
पश्चिमी विक्षोभ का असर: 17-18 फरवरी को पश्चिमी यूपी में हल्की बारिश, तापमान में बढ़ोतरी (फोटो सोर्स : WhatsApp News Group)
Western Disturbance to Bring Light Showers in Western UP: प्रदेश में फिलहाल कोई सक्रिय मौसम तंत्र प्रभावी नहीं है, जिसके कारण आगामी 24 से 48 घंटों के दौरान तापमान में धीरे-धीरे 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि होने की संभावना जताई गई है। हालांकि 17 और 18 फरवरी को एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम में आंशिक बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, इस दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों में कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी या छिटपुट वर्षा होने के आसार हैं।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम भारत की ओर से आने वाला पश्चिमी विक्षोभ 17 फरवरी से सक्रिय होगा। इसके प्रभाव से प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में बादलों की आवाजाही बढ़ेगी। विशेष रूप से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के दक्षिणी जिलों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना है। हालांकि यह कोई व्यापक वर्षा प्रणाली नहीं होगी, लेकिन आसमान में बादल छाए रहने से मौसम में हल्का परिवर्तन महसूस किया जा सकता है।
वर्तमान में प्रदेश में शुष्क मौसम बना हुआ है। किसी भी सक्रिय प्रणाली के अभाव में दिन और रात के तापमान में धीरे-धीरे वृद्धि दर्ज की जा रही है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 24 से 48 घंटों में अधिकतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है। 17-18 फरवरी को पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक और वृद्धि होने की संभावना है। हालांकि अधिकतम तापमान में किसी विशेष बदलाव की संभावना नहीं है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस मौसम परिवर्तन का मुख्य प्रभाव पश्चिमी उत्तर प्रदेश के दक्षिणी जिलों में देखने को मिलेगा। इन क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी के कारण सुबह और शाम के समय हल्की ठंडक बनी रह सकती है। पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश में फिलहाल मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। यहां केवल आंशिक बादल छाने की संभावना है, लेकिन वर्षा की संभावना बहुत कम बताई जा रही है।
फरवरी का महीना रबी फसलों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। गेहूं, सरसों और चना जैसी फसलों के लिए हल्की बूंदाबांदी लाभकारी साबित हो सकती है, बशर्ते वर्षा सीमित रहे। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यदि वर्षा हल्की और अल्पकालिक रहती है, तो यह फसलों की बढ़वार के लिए फायदेमंद होगी। लेकिन यदि बादल अधिक समय तक छाए रहे और नमी बढ़ी, तो कुछ क्षेत्रों में रोगों की आशंका भी बढ़ सकती है। फिलहाल पूर्वानुमान के अनुसार भारी वर्षा या ओलावृष्टि की संभावना नहीं है, जिससे किसानों को बड़ी चिंता की जरूरत नहीं है।
शहरी क्षेत्रों में बादलों की आवाजाही के कारण सुबह और शाम के समय हल्की नमी महसूस की जा सकती है। हालांकि दिन के समय धूप निकलने की संभावना बनी रहेगी। विशेषज्ञों के अनुसार, तापमान में बढ़ोतरी के चलते धीरे-धीरे सर्दी का असर कम होगा और मौसम वसंत की ओर बढ़ता नजर आएगा।
मौसम में हो रहे इस बदलाव का असर स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है। सुबह-शाम तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण सर्दी-जुकाम और वायरल संक्रमण के मामले बढ़ सकते हैं। चिकित्सकों ने लोगों को मौसम के अनुसार सावधानी बरतने की सलाह दी है। हल्की बूंदाबांदी और बढ़ती नमी के कारण एलर्जी और सांस संबंधी समस्याओं से पीड़ित लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
मौसम विभाग ने किसानों और आम नागरिकों को सलाह दी है कि वे मौसम के ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखें। विशेष रूप से 17 और 18 फरवरी को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के दक्षिणी भागों में रहने वाले लोग हल्की वर्षा की संभावना को ध्यान में रखते हुए अपनी गतिविधियों की योजना बनाएं। किसानों को सलाह दी गई है कि वे फसलों की निगरानी करें और आवश्यकतानुसार कृषि विशेषज्ञों से परामर्श लें।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, 18 फरवरी के बाद पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव धीरे-धीरे समाप्त हो जाएगा और प्रदेश में पुनः शुष्क मौसम की स्थिति बन सकती है। फरवरी के अंतिम सप्ताह तक तापमान में क्रमिक वृद्धि जारी रहने की संभावना है, जिससे दिन के समय हल्की गर्माहट महसूस हो सकती है।
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लव सोनकर
लव सोनकर - 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई संस्थानों में अपना योगदान दि है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता ए...और पढ़ें...
Published on:
16 Feb 2026 05:30 am

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