18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

icon

वीडियो

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

BMC चुनाव में हार के बाद कांग्रेस में कलह, बड़े नेता ने मुंबई प्रमुख से मांगा इस्तीफा, मचा हड़कंप

मुंबई के बीएमसी चुनाव में कांग्रेस की करारी हार के बाद कलह शुरू हो गई है। कांग्रेस एमएलसी भाई जगताप ने मुंबई कांग्रेस की अध्यक्ष वर्षा गायकवाड़ का इस्तीफा मांगा है।

2 min read
Google source verification

मुंबई

image

Dinesh Dubey

Jan 18, 2026

Mumbai Congress BMC Election

BMC चुनाव के बाद कांग्रेस में रार (Photo: IANS)

मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव में करारी हार के बाद कांग्रेस की मुंबई इकाई में घमासान शुरू हो गया है। 227 वार्डों वाली बीएमसी में कांग्रेस को सिर्फ 24 पर जीत मिली, जिसके बाद संगठन के भीतर नेतृत्व और रणनीति को लेकर सवाल उठने लगे हैं। इसी बीच पार्टी की अंदरूनी कलह अब खुलकर सामने आ गई है। वहीं, पीएम मोदी ने कहा, जिस मुंबई शहर में कांग्रेस का जन्म हुआ था, वहां आज वो चौथे-पांचवें नंबर की पार्टी बन गई है। उनकी नकारात्मक राजनीति को जनता ने नकार दिया है।

मुंबई कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भाई जगताप ने मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष वर्षा गायकवाड़ से इस्तीफे की मांग कर दी। एमएलसी भाई जगताप के इस बयान के बाद पार्टी नेतृत्व ने सख्त रुख अपनाया है। कांग्रेस की ओर से उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए सात दिनों के भीतर जवाब मांगा गया है।

कांग्रेस नेतृत्व ने भाई जगताप के सार्वजनिक बयानों को अनुशासनहीनता माना है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के सचिव यूबी वेंकटेश ने जगताप को कारण बताओ नोटिस जारी कर 7 दिनों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण मांगा है।

नोटिस के मुताबिक, मुंबई रीजनल कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग से जुड़ा उनका बयान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के जरिए बड़े पैमाने पर प्रसारित हुआ, जो इंडियन नेशनल कांग्रेस के स्थापित नियमों, अनुशासन और नैतिक ढांचे के खिलाफ है।

नोटिस में यह भी साफ किया गया है कि संगठन के कामकाज, नेतृत्व और अंदरूनी मतभेदों से जुड़े मुद्दे पार्टी के आंतरिक फोरम में उठाए जाने चाहिए, न कि मीडिया या सार्वजनिक मंचों पर। इस तरह के बयान पार्टी की सामूहिक नेतृत्व प्रणाली को कमजोर करते हैं और संगठन की छवि को नुकसान पहुंचाते हैं। साथ ही, ऐसे समय में जब पार्टी को एकता और संगठनात्मक मजबूती की सबसे ज्यादा जरूरत है, इस तरह का व्यवहार भ्रम और अनुशासनहीनता को बढ़ावा देता है।

बता दें कि बीएमसी चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन अब तक के सबसे निचले स्तर पर रहा है। 2017 में 31 वार्डों में जीतने वाली कांग्रेस इस बार केवल 24 पर सिमट गई।

जगताप ने हार के लिए वर्षा गायकवाड़ के नेतृत्व और टिकट बंटवारे में हुई कथित गड़बड़ियों को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने मांग की थी कि गायकवाड़ को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ देना चाहिए।

यदि भाई जगताप 7 दिनों के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं देते हैं, तो कांग्रेस अनुशासन समिति उनके खिलाफ निलंबन जैसी कड़ी कार्रवाई कर सकती है। फिलहाल, मुंबई कांग्रेस दो गुटों में बंटी नजर आ रही है, जिसका सीधा फायदा सत्ताधारी महायुति को मिलना तय है।

पीएम मोदी ने कसा तंज

मुंबई के बीएमसी चुनाव में कांग्रेस के खराब प्रदर्शन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी चुटकी ली है। असम में एक जनसभा के दौरान उन्होंने कहा, “दो दिन पहले ही महाराष्ट्र के बड़े शहरों में मेयर और पार्षदों के चुनाव परिणाम आए हैं। वहां की जनता ने पहली बार भाजपा को रिकॉर्ड जनादेश दिया है। दूसरी ओर कांग्रेस की नकारात्मक राजनीति को देश की जनता लगातार नकार रही है। जिस कांग्रेस का जन्म मुंबई में हुआ था, आज वही कांग्रेस शहर में चौथे या पांचवें स्थान पर है... जिस महाराष्ट्र पर कांग्रेस ने सालों तक शासन किया, वहां कांग्रेस पूरी तरह से सिमट गई है। कांग्रेस ने देश का भरोसा खो दिया है क्योंकि उसके पास विकास का कोई एजेंडा नहीं है।"