
मुरैना. कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ के निर्देशों को अधिकारियों पर कोई असर नहीं हो रहा। नल जल योजना की समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि नल जल योजनाओं को हर हाल में चालू किया जाए लेकिन उसके बाद भी अंबाह अनुविभाग की लालपुरा पंचायत में न बोर किया है और न टंकी का निर्माण। लाखों रुपए खर्च होने के बाद भी गांव में सिर्फ पाइप लाइन ही डाली गई हैं, गांव की 2 हजार की आवादी पानी के लिए निजी बोरों के सहारे है।
जानकारी के अनुसार फरवरी 2022 में लालपुरा पंचायत के लिए नल जल योजना के ग्रामीणों को शुद्ध पेजयल मुहैया कराने हेतु ग्वालियर की फर्म मैंसर्स अनुराग दीक्षित के नाम 74.81 लाख का कार्यादेश हुआ था उक्त कार्य को ठेकेदार ने स्थानीय लोगों को पेटी कॉट्रेक्ट पर दे दिया, जिन्होंने काम के नाम पर मनमानी की और चार साल हो गए कागजों में योजना का काम पूरा करा दिया है लेकिन आज तक न बोर और न टंकी का निर्माण कराया गया है। गांव में सिर्फ पाइप लाइन बिछाकर प्लाष्टिक की लेजम हर घर के आगे निकालकर खुले में छोड़ दी है। इस योजना के शुभारंभ के समय जो सहायक यंत्री व उपयंत्री थे, वह सेवानिवृत्त हो चुके हैं और जिस अधिकारी को सहायक यंत्री का प्रभार मिला है, वह ग्वालियर से अपडाउन करते हैं, इसलिए वह यदा कदा ही क्षेत्र में पहुंचते हैं, उनको योजना के मॉनीटरिंग के लिए समय ही नहीं हैं।
निजी बोरों के सहारे ग्रामीण
लालपुरा के ग्रामीण पीने के पानी के लिए निजी बोर अथवा खेतों पर लगे बोरों के सहारे हैं। चूंकि गांव से ही सटी खेती है, इसलिए सिंचाई के लिए किए गए बोर से भी पीने के लिए पानी ले रहे हैं। जो संपन्न परिवार हैं, उन्होंने अपने घर पर निजी बोर करवा लिया, कुछ लोग मजबूरन सरकारी हैडपंप से पानी भर रहे हैं।
जितनी राशि मिली, उतना हो चुका है काम
लालपुरा में नल जल योजना का काम करने वाले पेटी कॉन्ट्रेक्टर राहुल सिंह ने बताया कि विभाग से जितनी राशि मिली थी, उतना काम हो चुका है, अब योजना रिवाइज के लिए भेजी है, जैसे और राशि स्वीकृत हो जाएगी, काम शुरू कर दिया जाएगा। यह योजना जिसके फर्म के नाम स्वीकृत हुई, उस फर्म के जिम्मेदार और विभागीय अधिकारियों की अनदेखी के चलते योजना का कार्य पिछले एक साल से बंद पड़ा है।
ये बोले ग्रामीण
गांव में न बोरिंग हुई है और न टंकी का निर्माण किया गया है, ठेकेदार ने सिर्फ पाइप लाइन बिछाकर ही काम पूरा कर दिया है। गांव में अगर निजी बोर न होते तो ग्रामीण प्यासे ही मर जाते।
छोटू सिंह तोमर, ग्रामीण
गांव में पेयजल योजना स्वीकृत हुई है, तब से आज तक मेंन ठेकेदार और अधिकारी दिखाई नहीं दिए हैं, पेटी कॉन्टे्रक्टर अपने मनमर्जी से काम कर रहे हैं।
मनोज शर्मा, ग्रामीण
ये बोले जिम्मेदार
गांव के लिए पेयजल योजना स्वीकृत हुई थी लेकिन वर्तमान में काम बंद पड़ा है। न तो बोर हुआ है और न टंकी का निर्माण कराया गया है। सिर्फ पाइप लाइन तक काम सिमटकर रह गया है।
प्रिया दिलीप सिंह तोमर, सरपंच, ग्राम पंचायत, लालपुरा
लाल पुरा में नल जल योजना काम अधूरा क्यों पड़ा है, पीएचई विभाग के अधिकारियों को मौके पर भेजकर वस्तु स्थिति को दिखवा लेते हैं, उसके बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।
रामनिवास सिकरवार, एसडीएम, अंबाह
Published on:
29 Jan 2026 04:12 pm
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