
Anurag Dhanda
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने फरीदाबाद से सामने आई अमानवीय घटना पर गहरा आक्रोश जताते हुए कहा कि यह दृश्य हरियाणा की भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की संवेदनहीन सोच का आईना है। सिविल अस्पताल में इलाज के दौरान एक गरीब मजदूर की पत्नी की मौत हो गई, लेकिन सरकारी एंबुलेंस न मिलने पर परिवार को महिला का शव सब्जी बेचने वाले ठेले पर गांव तक ले जाना पड़ा। सबसे दर्दनाक तस्वीर यह थी कि 12 साल का बेटा ठेले पर रखी अपनी मां की लाश को कपड़े से ढकता रहा। यह कोई तस्वीर नहीं, बल्कि भाजपा सरकार की असफल स्वास्थ्य व्यवस्था की हकीकत है।
अनुराग ढांडा ने कहा कि जिस राज्य में सरकार बड़े-बड़े दावे और विज्ञापन करती है, वहां गरीब आदमी को अपनी पत्नी का शव ठेले पर ले जाना पड़े, इससे बड़ी शर्म की बात और क्या हो सकती है। सिविल अस्पताल के डॉक्टरों का यह कहना कि 'डेडबॉडी ले जाने की कोई व्यवस्था नहीं है। सीधे-सीधे सरकार की नाकामी और गैर-जिम्मेदारी को उजागर करता है। इलाज में परिवार के सारे पैसे खर्च हो चुके थे, प्राइवेट एंबुलेंस ने 700 रुपये मांगे, जो देने की स्थिति में परिजन नहीं थे। यह भाजपा शासन में गरीब की मजबूरी और बेबसी की कहानी है।
उन्होंने कहा कि मौत के बाद भी इस परिवार को चैन नहीं मिला। श्मशान घाट में अंतिम संस्कार के लिए 5,500 रुपये मांगे गए, जिसके लिए परिजनों को फिर से लोगों से चंदा इकट्ठा करना पड़ा। सवाल यह है कि क्या हरियाणा में गरीब की जिंदगी के साथ-साथ उसकी मौत भी सरकार के लिए बोझ है? क्या मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को ऐसे परिवारों की पीड़ा दिखाई नहीं देती, या फिर सत्ता की कुर्सी में बैठकर संवेदनाएं खत्म हो चुकी हैं?
अनुराग ढांडा ने कहा कि सरकारी आंकड़े खुद साबित करते हैं कि हरियाणा की स्वास्थ्य व्यवस्था कैसे भगवान भरोसे चल रही है। स्वास्थ्य विभाग में हजारों पद खाली पड़े हैं, नर्सों और डॉक्टरों की भारी कमी है, जिसके कारण अस्पतालों में एक नर्स पर कई-कई मरीजों का बोझ है। बेड की इतनी कमी है कि मरीजों को बेड शेयर करने पड़ रहे हैं। एंबुलेंस की हालत भी जर्जर है, कई जिलों में पुरानी और खराब एंबुलेंस खड़ी हैं या चलने लायक नहीं हैं। 2.8 करोड़ की आबादी वाले राज्य में स्वास्थ्य सुविधाएं नाम मात्र की रह गई हैं।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा सरकार कागजों में अस्पताल और मेडिकल कॉलेज बनाकर वाहवाही लूट रही है, जबकि जमीनी हकीकत यह है कि गरीब आदमी को इलाज भी नहीं मिल रहा और मौत के बाद सम्मान भी नहीं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को प्रदेश की जनता की कोई फिक्र नहीं है, तभी ऐसी घटनाएं बार-बार सामने आ रही हैं और सरकार केवल चुप्पी साधे बैठी है।
Updated on:
31 Jan 2026 09:01 pm
Published on:
31 Jan 2026 08:55 pm
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