लखनऊ, Jun 07, 2026

शादी का दबाव बनाने पर छात्रा का किया बेरहमी से कत्ल (फोटो- पत्रिका)
Lucknow Bsc Student Murder Case: सीतापुर से लापता हुई बीएससी की छात्रा की लखनऊ में उसके प्रेमी ने बेरहमी से हत्या कर दी। घटना के 10 दिन बाद जब पिता को बेटी की खबर मिली तो उन्हें उसकी साबुत लाश तक नसीब नहीं हुई। लखनऊ के बीकेटी इलाके के जंगल में जानवरों का शिकार हुई बेटी के शरीर के नाम पर सिर्फ दो हड्डियां और कुछ बाल ही मिले। बदहवास पिता ने पोस्टमार्टम हाउस से पॉलिथीन में मिले बालों के साथ ही अपनी लाडली का अंतिम संस्कार किया।
पिता ने मौके पर पड़े कपड़े और चप्पल से अपनी बेटी को पहचाना। रोते हुए पिता ने बताया कि अगर पुलिस ने समय रहते कार्रवाई की होती तो कम से कम बेटी की साबुत लाश तो मिल जाती। अब पुलिस ने मौके से मिली दो हड्डियों एक जांघ और दूसरी कोहनी की और बालों को डीएनए जांच के लिए सुरक्षित रख लिया है। पिता का दर्द इस बात से और छलक गया कि उन्हें शरीर का कोई और हिस्सा नहीं मिला और पुलिस उन्हें 10 दिन तक गुमराह करती रही।
परिजनों का आरोप है कि 25 मई को जब छात्रा घर नहीं लौटी तो पुलिस ने तुरंत कोई एक्शन नहीं लिया। तीन दिन तक ग्रामीणों के साथ धरने पर बैठने के बाद पुलिस हरकत में आई। पिता का यह भी गंभीर आरोप है कि घटनास्थल पर जब उन्होंने अवशेषों की फोटो खींचनी चाही तो पुलिस ने उनका फोन छीन लिया और मोबाइल से सारी तस्वीरें डिलीट कर दीं। रोते हुए पिता ने कहा कि ‘मेरी बेटी का अपहरण कर उसे मार दिया गया। पता नहीं उसके साथ क्या-क्या किया होगा।' 10 दिन बाद हत्या का पता चला लेकिन साबुत लाश तक नहीं मिली।
पुलिस पूछताछ में आरोपी विशाल पाल ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उसने बताया कि छात्रा के साथ उसका प्रेम-प्रसंग था और वह तीन महीने की गर्भवती हो गई थी। तीन महीने बीत जाने के बाद वह लगातार मुझसे शादी करने की जिद करने लगी। इससे बचने के लिए मैं उसे बाइक पर बैठाकर यहां ले आया और गला दबाकर हत्या कर दी। इस खौफनाक साजिश में विशाल की बहन का भी नाम सामने आया है जिसने शुरुआत में दोनों की मुलाकात करवाई थी।
सीतापुर पुलिस जब 6 जून को मुख्य आरोपी विशाल पाल को साक्ष्य जुटाने के लिए रामपुर मढ़िया के पास ले गई। इसी बीच सीतापुर के ग्राम रामपुर मढ़िया के रोड किनारे स्थित बाग के पास आरोपी विशाल पाल ने शौच का बहाना बनाया। मौका पाते ही उसने एक सिपाही की पिस्टल छीन ली और पुलिस टीम पर फायरिंग करते हुए भागने लगा। पुलिस की जवाबी फायरिंग में विशाल के दाहिने पैर में गोली लगी जिसके बाद उसे दबोच कर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मौत के 10 दिन बीत जाने और जंगल में डेडबॉडी पड़ी रहने की वजह से शव को जानवर खा गए थे। मौके पर सिर्फ 2 हड्डियां और छात्रा के बाल मिले। पोस्टमॉर्टम हाउस में हड्डियों का एक्स-रे कराया गया। इसके बाद हड्डियों और कुछ बाल को DNA टेस्ट के लिए भेज दिया। अवशेषों के DNA टेस्ट के बाद ही आगे की स्थिति साफ हो सकेगी। पोस्टमॉर्टम के बाद पिता को बेटी के अंतिम संस्कार के लिए पॉलिथीन में कुछ बाल थमा दिए गए। हड्डियों का सैंपल प्रीजर्व कर दिया गया। बेटी के शरीर के मिले अवशेष भी पिता को नहीं मिले।
दरअसल, 25 मई को छात्रा कॉलेज जाने के लिए घर से निकली थी तभी आरोपी विशाल उसे बहला फुसलाकर अपने साथ भगा ले गया। बेटी के लापता होने पर पिता ने थाने में तहरीर दी लेकिन पुलिस ने मामले की गंभीरता को दरकिनार कर तुरंत कोई एक्शन नहीं लिया। पुलिस की इसी लापरवाही के चलते तीन दिन बाद आखिरकार 28 मई को संदना थाने में इस मामले की FIR दर्ज की गई। युवती की बरामदगी न होने पर परिजन ने धरना-प्रदर्शन किया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी विशाल को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। उसकी निशानदेही पर 6 जून को पुलिस ने लखनऊ के जंगल से छात्रा के शव के अवशेष बरामद किए।
Published on: 07 Jun 2026 05:19 pm

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