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अल-फलाह विश्वविद्यालय के चेयरमैन जावेद सिद्दीकी गिरफ्तार, जानें क्या है पूरा मामला

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, UGC की शिकायत के बाद क्राइम ब्रांच ने सिद्दीकी के खिलाफ धोखाधड़ी, दस्तावेजों की हेराफेरी और अन्य गंभीर आरोपों में दो अलग-अलग मामले दर्ज किए।

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भारत

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Ashib Khan

Feb 05, 2026

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अल फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन को किया गिरफ्तार (Photo-IANS)

Al Falah University Chairman Arrested: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने अल फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जावेद अहमद सिद्दीकी को कथित धोखाधड़ी और गंभीर अनियमितताओं के मामले में गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की ओर से दर्ज कराई गई शिकायतों के आधार पर की गई है। मामले में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई थीं।

कोर्ट में किया गया पेश

गिरफ्तारी के बाद सिद्दीकी को दिल्ली की एक अदालत में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने क्राइम ब्रांच को 4 दिन की पुलिस रिमांड दी है। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आने की संभावना है।

UGC की शिकायत पर दर्ज हुई दो FIR

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, UGC की शिकायत के बाद क्राइम ब्रांच ने सिद्दीकी के खिलाफ धोखाधड़ी, दस्तावेजों की हेराफेरी और अन्य गंभीर आरोपों में दो अलग-अलग मामले दर्ज किए। आरोप है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा और रिकॉर्ड में हेरफेर किया गया।

इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी इस मामले में कार्रवाई कर चुका है। अब ED द्वारा यूनिवर्सिटी की फंडिंग, वित्तीय लेन-देन और मेडिकल स्टाफ से जुड़े ट्रांजैक्शंस की भी जांच की जा रही है।

पहले भी विवादों में रही यूनिवर्सिटी

अल फला यूनिवर्सिटी पहले भी राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आ चुकी है। जांच में सामने आया था कि दिल्ली के लाल किला के पास ब्लास्ट केस में दोषी करार दिए गए डॉ. उमर नबी, जिसमें 13 लोगों की मौत हुई थी, यूनिवर्सिटी में कार्यरत थे।

इसके अलावा उनके दो सहयोगी डॉ. मुजम्मिल शकील और डॉ. शाहीन शाहिद भी संस्थान से जुड़े पाए गए थे, जिन्हें जांच एजेंसियों ने एक कथित “व्हाइट कॉलर टेरर नेटवर्क” से जोड़ा था।

NAAC नोटिस के बाद वेबसाइट ऑफलाइन

नवंबर 2024 में NAAC (नेशनल असेसमेंट एंड एक्रेडिटेशन काउंसिल) ने यूनिवर्सिटी को फर्जी एक्रेडिटेशन दावे को लेकर शो-कॉज नोटिस जारी किया था। इसके बाद यूनिवर्सिटी की वेबसाइट को ऑफलाइन कर दिया गया था। अब ED ने भी स्पष्ट किया है कि वह यूनिवर्सिटी से जुड़े वित्तीय स्रोतों, संदिग्ध फंडिंग और ट्रांजैक्शंस की गहन जांच करेगी।