
जनवरी के अंत तक गिरेगा तापमान, फरवरी की शुरुआत में बदलेगा मौसम का मिजाज (फोटो सोर्स : Patrika)
Cold Wave Intensifies In UP : प्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट ले रहा है। सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के गुजरने के बाद अब शीतलहर और घने कोहरे का दौर तेज होने जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, जनवरी के शेष दिनों में तापमान में गिरावट दर्ज होगी, जबकि फरवरी की शुरुआत एक नए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से वर्षा लेकर आएगी। पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। इसकी मुख्य वजह बर्फबारी वाले पहाड़ी क्षेत्रों से आ रही ठंडी और शुष्क उत्तर-पश्चिमी हवाएं हैं। इन हवाओं ने वातावरण को और ठंडा बना दिया है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, वर्तमान में कोई सक्रिय मौसम तंत्र मौजूद नहीं है, जिससे वातावरण में स्थिरता बढ़ रही है। इस स्थिरता का सीधा असर यह होगा कि रात के तापमान में और गिरावट आएगी तथा सुबह और रात के समय घना कोहरा छाने की संभावना बढ़ेगी।
विशेषज्ञों का अनुमान है कि न्यूनतम तापमान में 1 -3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट संभव है। सुबह के समय दृश्यता बेहद कम हो सकती है। कई जिलों में घना से अति घना कोहरा पड़ सकता है। कोहरे की वजह से सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है। हवाई उड़ानों पर भी असर पड़ने की संभावना जताई गई है।
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश जैसे पर्वतीय क्षेत्रों में हो रही बर्फबारी के बाद वहां से आ रही ठंडी हवाएं मैदानी इलाकों को कंपा रही हैं। यह हवाएं नमी कम और ठंड अधिक लेकर आती हैं, जिससे शीतलहर जैसी स्थिति बनती है। विशेषज्ञों का कहना है कि दिन में धूप निकलने के बावजूद ठंडी हवाओं के कारण लोगों को राहत कम ही मिलेगी। शाम ढलते ही ठंड तेजी से बढ़ेगी।
मौसम विभाग ने संकेत दिया है कि फरवरी की शुरुआत में एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसके प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में 1 से 3 फरवरी के बीच हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। बारिश के साथ तापमान में 2-4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। वायुमंडलीय अस्थिरता बढ़ेगी .कोहरे में कमी आने की संभावना है। इस दौरान आसमान में बादल छाए रह सकते हैं और कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ वर्षा भी हो सकती है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बारिश के बाद वातावरण साफ होने पर एक बार फिर ठंडी हवाएं सक्रिय होंगी। इससे 4 फरवरी से तापमान में फिर गिरावट आ सकती है। यानी प्रदेश को एक बार फिर ठंड के दूसरे दौर का सामना करना पड़ सकता है।
यह मौसम परिवर्तन किसानों के लिए भी महत्वपूर्ण है। गेहूं, सरसों और आलू जैसी फसलों के लिए यह मौसम मिश्रित असर वाला हो सकता है। हल्की बारिश फसलों के लिए लाभकारी साबित हो सकती है। अत्यधिक कोहरा सब्जियों और दलहनी फसलों को नुकसान पहुंचा सकता है। तापमान में अचानक गिरावट से पाला पड़ने की आशंका भी बढ़ सकती है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएं।
ठंड और कोहरे का असर स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है। डॉक्टरों के अनुसार बुजुर्ग और बच्चों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। अस्थमा और सांस संबंधी मरीजों को दिक्कत बढ़ सकती है। सुबह के समय बाहर निकलने से बचें। गर्म कपड़ों का उपयोग अनिवार्य है।
घने कोहरे के चलते हाईवे और एक्सप्रेस वे पर दृश्यता कम हो सकती है। वाहन चालकों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। रेलवे और उड़ानों के समय में भी देरी संभव है। प्रदेश में मौसम आने वाले दिनों में लगातार बदलता रहेगा। जनवरी का अंत कड़ाके की ठंड और कोहरे के साथ बीतेगा, जबकि फरवरी की शुरुआत बारिश के साथ होगी। इसके बाद फिर ठंड का दौर लौट सकता है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और आधिकारिक अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी है।
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Published on:
30 Jan 2026 01:09 pm
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