
जगह- सरधना थाना क्षेत्र। दिन- मंगलवार। रात का सन्नाटा गहरा था। कांवड़ पटरी मार्ग पर स्ट्रीट लाइटों की मध्यम रोशनी के बीच सन्नाटे को चीरती हुई एक बाइक मुजफ्फरगर की ओर तेजी से बढ़ रही थी। बाइक पर सवार थे दो भाई-शुऐब और शाहवेज। उनके चेहरे पर थकान नहीं, बल्कि पिता को खोने का वो दर्द था जो उन्हें जयपुर से मुजफ्फनगर तक सैकड़ों किलोमीटर तक सफर तय करने की हिम्मत दे रहा था।
अचानक से पीछे से एक भारी इंजन की गरज सुनाई दी। एक तेज रफ्तार ट्रक काल बनक उनकी बाइक के बिल्कुल करीब आ गया। इससे पहले शुऐब और शाहवेज कुछ समझ पाते एक जोरदार 'धमाका' हुआ। ट्रक ने बाइक में ऐसी टक्कर मारी की परखच्चे उड़ गए।
एक राहगीर के मुताबिक, धमाका इतना तेज था कि जगा जैसे कोई बम फटा हो। शोर सुनकर मौके पर लोग इकट्ठा हो गए। घटना स्थल पर जाकर देखा तो सड़क पर खून फैला था। बाइक सवार एक युवक कराह रहा था, जबकि दूसरा शांत पड़ा था। कुछ ही मिनटों में पहुंची पुलिस ने दोनों को एंबुलेंस से अस्पताल भिजवाया।
पुलिस के मुताबिक, दोनों घायलों को उपचार के लिए सीएचसी में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने शोएब को मृत घोषित कर दिया। वहीं, शाहवेज का प्राथमिक उपचार के बाद रेफर कर दिया गया।
मुजफ्फरनगर के सरवट गांव का शोएब अपने बड़े भाई शाहवेज के साथ जयपुर में सोफा बनाने का काम करता था। मंगलवार रात 10 बजे दोनों भाइयों को पिता मोहम्मद हनीफ की मौत की सूचना मिली। पिता के निधन की खबर सुनते ही दोनों भाई बदहवास हो गए। जनाजे में शामिल होने के लिए दोनों देर रात करीब 12 बजे बाइक से मुजफ्फरनगर के लिए निकल गए। बाइक शोएब चला रहा था। बुधवार सुबह सरधना थाना क्षेत्र में कांवड़ मार्ग पर छोटी मंढियाई गांव के पास तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर लगते ही दोनों भाई हवा में उछलकर सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। इस दौरान शोएब को कुचलते हुए आरोपी ट्रक चालक फरार हो गया। राहगीरों ने पुलिस को घटना की सूचना दी। इस दौरान आरोपी पुलिस ने दोनों घायलों को उपचार के लिए सीएचसी में भर्ती कराया, जहां चिकित्सकों ने शोएब को मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने बाइक कब्जे में ले ली। परिजनों ने अज्ञात ट्रक चालक के खिलाफ तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। सीओ सरधना आशुतोष कुमार ने बताया कि तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। जल्द आरोपी ट्रक चालक की पहचान कर उसे गिरफ्तार किया जाएगा।
शाम को पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही शुऐब का शव मोहल्ला सरवट पहुंचा, माहौल गमगीन हो गया। घर में पहले से ही पिता मोहम्मद हनीफ का पार्थिव शरीर रखा था और अब एक साथ दो जनाजे उठने की तैयारी होने लगी। यह दृश्य देखकर हर आंख नम हो गई। लोग बस यही कह रहे थे— किस्मत कितनी बेरहम निकली, जो पिता के आखिरी दीदार के लिए घर लौट रहा बेटा रास्ते में ही जिंदगी की जंग हार गया।
Updated on:
05 Feb 2026 10:19 am
Published on:
05 Feb 2026 10:17 am
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