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मथुरा, Jun 07, 2026

‘IIT में पढ़ने के बाद ओढ़ा संन्यास का चोला’, अभिषेक मिश्रा की मां ने उसे रो-रोकर समझाया था; इनसाइड स्टोरी

Abhishek Mishra Case Update: 'अभिषेक मिश्रा की मां ने उसे रो-रोकर समझाया था', इनसाइड स्टोरी में पढ़िए केस में अब तक का पूरा अपडेट।

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IIT बाबा अभिषेक मिश्रा की इनसाइड स्टोरी। फोटो सोर्स-X (@cameraman_r)

Abhishek Mishra Case Update: उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में सामने आया कथित 'आईआईटियन बाबा' अभिषेक मिश्रा का मामला इन दिनों पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है। खुद को आध्यात्मिक गुरु और भगवान कृष्ण का अवतार बताने वाले अभिषेक मिश्रा पर युवतियों को अपने प्रभाव में लेकर उनका शोषण करने, ब्रेनवॉश करने और ब्लैकमेल करने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। पुलिस की कार्रवाई के बाद इस मामले में लगातार नए खुलासे सामने आ रहे हैं।

शिकायत के बाद खुला पूरा राज

इस मामले की शुरुआत तब हुई जब एक छात्रा ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) से शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई। छात्रा का आरोप था कि अभिषेक मिश्रा ने खुद को प्रवचन देने वाला धार्मिक व्यक्ति बताकर उससे संपर्क किया और विश्वास जीतने के बाद उसे नशीला पदार्थ देकर उसका शोषण किया। पीड़िता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया और कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

IIT से कॉर्पोरेट नौकरी तक का सफर

पुलिस जांच में सामने आया है कि अभिषेक मिश्रा ने IIT रुड़की से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी। पढ़ाई पूरी करने के बाद उसने मुंबई की एक निजी कंपनी में नौकरी शुरू की। बताया जाता है कि वह लाखों रुपये के सालाना पैकेज पर काम कर रहा था।

हालांकि, करीब एक साल नौकरी करने के बाद उसने कॉर्पोरेट दुनिया छोड़ दी और वर्ष 2023 में मथुरा के राधाकुंड क्षेत्र में आकर रहने लगा। यहीं से उसने आध्यात्मिक गुरु के रूप में अपनी नई पहचान बनानी शुरू की।

'आदिकर्ता नारायण दास' बनकर बनाई अलग पहचान

मथुरा आने के बाद अभिषेक मिश्रा ने अपना नाम बदलकर 'आदिकर्ता नारायण दास' रख लिया। पुलिस के अनुसार, उसने ऑनलाइन प्रवचन और सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं तक पहुंच बनानी शुरू की। धीरे-धीरे उसने एक ऐसा नेटवर्क तैयार किया जिसमें बड़ी संख्या में युवक और युवतियां उसके प्रभाव में आने लगे। पुलिस का दावा है कि वह अब तक कम से कम 12 युवक-युवतियों का ब्रेनवॉश कर चुका था।

शिक्षित युवाओं की बनाई कोर टीम

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने अपने आश्रम के संचालन और प्रचार-प्रसार के लिए लगभग 24 युवक-युवतियों की एक कोर टीम तैयार कर रखी थी। हैरानी की बात यह है कि इस टीम में बीटेक, एमटेक और एमबीए जैसे पेशेवर पाठ्यक्रमों की पढ़ाई कर चुके उच्च शिक्षित युवा शामिल थे। आरोप है कि ये लोग सोशल मीडिया पर वीडियो और रील्स बनाकर बाबा का प्रचार करते थे, जिससे अन्य लोग भी उसके संपर्क में आते थे।

खुद को भगवान कृष्ण का अवतार बताने का आरोप

पुलिस जांच में सामने आया है कि अभिषेक मिश्रा अपने अनुयायियों के बीच खुद को भगवान श्रीकृष्ण का अवतार बताता था। इसी धार्मिक प्रभाव और विश्वास का इस्तेमाल कर वह लोगों को अपने नियंत्रण में रखता था। आरोप है कि इसी प्रभाव के जरिए उसने कई युवतियों का यौन शोषण किया। जांच एजेंसियां इस पहलू की भी गहराई से पड़ताल कर रही हैं।

गंधर्व विवाह कराने के भी आरोप

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी पर कुछ युवक-युवतियों के बीच कथित रूप से गंधर्व विवाह कराने के आरोप भी लगे हैं। जांच के दौरान इस संबंध में भी कई जानकारियां सामने आई हैं, जिनकी पुष्टि के लिए पुलिस साक्ष्य जुटा रही है।

मां के साथ राधाकुंड आया, फिर बदल गई जिंदगी

रिपोर्ट्स के अनुसार, अभिषेक मिश्रा की मां एक सरकारी स्कूल में प्रधानाध्यापिका थीं। सेवानिवृत्ति के बाद वर्ष 2022 में वह भक्ति और साधना के उद्देश्य से मथुरा के राधाकुंड क्षेत्र में रहने लगीं।

इसी दौरान अभिषेक भी अपनी मां से मिलने आता-जाता रहा। धीरे-धीरे उसका झुकाव धार्मिक गतिविधियों की ओर बढ़ता गया और उसने आश्रम जीवन को अपना लिया। बाद में उसने खुद को आध्यात्मिक गुरु के रूप में स्थापित करने की कोशिश शुरू कर दी।

वायरल ऑडियो में मां की भावुक अपील

मामले के सामने आने के बाद एक कथित ऑडियो भी चर्चा में आया है। करीब 20 मिनट लंबे इस ऑडियो में अभिषेक की मां उसे समझाती और रोती हुई सुनाई देती हैं। ऑडियो में अभिषेक की मां बेटे से कथित तौर पर रो-रो कर गलत रास्ता छोड़ने की अपील करती हैं और कहती हैं कि उन्होंने उसे पढ़ाया-लिखाया और उसके लिए बड़े सपने देखे थे। दूसरी ओर अभिषेक खुद को भगवान श्रीकृष्ण का अवतार बताने की बात दोहराता सुनाई देता है। हालांकि इस वायरल हो रहे ऑडियो की पुष्टि पत्रिका न्यूज टीम नहीं करती है।

आरोपी ने सभी आरोपों को बताया झूठा

गिरफ्तारी के बाद अभिषेक मिश्रा उर्फ आदिकर्ता नारायण दास ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को खारिज किया है। उसका कहना है कि शिकायत करने वाली युवती से उसका कोई संबंध नहीं है और उसके खिलाफ लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं।

फिलहाल जेल में है आरोपी, जांच जारी

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। फिलहाल पुलिस मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है और उससे जुड़े लोगों से पूछताछ जारी है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में आने वाले दिनों में और भी अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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