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फोन कॉल, फाइल और बदल गया अजित पवार का पूरा प्लान! विमान हादसे में चौंकाने वाला खुलासा

Ajit Pawar Death: पुणे जिले के बारामती में हवाई पट्टी के करीब 50 मिनट दूर ही 28 जनवरी को लियरजेट विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था जिसमें अजित पवार व चार अन्य लोगों की मौत हो गई थी।

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Ajit Pawar Plane Crash

अजित पवार का निधन (Photo: X/NCP/IANS)

महाराष्ट्र के दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान हादसे को लेकर अब एक चौंकाने वाला दावा सामने आया है। एनसीपी (NCP) के प्रदेश उपाध्यक्ष और उनके करीबी सहयोगी प्रमोद हिंदुराव ने शोकसभा में ऐसा बयान दिया है, जिसने सियासी हलकों में हलचल मचा दी है।

अजित पवार के करीबी प्रमोद हिंदुराव ने कहा कि अजित पवार पहले सड़क मार्ग से मुंबई से बारामती जाने वाले थे, लेकिन आखिरी वक्त में एक फोन कॉल आया और पूरा कार्यक्रम बदल गया। इसी बदलाव के बाद उन्होंने विमान से यात्रा करने का निर्णय लिया।

यह बयान पूर्व विधायक जगन्नाथ शिंदे द्वारा आयोजित शोकसभा में दिया गया, जहां बड़ी संख्या में समर्थक और नेता मौजूद थे।

‘फाइल’ के कारण विमान से की यात्रा

शोकसभा में बोलते हुए हिंदुराव ने कहा कि यात्रा से एक दिन पहले तक कार से जाने की तैयारी पूरी हो चुकी थी। बैग तक गाड़ी में रख दिए गए थे। तभी कथित तौर पर एक फोन कॉल आया। हिंदुराव ने कहा कि यह कॉल संभवतः प्रफुल्ल पटेल या किसी अन्य व्यक्ति का था।

उन्होंने बताया कि मंत्रालय की एक महत्वपूर्ण फाइल क्लियर करने की बात कही गई थी। इसके बाद अजित पवार ने अपने सचिव को जरूरी कागजात लाने के लिए कहा। कागजात आने में देर हो गई और रात काफी हो चुकी थी। इसी वजह से अजित पवार ने अगले दिन सड़क मार्ग के बजाय विमान से जाने का निर्णय लिया। हालांकि, यह फोन किसका था, इस पर अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

क्या प्रफुल पटेल का था फोन?

प्रमोद हिंदुराव ने कहा, "कार्यालय से मुझे अजित पवार का हर दिन का कार्यक्रम मिलता था। जिस दिन (28 जनवरी) उन्हें जाना था, उससे एक दिन पहले उन्होंने सड़क मार्ग से जाने की तैयारी कर ली थी। सारा सामान गाड़ी में रख दिया गया था। तभी प्रफुल पटेल साहब या किसी और का उन्हें फोन आया। फोन पर बताया गया कि उनका मंत्रालय में कुछ काम है और एक जरुरी फाइल क्लियर करवानी है।"

हिंदुराव के मुताबिक, अजित पवार ने तुरंत अपने सेक्रेटरी को फोन कर दस्तावेज लाने को कहा, क्योंकि वे अगले एक हफ्ते तक चुनाव के लिए बाहर रहने वाले थे। फाइलें देर रात 7:30-8 बजे तक आईं, जिसके बाद अजित दादा ने ड्राइवर को गाड़ी से सामान निकालने को कहा। काम करते-करते काफी देर हो गई, और अजित दादा ने सड़क मार्ग की बजाय अगले दिन विमान से जाने का फैसला किया। इसी के बाद वो दुखद हादसा हुआ।

अंगरक्षक को लेकर ये कहा

इस दौरान हिंदुराव ने एक भावुक प्रसंग भी साझा किया। उन्होंने कहा कि अजित पवार के अंगरक्षक विदिप जाधव कभी भी विमान में उनके ठीक बगल में नहीं बैठे थे। उस दिन पहली बार जाधव उनके साथ बैठे और एक फोटो मोबाइल से खींची। उन्होंने वह तस्वीर अपने परिवार को भेजी। वही तस्वीर उनकी आखिरी तस्वीर साबित हुई।

सियासी गलियारों में बढ़ी हलचल

प्रमोद हिंदुराव के बयान में प्रफुल्ल पटेल का नाम आने के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

हादसे की जांच जारी है और सरकार की ओर से पहले ही कहा जा चुका है कि अंतिम निष्कर्ष रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी। फिलहाल, अजित दादा के आखिरी समय में बदले गए यात्रा कार्यक्रम और फाइल के जिक्र ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

जांच पूरी होने दें- CM फडणवीस

इस घटना को लेकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को कहा था कि अजित पवार के विमान हादसे की जांच नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) कर रहा है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच पूरी होने का इंतजार किया जाना चाहिए। फडणवीस ने कहा कि विमान का ब्लैक बॉक्स बरामद कर लिया गया है और सभी पहलुओं से जांच शुरू हो चुकी है।

अजित पवार के भतीजे और विधायक रोहित पवार ने मंगलवार को विमान दुर्घटना से पहले की घटनाओं के क्रम को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए थे और मामले की व्यापक जांच की मांग की थी। एनसीपी शरद गुट के विधायक रोहित पवार ने हादसे के पीछे गहरी साजिश की ओर इशारा किया है।

हालांकि अब सबकी नजर जांच एजेंसियों की रिपोर्ट पर है, जो यह बताएगी कि अजित पवार का विमान क्रैश होना महज हादसा था या इसके पीछे कोई और कारण छिपा है।

राजद के कई बड़े नेता और तेजश्री यादव की पत्नी ने कहा था कि बिहार में खेल होना अभी बाकि है। ऐसा होने के डर से ही नीतीश कुमार ने अपने विधायकों को फ्लोर टेस्ट से पहले विधानसभा के नजदीक चाणक्य होटल में रात को रुकवाया।

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लव सोनकर

लव सोनकर

लव सोनकर - 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई संस्थानों में अपना योगदान दि है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता ए...और पढ़ें...


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