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मेरठ गैंगरेप केस: पीड़िता के बहन बोली- ब्लीडिंग बहुत हो रही थी डॉक्टर ने खुद कहा… यह एक का काम नहीं, पुलिस ने शिकायत में करवाई फेरबदल

मेरठ गैंगरेप के मामले में बहन और भाई ने पुलिस के कार्रवाई पर कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। बहन ने कहा कि ब्लीडिंग बहुत हो रही थी। डॉक्टर ने खुद कहा कि यह किसी एक का काम नहीं है। हम झूठ क्यों बोलेंगे?

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मेरठ

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Mahendra Tiwari

Feb 01, 2026

फोटो सोर्स @hindipatrakar X account

फोटो सोर्स @hindipatrakar X account

मेरठ के एक गांव में 14 वर्षीय किशोरी की रेप के बाद हुई मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। परिजनों का आरोप है कि किशोरी के साथ सामूहिक रूप से 5 युवकों ने दुष्कर्म किया। लेकिन पुलिस ने मामले में केवल एक आरोपी को नामजद किया। परिवार का कहना है कि शिकायत बदली गई। और बाकी आरोपियों को बचाया जा रहा है। अब परिजन न्याय की गुहार लगा रहे हैं।

यह मामला मेरठ से करीब 30 किलोमीटर दूर महमूदपुर सिखेड़ा गांव का है। परिजनों के अनुसार 25 जनवरी की रात करीब तीन बजे किशोरी अपने घर से लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर एक युवक के घर गई थी। जिसे वह पहले से जानती थी। आरोप है कि वहां किशोरी के साथ 5 युवकों ने दुष्कर्म किया।

नाजुक हालत में आरोपी की मां पीड़िता को घर छोड़ गई

परिवार का कहना है कि घटना के बाद किशोरी को गंभीर हालत में छोड़ दिया गया। सुबह एक आरोपी की मां उसे सहारा देकर उसके घर तक लाई। उस समय किशोरी की हालत बेहद नाजुक थी। कपड़ों पर खून के निशान थे। और वह ठीक से बोल पाने की स्थिति में नहीं थी। परिजनों का आरोप है कि उसे नशीला पदार्थ पिलाया गया था।

घर पहुंचने पर किशोरी ने मां को बताई पूरी बात, उसके बाद खा लिया कीटनाशक

कुछ देर बाद जब किशोरी ने हिम्मत जुटाई तो उसने अपने साथ हुई घटना की जानकारी परिवार को दी। इसके बाद परिजन उसे लेकर आरोपी के घर पहुंचे। लेकिन वहां से सहयोग के बजाय अपमानजनक व्यवहार किया गया। परिवार का आरोप है कि इसी डर, सदमे और सामाजिक बदनामी की आशंका में किशोरी पूरी तरह टूट गई। घर लौटने के बाद किशोरी ने कीटनाशक पदार्थ का सेवन कर लिया। हालत बिगड़ने पर उसे तत्काल मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। 29 जनवरी को उसकी स्थिति गंभीर हो गई और उसे वेंटिलेटर पर रखा गया। डॉक्टरों के मुताबिक उसका तंत्रिका तंत्र प्रभावित हो चुका था।

अस्पताल में 30 जनवरी को ली अंतिम सांस

30 जनवरी की शाम इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। परिजनों का आरोप है कि घटना के अगले दिन थाने में शिकायत देने के बावजूद प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई। बाद में जब मामला दर्ज हुआ तो शिकायत में दर्ज कई नाम हटा दिए गए। परिवार का कहना है कि जबकि उन्होंने कई लोगों के नाम दिए थे। पुलिस ने केवल एक युवक को मुख्य आरोपी बनाया। मौत के बाद गांव में तनाव फैल गया। पुलिस ने पूरे गांव में भारी सुरक्षा व्यवस्था कर दी। प्रवेश मार्गों पर बैरिकेडिंग की गई और बाहरी लोगों की आवाजाही रोकी गई। परिजनों का यह भी आरोप है कि उनसे किसी से बात नहीं करने दी गई और मोबाइल फोन की जांच की जाती रही।

बहन बोली पांच लड़के थे सिर्फ एक को आरोपी बनाया गया

मेरी बहन सिर्फ 14 साल की थी। दरिंदगी करने वाले 5 लड़के थे। मगर पुलिस ने सिर्फ 1 लड़के को आरोपी बनाया। हम झूठ क्यों बोलेंगे। किसी को जानते नहीं, किसी से दुश्मनी नहीं। हमारी शिकायत भी बदलवा दी गई। सिर्फ बहन को इंसाफ दिलाना है।' रेप पीड़िता की बहन ये आरोप लगाते हुए रोने लगी। 25 जनवरी को रेप होने के बाद लड़की ने सल्फॉस खा लिया। 30 जनवरी को लड़की ने दम तोड़ दिया। परिवार ने हंगामा किया।

अब जानिए भाई का क्या कहना

भाई का कहना है कि बहन लहूलुहान हालत में मिली। वो इतने सदमे में थी कि खुद के बारे में सिर्फ टूटी-फूटी बातें कह पा रही थी। दर्द में थी। गांव में बेइज्जती का सोचकर उसने जान दे दी। ऐसे आरोपियों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए।

पुलिस का कहना है कि केस दर्ज कर सभी पहलुओं पर जांच की जा रही

इस पूरे मामले में पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है। और जांच जारी है। पुलिस का दावा है कि सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जा रही है। वहीं परिजन लगातार यह मांग कर रहे हैं कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और किशोरी को इंसाफ मिले।