता है। यहां की कीमतें अक्सर राष्ट्रीय रुझानों के साथ चलती हैं। आज की गिरावट ने बाजार में उत्साह और सतर्कता दोनों पैदा की है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि वैश्विक बाजार में स्थिरता रहती है तो कीमतों में और हल्का उतार-चढ़ाव संभव है। हालांकि, अचानक अंतरराष्ट्रीय घटनाओं से कीमतें फिर उछल भी सकती हैं।
Published on:
31 Jan 2026 11:36 am
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