लखनऊ, Jun 06, 2026

मंत्री ओपी राजभर ने समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव पर साधा निशाना। फोटो सोर्स-पत्रिका न्यूज
OP Rajbhar Targeted On Akhilesh Yadav: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 के करीब आते ही प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। खासकर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और योगी सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर (Om Prakash Rajbhar) लगातार समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) पर निशाना साध रहे हैं। शनिवार को भी उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला।
ओपी राजभरने अपनी पोस्ट की शुरुआत व्यंग्यात्मक अंदाज में की। उन्होंने लिखा कि उन्हें उम्मीद ही नहीं, बल्कि पूरा विश्वास है कि अखिलेश यादव हमेशा की तरह "बेखबर, मस्त और बिना काम के व्यस्त" होंगे। इसके बाद उन्होंने 6 जून 2013 का जिक्र करते हुए कहा कि इसी दिन इलाहाबाद हाई कोर्ट (Allahabad High Court) ने तत्कालीन समाजवादी पार्टी सरकार से एक महत्वपूर्ण सवाल पूछा था।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए उन्होंने लिखा, ''आज 6 जून है, सोचा आपको याद दिला दूं। आज ही के दिन 2013 में आपकी सरकार को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक प्रश्न पूछकर कसके रगड़ा था। याद आया… ?''
राजभर ने दावा किया कि अदालत ने आतंकवाद से जुड़े मामलों में आरोपियों के खिलाफ मुकदमे वापस लेने के फैसले पर सरकार को कठघरे में खड़ा किया था। उन्होंने अपनी पोस्ट में एक पुरानी खबर का स्क्रीनशॉट भी साझा किया, जिसमें उल्लेख था कि 2007 के लखनऊ, वाराणसी और फैजाबाद बम धमाकों के आरोपियों के खिलाफ मुकदमे वापस लेने के फैसले पर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया था और सरकार से आरोपियों की सूची मांगी थी।
इसी संदर्भ को आधार बनाते हुए राजभर ने अखिलेश यादव पर हमला किया और कहा कि उन्हें अपने पुराने फैसलों को याद करना चाहिए। उन्होंने लिखा कि इससे उन्हें "अपने पाप याद आ जाएंगे" और 2027 के चुनाव में हार होने पर ईवीएम या अन्य कारणों को दोष देने का अवसर नहीं मिलेगा।
राजभर ने अपनी पोस्ट में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं और समर्थकों पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि सपा समर्थकों को यह जानना चाहिए कि अतीत में उनकी सरकार ने कौन-कौन से फैसले लिए थे। इसी वजह से उन्होंने अपनी बात हिंदी में भी लिखने की बात कही। पोस्ट के अंत में उन्होंने वह राजनीतिक नारा भी दोहराया जिसे भाजपा और उसके सहयोगी दल लंबे समय से समाजवादी पार्टी पर हमला करने के लिए इस्तेमाल करते रहे हैं।
हालांकि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में अभी समय है, लेकिन प्रदेश में राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज होता जा रहा है। NDA के सहयोगी दलों के नेता लगातार समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव पर हमलावर हैं, जबकि विपक्ष भी सरकार के खिलाफ मुखर है। ऐसे में आने वाले महीनों में सियासी बयानबाजी और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।
Published on: 06 Jun 2026 02:28 pm

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