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बेटे के प्यार की सजा मां को मिली! कपड़े उतारकर गांव में घुमाया, अब कोर्ट ने 12 दोषियों को सुनाई ये सजा

बेलगावी कोर्ट फैसला: कर्नाटक के बेलगावी जिले के वंटामुरी गांव में दिसंबर 2023 में एक दलित महिला को निर्वस्त्र कर घुमाने और बिजली के खंभे से बांधकर पीटने के मामले में अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है।

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फाइल फोटो

karnataka News: कर्नाटक के बेलगावी जिले के वंटामुरी गांव में 10 दिसंबर 2023 को एक 42 वर्षीय दलित महिला के साथ हुई अमानवीय घटना में बुधवार को स्थानीय अदालत ने 12 लोगों को दोषी करार दिया। 10वें अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय के जज एच. एस. मंजूनाथ ने सभी 12 आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की 12 धाराओं के तहत दोषी ठहराया और प्रत्येक को पांच साल की कड़ी कैद तथा हर धारा के तहत 1,000 रुपये का जुर्माना सुनाया।

घर से घसीटा, निर्वस्त्र किया, बिजली खंभे से बांधा

घटना के अनुसार, महिला के बेटे के एक गांव की लड़की के साथ भाग जाने के कारण लड़की के परिवार ने बदला लेने के लिए महिला पर हमला किया। आरोपियों ने उसे उसके घर से घसीटकर बाहर निकाला, उसके कपड़े उतारे, गांव में घुमाया, फिर एक बिजली के खंभे से बांधकर मारपीट की। यह सब इसलिए किया गया ताकि महिला और उसके परिवार को सबक सिखाया जा सके।

दोषियों के नाम:

  • बसप्पा नायका,
  • राजू नायका,
  • केम्पन्ना नायका,
  • पार्वती नायका,
  • यल्लव्वा नायका,
  • लक्कप्पा नायका,
  • गंगव्वा,
  • संगीता हेगनायका,
  • संतोष नायका,
  • शोभा नायका,
  • लक्कव्वा नायका और
  • शिवप्पा वन्नूर

फैसला सुनाए जाने के बाद कोर्ट परिसर में दोषियों के परिवार वाले बड़ी संख्या में जमा हो गए। कई लोग रोने लगे, जबकि कोर्टरूम में आरोपी भी भावुक होकर फूट-फूटकर रो पड़े।

“द्रौपदी के पास कृष्ण थे, इस महिला के पास कोई नहीं”

कर्नाटक हाई कोर्ट ने इस घटना पर स्वतः संज्ञान लिया और इसे बेहद गंभीर मानते हुए जनहित याचिका दर्ज की। तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश पी. बी. वराले और न्यायमूर्ति कृष्णा एस. दीक्षित की बेंच ने कहा, 'सोचिए ऐसी घटना से अन्य महिलाओं में कितना डर पैदा होगा। वे खुद को असुरक्षित महसूस करेंगी। महाभारत में भी द्रौपदी के साथ ऐसा नहीं हुआ था। वहां भगवान कृष्ण ने उनकी रक्षा की, लेकिन आधुनिक समय में इस महिला की मदद के लिए कोई नहीं आया। दुर्भाग्य से यह दुर्योधनों और दुशासनों की दुनिया है। कोर्ट ने पुलिस की नाकामी पर भी राज्य सरकार की कड़ी आलोचना की और कहा कि ऐसी घटनाएं रोकने में प्रशासन पूरी तरह विफल रहा।

बहादुरी दिखाने वालों को सम्मान, पीड़िता को 2 एकड़ जमीन

घटना के दौरान कुछ ग्रामीणों और पुलिसकर्मियों ने बहादुरी दिखाई। पीएसआई मंजूनाथ हुलकुंडा समेत छह पुलिसकर्मियों को कर्नाटक पुलिस ने सम्मानित किया। राज्य सरकार ने पीड़िता को दो एकड़ जमीन आवंटित की।