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BJP का मास्टरस्ट्रोक, उद्धव सेना को दिया बड़ा ऑफर, चंद्रपुर मेयर चुनाव में कांग्रेस की टेंशन बढ़ी

वर्तमान स्थिति को देखते हुए उद्धव ठाकरे की शिवसेना 'किंगमेकर' की भूमिका में है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल उद्धव गुट को साधने में जुटे हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि ठाकरे की सेना भाजपा के साथ पुराना गठबंधन दोहराती है या कांग्रेस के साथ जाकर नया समीकरण बनाती है।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

Feb 09, 2026

Uddhav Thackeray Meets Devendra Fadnavis

उद्धव ठाकरे ने सीएम फडणवीस (Photo: IANS/File)

महाराष्ट्र के चंद्रपुर महानगरपालिका (Chandrapur Municipal Election 2026) का सत्ता संघर्ष अब अपने सबसे दिलचस्प मोड़ पर आ गया है। चुनाव परिणामों में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत न मिलने के कारण सत्ता की चाबी अब छोटे दलों के पास है। इसी बीच खबर आ रही है कि भाजपा (BJP) ने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) को साथ आने के लिए बड़ा ऑफर दिया है। इस मास्टरस्ट्रोक ने सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी कांग्रेस की नींद उड़ा दी है।

मेयर पद को लेकर भाजपा का ऑफर

भाजपा के गठबंधन प्रस्ताव से सबसे ज्यादा बेचैनी कांग्रेस के खेमे में देखी जा रही है, जो सबसे ज्यादा सीटें जीतने के बावजूद सत्ता से दूर नजर आ रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भाजपा ने शिवसेना (UBT) के सामने मेयर पद को सवा-सवा साल के लिए आपस में बांटने का प्रस्ताव रखा है। इसके साथ ही, भाजपा ने 5 साल के कार्यकाल में से 2 साल के लिए स्थायी समिति अध्यक्ष पद और उप-मेयर का पद भी शिवसेना (UBT) को देने की पेशकश की है। हालांकि, भाजपा की एक महत्वपूर्ण शर्त यह है कि पहले मेयर उनकी पार्टी का ही होगा। अगर शिवसेना इस पर सहमत नहीं होती, तो भाजपा विपक्ष में बैठने के लिए भी तैयार है।

कांग्रेस की अंदरूनी कलह से बढ़ी मुसीबत

सबसे ज्यादा 27 सीटें जीतने के बावजूद चंद्रपुर में कांग्रेस के लिए सत्ता की राह आसान नहीं दिख रही है। पार्टी के भीतर विजय वडेट्टीवार और प्रतिभा धानोरकर गुटों के बीच जारी खींचतान का फायदा भाजपा उठाना चाहती है। हालांकि कांग्रेस ने भी शिवसेना (UBT) को ढाई साल के लिए मेयर पद का ऑफर दिया है, लेकिन भाजपा द्वारा पदों के स्पष्ट बंटवारे और आक्रामक रणनीति ने कांग्रेस खेमे में हलचल पैदा कर दी है।

उद्धव सेना बनी किंगमेकर?

इस पूरे सत्ता संघर्ष में उद्धव ठाकरे की शिवसेना की भूमिका बेहद निर्णायक हो गई है। दोनों प्रमुख दलों से प्रस्ताव मिलने के बाद शिवसेना उद्धव गुट अब ‘किंगमेकर’ की भूमिका में नजर आ रही है। अगर वह बीजेपी के साथ जाती है तो चंद्रपुर की राजनीतिक तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है, वहीं कांग्रेस के साथ जाने पर सत्ता का समीकरण अलग दिशा ले सकता है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि शिवसेना (UBT) किसके साथ सत्ता का हाथ थामती है।

चंद्रपुर महानगरपालिका में कुल 66 नगरसेवक (पार्षद) हैं। इनमें कांग्रेस के 27, कांग्रेस समर्थित जनविकास सेना के 3, भाजपा के 23, शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के 6, वंचित बहुजन आघाड़ी के 2, बसपा का 1, शिवसेना (शिंदे गुट) का 1, 2 निर्दलीय और एमआईएम का 1 नगरसेवक शामिल है।