
प्रिंस एंड्रयू एपस्टीन स्कैंडल। ( फोटो: X Handle)
अमेरिकी न्याय विभाग ने यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन से संबंधित हजारों दस्तावेज अपनी वेबसाइट से हटा दिए हैं। यह कार्रवाई उन रिपोर्टों के बाद की गई, जिनके अनुसार फाइलों में पीड़ितों के नाम, ईमेल पते और नग्न तस्वीरें शामिल थीं, जिससे लगभग 100 से अधिक जीवित पीड़ितों की निजता का उल्लंघन हुआ।
विभाग ने इसे 'तकनीकी या मानवीय त्रुटि' बताते हुए फाइलों को दोबारा संपादित करने के लिए हटाया है। कानूनन, पीड़ितों की पहचान करने वाली जानकारी, हिंसक तस्वीरें या बाल यौन शोषण सामग्री को हटाना अनिवार्य है। गौरतलब है कि न्याय विभाग अभी भी सैकड़ों-हजारों पन्नों की समीक्षा कर रहा है।
उधर, एपस्टीन फाइलों के नए बैच में प्रिंस एंड्रयू का नाम प्रमुखता से सामने आने के बाद तनावपूर्ण माहौल में एंड्रयू को रॉयल लॉज छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा। एंड्रयू माउंटबेटन-विंडसर विंडसर स्थित अपने घर से निकलकर नॉरफॉक के सैंड्रिंघम एस्टेट स्थित वुड फार्म में रह रहे हैं, जबकि उनके स्थायी घर का नवीनीकरण चल रहा है।
इसके पूर्व बकिंघम पैलेस ने कहा था कि यह कदम 2026 की शुरुआत में उठाया जाएगा, लेकिन जेफरी एपस्टीन से संबंधित फाइलों के हालिया खुलासे के बाद उत्पन्न हुए विवाद ने उनकी निकासी को गति दे दी है। उन्हें गोपनीय रूप से सैंड्रिंघम ले जाया गया। गौरतलब है कि इसके पूर्व एंड्रयू से उनकी सैन्य उपाधियां वापस ले ली गई थीं और उन्होंने सार्वजनिक कर्तव्यों से किनारा कर लिया था।
मेलिंडा फ्रेंच गेट्स ने कहा है कि उनके पूर्व पति, माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स का नाम यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन की फाइलों में होने और उनको गुप्त रोग होने की जानकारी सामने आने से उनके वैवाहिक जीवन के दर्दनाक पल फिर से ताजा हो गए हैं। उन्होंने कहा, मैं इन सब झंझटों से दूर होकर बहुत खुश हूं।
Published on:
05 Feb 2026 06:32 am
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