
चांदी-सोने में लगी “आग”: भावों ने तोड़े रिकॉर्ड, निवेशकों और खरीदारों में उत्साह-चिंता दोनों (फोटो सोर्स : WhatsApp News Group)
Gold Silver Rate Today: सर्राफा बाजार में फिर से आज सोने और चांदी के रेट में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है, जिससे बाजार में “चांदी-सोने में आग लगने” जैसा मंजर बन गया है। सर्राफा व्यापारियों के मुताबिक चांदी 4 लाख रुपये के पार पहुँच चुकी है और सोना भी 1,88,000 रुपये के स्तर तक मजबूती के साथ पहुंचा है, जो निवेशकों और उपभोक्ताओं दोनों का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है। यह उत्थान स्थानीय बाजार की मांग, वैश्विक स्टॉक और सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ी रुचि के बीच आया है। सोना-चांदी इन दिनों न केवल पारंपरिक आभूषण खरीदारों के लिए बल्कि निवेशकों के लिए भी एक सुरक्षित बचत साधन के रूप में उभर रहा है।
हाल ही में चांदी की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गई हैं और रोजाना व्यापार की प्रक्रिया में नए आंकड़े दर्ज हो रहे हैं। चांदी का भाव ₹4,00,000 प्रति किलो से ऊपर की बात की जा रही है, जो पिछले कुछ समय में एक महत्वपूर्ण उछाल दर्शाता है।इसी तरह, सोने का भाव भी तेजी के साथ ऊपर गया है। स्थानीय सर्राफा व्यापारियों के अनुसार आज सोना ₹1,88,000 के स्तर तक पहुँच गया है। यह बढ़ोतरी सर्राफा मंडियों में सौदेबाजी, वैश्विक बाजार में बुलियन की मांग और निवेश की आशंकाओं जैसे कारकों का परिणाम है।
वैश्विक स्तर पर भी कीमती धातुओं की कीमतें पिछले कुछ समय से ऊपर की ओर चल रही हैं, जिसका असर भारत जैसे आयात-आधारित देशों में सोना-चांदी के भाव पर सीधा पड़ता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की कमजोरी, ब्याज दरों की अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव जैसे कारक अक्सर इन धातुओं की कीमतों को प्रभावित करते हैं। हालांकि, आज के भावों को सीधे वैश्विक संकेतों से जोड़ना अभी विशिष्ट डेटा के अभाव में कठिन है, लेकिन सामान्यतः: जब निवेशकों में जोखिम-रहित संपत्तियों की मांग बढ़ती है तो सोना-चांदी का रुख मजबूत होता है।
चांदी और सोना दोनों के दामों में बढ़ोतरी कई घटकों के संयुक्त प्रभाव से होती है:
अनिश्चित वैश्विक आर्थिक हालात में निवेशक स्टॉक और जोखिम-आधारित संपत्तियों से दूर हो कर सोना-चांदी जैसे सुरक्षित विकल्पों की ओर अधिक रुचि दिखा रहे हैं।
त्योहारों, शादियों और सामाजिक आयोजनों के दौरान आभूषण के लिए सोने की मांग बढ़ती है। यह परंपरागत रूप से भारत में सोने की मांग को ऊंचा रखता है।
चांदी न सिर्फ आभूषणों में उपयोग होती है बल्कि सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और चिकित्सा उपकरणों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, जिससे इसकी औद्योगिक मांग भी कीमतों को ऊपर धकेलती है। इन फैक्टरों का संयुक्त प्रभाव बाजार में मूल्यों को ऊँचा धकेलता है।
जब सोने और चांदी के दाम इतनी तेजी से बढ़ते हैं, तो यह आम खरीदारों के खर्च पर भी असर डालता है।
सोना-चांदी की कीमतों पर नजर रखने वाले विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की बढ़ोतरी बाजार की मौजूदा स्थिति और भावी अर्थव्यवस्था की अनिश्चितता का संकेत देती है। एक अनुभवी सर्राफा व्यापारी ने बताया कि “चांदी और सोने में यह तेजी ऐतिहासिक स्तर पर रही है, और निवेशक इसे सुरक्षित विकल्प मानते हैं। हालांकि, विशेषज्ञ यह भी चेतावनी देते हैं कि इस तरह की तेजी अक्सर अस्थिर भी हो सकती है। इसलिए निवेश से पहले सावधानी से बाजार का विश्लेषण करना और विशेषज्ञ सलाह लेना ज़रूरी होता है।
लखनऊ सहित राज्य की सर्राफा मंडियों में भी इस तेजी का सीधा असर देखा जा रहा है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि मांग-आपूर्ति की दृढ़ता, वैश्विक संकेत और त्योहारों/समारोहों के कारण उत्साह बना हुआ है। सर्राफा व्यवसायी विनोद महेश्वरी ने बताया कि आज चांदी के दाम ₹4,00,000 के पार पहुँच गए हैं और सोना ₹1,88,000 के आसपास ट्रेड हो रहा है। यह संकेत है कि दोनों धातुएँ निवेश और आभूषण दोनों दृष्टिकोण से मांग में हैं।
सोना-चांदी में निवेश करना हमेशा एक व्यक्तिगत निर्णय रहा है। अगर कोई निवेशक सुरक्षित संपत्ति की तलाश में है तो यह एक विकल्प हो सकता है, लेकिन इसके साथ जुड़े जोखिमों को समझना भी ज़रूरी है।
Updated on:
29 Jan 2026 02:41 pm
Published on:
29 Jan 2026 02:39 pm
बड़ी खबरें
View Allलखनऊ
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
