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चीन-थाईलैंड से जुड़े गैंग का पर्दाफाश, छापे में मिला ‘चीनी सिम बॉक्स’ और 136 मोबाइल…

Bihar Syndicate China Connection: बिहार में बैठा अंतरराष्ट्रीय गिरोह चला रहा था इंटरनेशनल ठगी रैकेट। पुलिस छापे में 136 मोबाइल, 136 से अधिक सिम कार्ड, वाईफाई केबल और स्विच समेत भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के साथ 1.68 लाख रुपए भी बरामद किए हैं।

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बिहार से चलता था इंटरनेशनल साइबर गैंग; चीन–म्यांमार से कनेक्शन, 136 मोबाइल बरामद (इमेज सोर्स: AI जनरेटेड)

Cyber Crime: बिहार के मधुबनी जिले में पुलिस ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह चीन, म्यांमार, थाईलैंड और कंबोडिया में बैठे साइबर अपराधियों से मिलकर भारत में ठगी करवाता था।

पुलिस और आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की संयुक्त कार्रवाई में इस गैंग का पूरा नेटवर्क सामने आ गया। छापे के दौरान पुलिस ने 136 मोबाइल, 136 से ज्यादा सिम कार्ड, चीनी सिम बॉक्स, वाईफाई केबल, स्विच और कई अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए। इतना ही नहीं, मौके से 1.68 लाख रुपये नकद भी मिले।

गिरोह के सरगना सहित चार अरेस्ट

पुलिस ने इस गिरोह के सरगना सहित चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। यह खुलासा बताता है कि कैसे बिहार में बैठे कुछ लोग विदेशी नेटवर्क से जुड़कर बड़े पैमाने पर साइबर ठगी को अंजाम दे रहे थे। पुलिस की तेज कार्रवाई ने इस अंतरराष्ट्रीय ठगी रैकेट को बड़ा झटका दिया है।

पुलिस के मुताबिक, मधुबनी के तिरहुत कॉलोनी स्थित घर से संचालित केंद्र के जरिए यह गिरोह चीन, म्यांमार, थाईलैंड और कंबोडिया में बैठे साइबर अपराधियों के साथ मिलकर ये वारदात को अंजाम देता था। पुलिस ने इस गिरोह से जुड़े मनदीप कुमार, रोशन कुमार, मोहम्मद एहसान और विकास कुमार को गिरफ्तार किया है। बताया गया कि ये लोग निजी कंपनियों केA डिवाइस और सिम बॉक्स का उपयोग कर अंतरराष्ट्रीय ठगी को अंजाम देते थे।

जालसाज ऐसे देते थे वारदात को अंजाम

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष टीम बनाई गई और तकनीकी जांच व गुप्त सूचनाओं के आधार पर संदिग्ध जगह पर छापेमारी की गई। जिस घर पर छापा पड़ा, वह किसी आम घर जैसा नहीं, बल्कि पूरी तरह हाईटेक ऑफिस की तरह तैयार किया गया था।

यहां आरोपी चीनी सिम बॉक्स की मदद से एक ही समय में कई विदेशी कॉल को भारत के अलग-अलग राज्यों में रहने वाले लोगों के मोबाइल पर डाइवर्ट करते थे। इस ट्रिक से कॉल रिसीव करने वाले को लगता था कि उसे विदेश से नहीं, बल्कि भारत के किसी स्थानीय नंबर से फोन आया है। यही तरीका वे ठगी करने के लिए इस्तेमाल करते थे, जिससे लोग आसानी से जाल में फंस जाते थे।

कई उपकरण और दस्तावेज जब्त

पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि छापे के दौरान पुलिस को सात सिम बॉक्स, 136 मोबाइल फोन, 136 से ज्यादा सिम कार्ड, वाईफाई केबल, स्विच और कई तरह के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मिले। इसके साथ ही 1.68 लाख रुपये नकद भी बरामद किए गए। उन्होंने आगे बताया कि इस पूरे मामले की जानकारी राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी को भी दे दी गई है। सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।

पुलिस मुताबिक, आरोपी एक अवैध टेलीकॉम एक्सचेंज चला रहे थे। इसके जरिए वे अंतरराष्ट्रीय कॉल को लोकल कॉल की तरह दिखाते थे और फिर उसी का इस्तेमाल साइबर ठगी करने में करते थे। पुलिस ने मौके से कई उपकरण और जरूरी दस्तावेज भी जब्त किए हैं।