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‘धर्म और जाति की आड़ में राजनीति…’ 2027 चुनाव से पहले मायावती का योगी सरकार पर विस्फोटक बयान

UP Politics: बसपा प्रमुख मायावती ने लखनऊ में समीक्षा बैठक कर यूपी विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों का बिगुल फूंका।

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लखनऊ

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Anuj Singh

Feb 07, 2026

mayawati

PC: IANS

Mayawati Big Statement on Yogi Government: बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने यूपी विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी प्रमुख मायावती ने 7 फरवरी 2026 को लखनऊ स्थित बसपा कार्यालय में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। इस बैठक में प्रदेश भर से पार्टी के पदाधिकारी, जिला अध्यक्ष और 403 विधानसभा क्षेत्रों के प्रभारी शामिल हुए। यह बैठक पार्टी की संगठनात्मक मजबूती और चुनावी रणनीति पर केंद्रित थी।

बैठक का मुख्य उद्देश्य

मायावती ने बैठक में कहा कि अब 2027 के विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं। इसलिए सभी कार्यकर्ताओं को अभी से पूरी ताकत से तैयारी करनी होगी। उन्होंने बताया कि SIR यानी मतदाता सूची के संशोधन के कारण पार्टी का काम कुछ प्रभावित हुआ था। अब उन अधूरे कामों को जल्द पूरा किया जाएगा। एसआईआर प्रक्रिया में पार्टी कार्यकर्ताओं को सतर्क रहने और नए मतदाताओं को जोड़ने का निर्देश दिया गया है।

विरोधी दलों पर निशाना

मायावती ने विपक्षी पार्टियों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कुछ दल बसपा को कमजोर करने के लिए साजिशें रच रहे हैं। पदाधिकारियों को इन साजिशों से सावधान रहने और सक्रिय रहने की हिदायत दी गई। मायावती का कहना था कि बसपा को मजबूत बनाने के लिए सभी स्तर पर काम तेज करना होगा। पार्टी अकेले चुनाव लड़ेगी और पूर्ण बहुमत से सरकार बनाएगी।

जनता के मुद्दों पर फोकस

बैठक में मायावती ने केंद्र और राज्य सरकारों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि गरीब, दलित, शोषित, वंचित, मुस्लिम और अन्य अल्पसंख्यक वर्गों की हालत दयनीय बनी हुई है। किसान, मजदूर और व्यापारी भी परेशान हैं। पिछली और मौजूदा सरकारों ने इन वर्गों के हितों पर ध्यान नहीं दिया। मायावती ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकारें जनहित के मुद्दों पर काम करने के बजाय जाति और धर्म के नाम पर राजनीति करती हैं। इससे समाज में नफरत की भावना बढ़ रही है, जो देश के हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि जाति-धर्म की आड़ में आपस में लड़वाना गलत है।

पदाधिकारियों को निर्देश

मायावती ने पार्टी पदाधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि वे जनता के बीच जाकर गरीबों, ओबीसी, एससी-एसटी, अल्पसंख्यकों, किसानों, मजदूरों और व्यापारियों की दयनीय स्थिति पर ध्यान आकर्षित करें। इन मुद्दों को उठाकर लोगों को जागरूक करना होगा। पार्टी का फोकस बहुजन समाज के साथ-साथ सभी वर्गों को जोड़ने पर रहेगा।

बसपा की रणनीति 2027 के लिए

यह बैठक मिशन 2027 का हिस्सा है। बसपा संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत कर रही है। ब्राह्मण, ओबीसी और मुस्लिम भाईचारा कमेटियों के माध्यम से नए वोटरों को जोड़ने की कोशिश हो रही है। मायावती अकेले चुनाव लड़ने पर अड़ी हैं और पार्टी को मजबूत बनाने के लिए नियमित बैठकें और समीक्षा कर रही हैं। बता दें कि बसपा अब 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए पूरी तरह सक्रिय हो गई है। मायावती की यह बैठक पार्टी कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरने वाली साबित होगी।